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घर के पानी की क्वालिटी फ्री में कैसे टेस्ट कराएं? जानिए सरकारी लैब का पूरा तरीका

घर का पीने का पानी सुरक्षित है या नहीं यह अब सरकारी लैब में आसानी से जांचा जा सकता है। जानिए WQMIS पोर्टल से लैब कैसे खोजें और पानी की जांच कराने का पूरा तरीका।

AI generated image of water testing lab

प्रतीकात्मक तस्वीर, Photo Credit- ChatGPT

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आज के समय में सिर्फ साफ दिखने वाला पानी ही सुरक्षित हो ऐसा जरूरी नहीं है। कई बार पानी में बैक्टीरिया, फ्लोराइड, आर्सेनिक, आयरन या दूसरे हानिकारक तत्व मौजूद होते हैं जिनका पता बिना जांच के नहीं चलता है। ऐसे पानी को लंबे समय तक पीने से पेट की बीमारी, त्वचा की समस्या और दूसरी स्वास्थ्य परेशानियां हो सकती है।

 

अगर आपको भी लगता है कि आपके घर का पानी पीने के लिए सुरक्षित है या नहीं तो अब इसके लिए किसी महंगी प्राइवेट लैब में जाने की जरूरत नहीं है। केंद्र सरकार के जल जीवन मिशन (Jal Jeevan Mission) के तहत कई सरकारी जल परीक्षण प्रयोगशालाएं (Water Testing Laboratories) आम लोगों के लिए खुली हैं। यहां आप अपने घर के पानी की जांच करा सकते हैं। कई जगह पानी की जांच मुफ्त में होती है जबकि कुछ राज्यों में इसके लिए बहुत कम शुल्क देना पड़ सकता है। इसके लिए सरकार ने Water Quality Management Information System (WQMIS) भी बनाया है जहां से लोग अपने आसपास की सरकारी लैब की जानकारी देख सकते हैं।

 

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पहले जानिए WQMIS क्या है?

WQMIS (Water Quality Management Information System) जल जीवन मिशन का ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है। इसका मकसद देशभर की सरकारी पानी जांच लैब की जानकारी एक जगह उपलब्ध कराना, पानी की जांच का रिकॉर्ड रखना और लोगों को सुरक्षित पेयजल से जुड़ी जानकारी देना है। इस पोर्टल पर राज्य और जिले के हिसाब से लैब खोजी जा सकती है।

 

सरकार का कहना है कि लोगों को समय-समय पर अपने पीने के पानी की जांच करानी चाहिए। इससे समय रहते पानी की गुणवत्ता का पता चल जाता है और जरूरत पड़ने पर सही कदम उठाए जा सकते हैं। जल जीवन मिशन के तहत WQMIS पोर्टल का उद्देश्य भी यही है कि लोगों को अपने आसपास की सरकारी लैब की जानकारी आसानी से मिले और सुरक्षित पेयजल तक पहुंच बेहतर हो।

घर के पानी जांच कराने का ऑनलाइन तरीका

स्टेप 1: WQMIS पोर्टल पर जाएं

सबसे पहले जल जीवन मिशन के WQMIS पोर्टल पर जाएं। यहां आपको "Locate Labs Near You" का विकल्प मिलेगा। इसी विकल्प के जरिए आप अपने आसपास की सरकारी पानी जांच लैब खोज सकते हैं।

स्टेप 2: अपना राज्य और जिला चुनें

अब अपने State और District का चयन करें। कुछ राज्यों में आगे ब्लॉक या अन्य जानकारी भी चुननी पड़ सकती है। इसके बाद आपके जिले की उपलब्ध सरकारी लैब की जानकारी स्क्रीन पर दिखाई देगी।

 

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स्टेप 3: लैब से संपर्क करें

जिस लैब में जांच करानी है वहां फोन या सीधे जाकर संपर्क करें। लैब के कर्मचारी बताएंगे कि पानी का सैंपल किस तरह लेना है, कितनी मात्रा में लाना है और किस बोतल में भरना है ताकि जांच सही तरीके से हो सके।

स्टेप 4: पानी का सैंपल जमा करें

निर्देशों के अनुसार साफ बोतल में पानी भरकर लैब में जमा करें। कई जगह लैब सैंपल स्वीकार करने के बाद उसकी रसीद भी देती है। कुछ राज्यों में ऑनलाइन आवेदन की सुविधा भी उपलब्ध है जबकि कई जगह सीधे लैब में सैंपल जमा करना होता है।

स्टेप 5: लैब में होगी जांच

सैंपल मिलने के बाद लैब पानी की गुणवत्ता की जांच करती है। जांच में यह देखा जाता है कि पानी पीने के लिए सुरक्षित है या नहीं और उसमें किसी हानिकारक तत्व की मात्रा तय सीमा से ज्यादा तो नहीं है।

स्टेप 6: रिपोर्ट प्राप्त करें

जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट तैयार होती है। कई लैब रिपोर्ट ऑनलाइन भी उपलब्ध कराती हैं जबकि कुछ जगह आपको लैब जाकर रिपोर्ट लेनी होती है। रिपोर्ट में साफ लिखा होता है कि पानी सुरक्षित है या नहीं और अगर कोई समस्या है तो किस वजह से है।

जांच में किन चीजों की जांच होती है?

सरकारी लैब आमतौर पर इन पैरामीटर की जांच करती हैं—

  • pH लेवल
  • TDS (Total Dissolved Solids)
  • फ्लोराइड
  • आयरन
  • आर्सेनिक
  • नाइट्रेट
  • बैक्टीरिया (E. coli/Coliform)
  • पीने योग्य है या नहीं

रिपोर्ट आने में कितना समय लगता है?

रिपोर्ट मिलने का समय लैब और जांच के प्रकार पर निर्भर करता है। कई मामलों में कुछ दिनों के भीतर रिपोर्ट मिल जाती है जब्कि कुछ जगह इसमें लगभग एक सप्ताह तक का समसय लग सकता है।

 

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अगर पानी की रिपोर्ट खराब आए तो क्या करें?

अगर रिपोर्ट में पानी पीने लायक नहीं बताया जाता है तो बिना शुद्ध किए उसका इस्तेमाल न करें। जरूरत के हिसाब से रो (RO), यूवी (UV) या दूसरे उपयुक्त वाटर ट्रीटमेंट सिस्टम का इस्तेमाल करें। साथ ही स्थानीय जल विभाग या संबंधित अधिकारियों से भी संपर्क करें ताकि समस्या का समाधान किया जा सके।

किन लोगों को पानी की जांच जरूर करानी चाहिए?

  • जिनके घर में बोरवेल या हैंडपंप का पानी आता है।
  • जहां पानी का टेस्ट, रंग या गंध बदल गई हो।
  • जिन इलाकों में फ्लोराइड या आर्सेनिक की समस्या रहती है।
  • बाढ़ या भारी बारिश के बाद।
  • अगर घर में छोटे बच्चे, बुजुर्ग या बीमार व्यक्ति रहते हों।

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