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विदेशी ट्रिप में कैश या फॉरेक्स कार्ड क्या बेहतर है?

विदेश यात्रा के दौरान पैसे ले जाने के लिए फॉरेक्स कार्ड और कैश दोनों के अपने-अपने फायदे और नुकसान हैं। फॉरेक्स कार्ड सुरक्षित और सुविधाजनक माना जाता है। जबकि कैश छोटी-मोटी जरूरतों में काम आता है।

Forex Card or Cash

प्रतीकात्मक तस्वीर। AI इमेज। Photo Credit: Google Gemini

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विदेश यात्रा की तैयारी करते समय टिकट, वीजा और होटल बुकिंग के साथ एक बड़ा सवाल यह भी होता है कि खर्च के लिए फॉरेक्स कार्ड लें या विदेशी नकदी। सही विकल्प चुनने से यात्रा आसान, सुरक्षित और कम खर्चीली हो सकती है। दोनों के अपने फायदे और नुकसान हैं, जिन्हें समझना जरूरी है।फॉरेक्स कार्ड एक प्रीपेड कार्ड होता है, जिसमें यात्रा से पहले विदेशी मुद्रा लोड की जाती है।

कई लोग छोटे खर्चों के लिए नकदी भी साथ रखते हैं। पहली बार विदेश जा रहे हों या कोई नई यात्रा की योजना बना रहे हों, तो सिर्फ एक विकल्प पर निर्भर न रहें। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि फॉरेक्स कार्ड के साथ थोड़ी विदेशी नकदी भी रखें। अगर कहीं कार्ड न चले, तो परेशानी न हो।

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फॉरेक्स कार्ड क्या है?

यह एक प्रीपेड ट्रैवल कार्ड है। विदेश जाने से पहले इसमें विदेशी मुद्रा लोड कर दी जाती है। वहां पहुंचकर इसे डेबिट कार्ड की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है, होटल, रेस्तरां, शॉपिंग, ऑनलाइन पेमेंट या एटीएम से नकदी निकालने के लिए। मान लीजिए आप दुबई जा रहे हैं। भारत से ही कार्ड में 1000 UAE दिरहम लोड करा सकते हैं। वहां पहुंचने के बाद बार-बार रुपये बदलवाने की जरूरत नहीं पड़ती। 

 

सीधे कार्ड से भुगतान हो जाता है।फॉरेक्स कार्ड के फायदे कई हैं। विदेश में ज्यादा नकदी रखने की जरूरत कम हो जाती है। यात्रा से पहले ही एक्सचेंज रेट लॉक हो जाता है, इसलिए मुद्रा के उतार-चढ़ाव का असर कम पड़ता है। कई कार्ड एक से ज्यादा विदेशी मुद्राएं सपोर्ट करते हैं। कार्ड खो जाए तो ब्लॉक कराकर नया कार्ड मिल सकता है, जो नकदी से ज्यादा सुरक्षित है। नुकसान भी हैं।

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फॉरेक्स कार्ड से क्या मिलता है?

कार्ड जारी करने, रीलोड करने या एटीएम से नकदी निकालने पर कुछ शुल्क लग सकते हैं। बची हुई विदेशी मुद्रा वापस रुपये में बदलवाने पर भी चार्ज लग सकता है। हर देश या हर जगह इसकी स्वीकार्यता एक जैसी नहीं होती। नकदी ले जाने के भी फायदे हैं। कई देशों में छोटे दुकानदार, स्थानीय बाजार, टैक्सी, स्ट्रीट फूड या टिप देने जैसी जगहों पर नकदी ही चलती है। हाथ में नकदी होने से तुरंत भुगतान हो जाता है।

इंटरनेट या कार्ड पेमेंट में तकनीकी समस्या आए तो नकदी काम आती है लेकिन नुकसान भी हैं। ज्यादा नकदी ले जाना जोखिम भरा है। चोरी हो जाए या खो जाए तो वापस पाना मुश्किल है। विदेशी मुद्रा बदलवाने पर एक्सचेंज शुल्क देना पड़ सकता है, जिससे खर्च बढ़ जाता है। 

 

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इसलिए हमेशा रखें फॉरेक्स कार्ड

कई देशों में एक सीमा से ज्यादा नकदी ले जाने पर कस्टम नियमों का पालन करना पड़ता है। इसलिए जरूरत के हिसाब से ही नकदी रखें। विदेश यात्रा में फॉरेक्स कार्ड नकदी से ज्यादा सुरक्षित और सुविधाजनक विकल्प माना जाता है। लेकिन छोटी-मोटी जरूरतों के लिए थोड़ी नकदी साथ रखना भी बेहतर रहता है।

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