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लॉकर भी सेफ नहीं, कैसे गायब हो रहा सोना चांदी? अपना कानूनी हक जानिए

फरीदाबाद में एक चार्टर्ड अकाउंटेंट के बैंक लॉकर से जेवर गायब होने का केस सामने आया है। पीड़ित परिवार ने पुलिस में तहरीर दी है।

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बैंक लॉकर। AI इमेज। Photo Credit: Sora

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आम आदमी हो, उद्योगपति हों या फिल्मी सितारे, लोग इस भरोसे के बैंक के लॉकर में अपने गहने-जवाहरात रखते हैं कि बैंक, अपने ग्राहक के कीमती सामानों की हिफाजत करेगा। ऐसी आम धारणा भी है कि घर से ज्यादा सेफ, बैंक का लॉकर होता है, जहां गहने चोरी नहीं होते हैं। बैंक में 24 घंटे CCTV से निगरानी होती है, सिक्योरिटी गार्ड होते हैं, अधिकारी होते हैं, ऐसे में गहने बैंक में घर से ज्यादा सुरक्षित रहेंगे। आम धारणा के उलट, इन दिनों, बैंक लॉकर से गहनों के चोरी की कई खबरें सामने आईं हैं। ताजा मामला, हरियाणा के फरीदाबाद जिले से है। 

1 फरवरी को हरियाणा के फरीदाबाद जिले में एक चार्टर्ड अकाउंटेंट डीसी गर्ग और उनके परिवार के गहने, बैंक लॉकर से ही चोरी हो गए हैं। भारतीय स्टेट बैंक की सेक्टर 15 शाखा में उन्होंने अपने सोने और चांदी के जेवर जमा किए थे। उनका कहना है कि बैंक में उनके लॉकर से करीब 1 किलो सोना और 3 किलो चांदी के गहने गायब हो गए हैं। 8 महीने पहले उन्होंने बैंक में यह लॉकर खोला था। 

शिकायतकर्ता ने कहा कि जब उनकी पत्नी अपने गहने देखने गईं तो बैंक कर्मचारी ने यह कह दिया कि उनका लॉकर यहां है ही नहीं। पत्नी ने कहा कि बैंक लॉकर की चाबी उनके पास है, दस्तावेज हैं, फिर यह धांधली कैसे हो सकती है। परिवार ने पुलिस में तहरीर दी है। केस की जांच चल रही है। अगर बैंक से गहने चोरी होते हैं तो यह बैंक की जिम्मेदारी होती है। 

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क्या पहली बार लॉकर से उड़े हैं गहने?

  • फरवरी महीने में ही बेंगलुरु के एक बैंक लॉकर से करोड़ों के गहने चोरी हुए हैं। चोरी के आरोप बैंक के डिप्टी मैनेज पर हैं, जिसने ग्राहकों के करोड़ों रुपये के गहने, एक फाइनेंस कंपनी के पास गिरवी रख दिए। गिरवी रखे गहनों की कीमत 3 करोड़ से ज्यादा है। यह मामला 14 फरवरी को सामने आया।

  • 15 जनवरी को लखनऊ के अलीगंज में SBI कपूरथला ब्रांच से करीब 1.5 करोड़ रुपये के गहने चोरी हुए थे। लॉकर में गहने रखने वाली महिला बबिता सिन्हा ने बैंक कर्मियों पर ही चोरी का आरोप लगाया, FIR दर्ज कराई। उन्होंने इस ब्रांच में करीब 1.5 करोड़ रुपये के गहने रखे थे। 12 जनवरी को उन्होंने लॉकर चेक किया तो गहने गायब थे। 

  • 19 सितंबर 2025 की बात है। महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में शिवसेना नेता और पूर्व विधायक कृष्णा हेगड़े ने शिकायत दर्ज कराई कि उनके गहने चोरी हो गए हैं। उनके पैसे भी गायब मिले। ऐसे कई मामले आए दिन सामने आते हैं। 

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गहने लॉकर से चोरी हो जाएं तो आम आदमी के अधिकार क्या हैं? आइए समझते हैं-

कब बैंकों को मुआवजा देना होगा?

भारतीय रिजर्व बैंक की गाइडलाइन के मुताबिक अगर बैंक में आग लगती है, चोरी होती है या बिल्डिंग गिर जाती है तो बैंक अपनी जिम्मेदारी से पल्ला नहीं झाड़ सकते। भारतीय रिजर्व बैंक  नियमों के अनुसार, लॉकर की सुरक्षा पूरी तरह बैंक की जिम्मेदारी है। बैंक यह बहाना नहीं बना सकते कि लॉकर के अंदर रखे सामान के लिए वे जिम्मेदार नहीं हैं। उन्हें यह तय करना होगा कि बैंक की इमारत मजबूत हो और वहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हों।

किन स्थितियों में मिलेगा मुआवजा?

  • आग लग जाने पर
  • चोरी, डकैती या सेंधमारी होने पर
  • बैंक की बिल्डिंग गिर जाने पर
  • अगर बैंक का कोई कर्मचारी ही धोखाधड़ी करे तब

कितना मिलेगा पैसा?

अगर बैंक की लापरवाही की वजह से लॉकर के सामान का नुकसान होता है तो बैंक को ग्राहक को मुआवजे के रूप में सालाना किराए का 100 गुना पैसा देना होगा। इसे ऐसे समझते हैं। अगर आपके लॉकर का साल का किराया 3,000 रुपये है तो नुकसान होने पर बैंक आपको 3 लाख रुपये देगा। 

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सामान कितना भी महंगा क्यों न हो, मुआवजा सीमित 

आपने बैंक में भले ही कितना महंगा सामान क्यों न रखा हो, मुआवजा सालाना किराए का 3 गुना ही मिलता है। ऐसे में फाइनेंशियल एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि ग्राहकों को अपने गहने का इंश्योरेंस कराना चाहिए। अगर ऐसा ग्राहक कराते हैं तो जितने का नुकसान उन्हें होता है, उतने की भरपाई मिलती है। 

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कब मुआवजा नहीं मिलता है?

बैंक 'एक्ट ऑफ गॉड' या प्राकृतिक आपदाओं की स्थिति में आपको मुआवजा नहीं देते हैं। ग्राहक की अपनी गलती से लॉकर में रखा सामान खो जाए तो भी मुआवजा नहीं मिलता है। भूकंप, बाढ़, बिजली गिरना या तूफान जैसी प्राकृतिक आपदाओं से अगर आपका नुकसान होता है तो आपको कुछ नहीं मिलेगा। अगर नुकसान बैंक नहीं, आपकी गली से हो रहा है तो भी आपको मुआवजा नहीं मिलेगा। युद्ध की स्थितियों में भी अगर बैंक रखा आपका सामान गायब होता है तो मुआवजा नहीं मिलेगा। 

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