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भारत में स्टारलिंक को सैटेलाइट इंटरनेट शुरू करने की मिली क्लियरेंस

भारत में एयरटेल और जियो ने स्टारलिंक के साथ साझेदारी की है ताकि हाई स्पीड इंटरनेट सेवाओं को ग्राहकों तक पहुंचाया जा सके।

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प्रतीकात्मक तस्वीर । Photo Credit: AI Generated

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एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक को भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सेवाएं शुरू करने के लिए इंडियन स्पेस रेग्युलेटर से क्लियरेंस मिल गई है। इंडियन नेशनल स्पेस प्रमोशन एंड ऑथराइजेशन सेंटर (IN-SPACe) ने बुधवार को इसकी जानकारी दी।

 

जून की शुरुआत में सरकार ने स्टारलिंक को GMPCS (ग्लोबल मोबाइल पर्सनल कम्युनिकेशन बाय सैटेलाइट), VSAT सर्विसेज और ISP कैटेगरी-A के लिए लाइसेंस दिया था। स्टारलिंक तीसरी कंपनी है, जिसे दूरसंचार विभाग से सैटेलाइट संचार (सैटकॉम) सेवाओं के लिए मंजूरी मिली है। इससे पहले वनवेब और रिलायंस जियो को भी यह अनुमति दी जा चुकी है।

 

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एयरटेल और जियो के साथ साझेदारी

हाल ही में, एयरटेल और जियो ने स्टारलिंक के साथ साझेदारी की है ताकि भारत में इसके हाई-स्पीड सैटेलाइट इंटरनेट को ग्राहकों तक पहुंचाया जा सके। स्टारलिंक अपनी सेवाओं को बेचने और प्रचार करने के लिए एयरटेल और जियो के बड़े डीलर नेटवर्क का इस्तेमाल करेगी।

दूरदराज इलाकों में पहुंचेगा इंटरनेट

भारत में सैटेलाइट टेलीकॉम सेवाएं उन दूरदराज के इलाकों में इंटरनेट पहुंचाने में मदद करेंगी, जहां पारंपरिक टेलीकॉम सेवाएं महंगी पड़ती हैं। स्टारलिंक की यह पहल भारत के डिजिटल इनक्लूज़न और बेहतर इंटरनेट कनेक्टिविटी के लक्ष्य को बढ़ावा देगी, खासकर उन क्षेत्रों में जहां पारंपरिक इंटरनेट सेवाएं कमजोर हैं।

 

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