क्या अब इंटरनेट पर फ्री में TV नहीं देख पाएंगे, नए नियम लाने की तैयारी में TRAI?
TRAI ने इंटरनेट के जरिए फ्री में TV चैनल दिखाने वाले ऐप्स को लेकर नए नियमों की सिफारिश की है। नए नियम में क्या होगा, जानिए पूरी बात?

सांकेतिक तस्वीर, Photo Credit-ChatGPT
टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) ने इंटरनेट के जरिए फ्री में टीवी चैनल दिखाने वाले ऐप्स को लेकर नए नियमों की सिफारिश की है। नए नियम के तहत ऐसे ऐप्स को सरकारी मंजूरी लेनी पड़ सकती है। इसके लिए स्मार्ट टीवी बनाने वाली कंपनियों और ऐप स्टोर पर भी कुछ जिम्मेदारियां तय करने का प्रस्ताव है।
ऐसे में सवाल उठता है कि क्या अब इंटरनेट पर फ्री में टीवी देखना बंद हो जाएगा? TRAI आखिर ये नियम क्यों लाना चाहता है और इसका आम दर्शकों पर क्या असर पड़ेगा? आइए समझते हैं पूरी बात
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क्या है पूरा मामला?
देश में टीवी देखने का तरीका तेजी से बदल रहा है। पहले ज्यादातर लोग केबल या DTH कनेक्शन के जरिए टीवी देखते थे लेकिन अब स्मार्ट टीवी और मोबाइल पर इंटरनेट के जरिए भी लाइव टीवी चैनल देखे जा सकते हैं। ऐसे कई ऐप हैं, जिनके जरिए दर्शक इंटरनेट पर टीवी चैनल देखते हैं। इनमें कुछ सेवाएं मुफ्त हैं, जबकि कुछ के लिए पैसे देने पड़ते हैं।
दिक्कत यह है कि केबल और DTH कंपनियों को टीवी चैनल दिखाने के लिए लाइसेंस और कई नियमों का पालन करना पड़ता है। वहीं, इंटरनेट के जरिए लाइव टीवी दिखाने वाले कई ऐप्स के लिए ऐसी ही व्यवस्था लागू नहीं है। इस असमानता को लेकर DTH कंपनियों की शिकायत थी। इसी अंतर को दूर करने के लिए TRAI ने इंटरनेट आधारित लाइव टीवी सेवाओं को भी नियमों के दायरे में लाने की सिफारिश की है।
TRAI की सिफारिशें
TRAI ने इंटरनेट के जरिए लाइव टीवी चैनल दिखाने वाले ऐप्स के लिए ALTD (एग्रीगेशन ऑफ लीनियर टेलीविजन डिस्ट्रीब्यूशन) सर्विस शुरू करने का प्रस्ताव दिया है। इसके तहत ऐसे ऐप्स को केंद्र सरकार से अनुमति लेनी पड़ सकती है। इन सिफारिशों का मकसद इंटरनेट के जरिए लाइव टीवी दिखाने वाली सेवाओं के लिए एक समान नियम बनाना और इस क्षेत्र को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाना है। क्या हैं इससे जुड़ी प्रमुख सिफारिशें, आगे पढ़ें
1- नई कैटेगरी बनेगी: इंटरनेट के जरिए लाइव टीवी चैनल दिखाने वाले ऐप्स को ALTD सर्विस की कैटेगरी में रखा जाएगा। इसे टेलीकम्युनिकेशंस एक्ट, 2023 के तहत शामिल करने का प्रस्ताव है।
2- सरकारी मंजूरी जरूरी: ऐसे ऐप्स चलाने वाली कंपनियों को केंद्र सरकार से अनुमति लेनी होगी। इसके लिए ऑनलाइन पोर्टल बनाया जाएगा, जहां आवेदन, चैनल रजिस्ट्रेशन और जरूरी जानकारी जमा करने की सुविधा होगी।
3- 20 साल की शुरुआती अनुमति: कंपनियों को शुरुआत में 20 साल के लिए अनुमति देने का प्रस्ताव है। इसके बाद इसे हर बार 10 साल के लिए बढ़ाया जा सकेगा।
4- कितनी फीस देनी होगी: आवेदन की प्रोसेसिंग फीस 10 हजार रुपये और एक बार की एंट्री फीस 1 लाख रुपये रखने की सिफारिश की गई है। इसके अलावा कोई सालाना लाइसेंस फीस, बैंक गारंटी या सिक्योरिटी डिपॉजिट नहीं देना होगा।
5- स्मार्ट टीवी कंपनियों की जिम्मेदारी: स्मार्ट टीवी बनाने वाली कंपनियों और ऑपरेटिंग सिस्टम (OS) उपलब्ध कराने वाली कंपनियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके डिवाइस और ऐप स्टोर पर केवल सरकार से मंजूरी प्राप्त ALTD ऐप ही उपलब्ध हों। उन्हें हर साल सरकार को इसकी रिपोर्ट भी देनी होगी।
6- इंटरनेट पर बने टीवी चैनलों का रजिस्ट्रेशन: जो टीवी चैनल केवल इंटरनेट के लिए शुरू किए गए हैं, उनके रजिस्ट्रेशन के लिए भी आसान व्यवस्था बनाने का प्रस्ताव है।
7- सिर्फ मंजूर चैनल दिखा सकेंगे: इन ऐप्स पर केवल उन्हीं टीवी चैनलों को दिखाने की अनुमति होगी, जिन्हें केंद्र सरकार से वैध मंजूरी या रजिस्ट्रेशन मिला होगा।
8- शिकायतों का समाधान: ऐप चलाने वाली कंपनी दर्शकों की शिकायत सुनने और उनका समाधान करने के लिए जिम्मेदार होगी।
9- टीवी दर्शकों की संख्या का रिकॉर्ड: इन ऐप्स पर कौन-सा चैनल कितने लोग देख रहे हैं, इसका आंकड़ा भी टीवी रेटिंग सिस्टम में शामिल करने का प्रस्ताव है। ऐप कंपनियां तय नियमों के तहत दर्शकों की पहचान छिपाकर यह जानकारी जारी कर सकेंगी।
10- सरकार बनाएगी ऐप्स की सूची: सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MIB) सभी मंजूर ALTD ऐप्स का एक मास्टर रिकॉर्ड रखेगा। स्मार्ट टीवी कंपनियां और ऐप स्टोर इसी के आधार पर ऐप्स की मंजूरी की जांच कर सकेंगे।
TRAI ने अपनी जांच में क्या पाया
TRAI ने अपनी जांच में पाया कि कई ऐप्स इंटरनेट के जरिए दर्शकों को तय समय पर चलने वाले लाइव टीवी चैनल दिखाते हैं। ये ऐप्स स्मार्ट टीवी और दूसरे डिवाइस में पहले से मौजूद हो सकते हैं। इन्हें मोबाइल या स्मार्ट टीवी में डाउनलोड भी किया जा सकता है। इसके अलावा, वेब ब्राउजर के जरिए भी इनका इस्तेमाल किया जा सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए TRAI ने इंटरनेट के जरिए लाइव टीवी दिखाने वाली इन सेवाओं को ALTD सर्विस के तहत रखने का प्रस्ताव दिया।
क्या अब इंटरनेट पर फ्री में TV नहीं देख पाएंगे?
इंटरनेट पर फ्री टीवी देखना बंद नहीं होगा। दर्शक पहले की तरह मुफ्त में लाइव चैनल देख सकेंगे। नए नियम ऐप चलाने वाली कंपनियों पर लागू होंगे। उन्हें सरकार से मंजूरी लेनी पड़ सकती है। हालांकि, नए नियम न मानने की स्थिति में कुछ चैनल हटाए जा सकते हैं, या उनपर कार्रवाई हो सकती है। इंटरनेट के जरिए लाइव टीवी चैनल दिखाने वाले ऐप्स के लिए नए नियमों की सिफारिश की गई है। इसका नाम 'एप्लिकेशन-बेस्ड लीनियर टेलीविजन डिस्ट्रीब्यूशन (ALTD) सर्विस' रखा गया है।
इसमें फ्री एड-सपोर्टेड स्ट्रीमिंग टेलीविजन (FAST) सेवाएं भी शामिल हैं। इसका मकसद केवल FAST सेवाओं के लिए नियम बनाने की सिफारिश करने को कहा गया था। सरकार का उद्देश्य इन सेवाओं पर भी टीवी प्रसारण से जुड़े नियम लागू करना, कंटेंट की जिम्मेदारी तय करना और दर्शकों के हितों की रक्षा करना है।
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