पुरानी गाड़ी बेचने के बाद कई लोग यह सोचते हैं कि उनका काम खत्म हो गया। कम लोग जानते हैं कि अगर गाड़ी की रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) नए मालिक के नाम ट्रांसफर नहीं कराई गई तो आगे चलकर बड़ी परेशानी हो सकती है। जैसे किसी हादसे, ट्रैफिक नियम तोड़ने या किसी अन्य मामले में सबसे पहले रिकॉर्ड में दर्ज पुराने मालिक का नाम सामने आता है।
अगर नया मालिक गाड़ी का गलत इस्तेमाल करता है या ट्रैफिक चालान कट जाता है तो उसका नोटिस पुराने मालिक के पास पहुंच सकता है। गाड़ी बेचते समय सिर्फ पैसे लेना या सेल एग्रीमेंट बनाना ही काफी नहीं है। यह तय करना भी जरूरी है कि गाड़ी की RC तय समय के भीतर नए मालिक के नाम ट्रांसफर हो जाए। ऐसा करने से भविष्य में कानूनी और आर्थिक परेशानियों से बचा जा सकता है।
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RC ट्रांसफर क्यों है जरूरी ?
पुरानी गाड़ी बेचने के बाद सबसे जरूरी काम उसकी रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट RC को नए मालिक के नाम ट्रांसफर कराना है। कई बार लोग गाड़ी बेचने के बाद यह जिम्मेदारी खरीदार पर छोड़ देते हैं। लेकिन अगर RC ट्रांसफर नहीं होती है तो वाहन से जुड़ी कानूनी जिम्मेदारी पुराने मालिक पर ही बनी रहती है। ऐसे में भविष्य में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
RC ट्रांसफर न होने पर क्या हो सकता है?
अगर खरीदार गाड़ी अपने नाम पर ट्रांसफर नहीं कराता और उसी दौरान अगर वाहन का इस्तेमाल चोरी, तस्करी या किसी अन्य आपराधिक गतिविधि में होता है। तो सरकारी रिकॉर्ड में वाहन का मालिक पुराना व्यक्ति ही माना जाएगा। ऐसे में पुलिस सबसे पहले उसी व्यक्ति से संपर्क करेगी जिसके नाम पर RC दर्ज है। हालांकि अगर गाड़ी किसी सड़क हादसे का शिकार होती है या उससे किसी को नुकसान पहुंचता है, तो शुरुआती जांच में वाहन के रजिस्टर्ड मालिक का नाम सामने आता है। कई मामलों में इंश्योरेंस क्लेम और मुआवजे से जुड़े नोटिस भी पुराने मालिक तक पहुंच सकते हैं। बाद में यह साबित करना पड़ सकता है कि वाहन पहले ही बेचा जा चुका था।
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ट्रैफिक चालान भी बन सकते हैं परेशानी की वजह
आज अधिकांश शहरों में CCTV कैमरों और ई-चालान प्रणाली के जरिए चालान काटे जाते हैं। अगर नया मालिक ट्रैफिक नियम तोड़ता है और RC ट्रांसफर नहीं हुई है, तो चालान पुराने मालिक के नाम जारी हो सकता है। समय पर चालान जमा न होने पर अतिरिक्त जुर्माना भी लग सकता है।
टैक्स और अन्य बकाए का भी खतरा
अगर वाहन से जुड़ा कोई टैक्स, पेनाल्टी या अन्य सरकारी शुल्क बकाया रहता है तो उसका नोटिस भी पुराने मालिक के नाम पर आ सकता है। इससे आर्थिक नुकसान और अनावश्यक कानूनी प्रक्रिया का सामना करना पड़ सकता है।
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गाड़ी बेचते समय किन बातों का रखें ध्यान?
- वाहन बेचने के बाद तुरंत RC ट्रांसफर की प्रक्रिया शुरू कराएं
- खरीदार और विक्रेता दोनों RTO में जरूरी दस्तावेज जमा करें
- बिक्री से जुड़े सभी दस्तावेज, सेल एग्रीमेंट और भुगतान की रसीद सुरक्षित रखें
- RC ट्रांसफर का स्टेटस समय-समय पर ऑनलाइन या RTO से जांचते रहें
- ट्रांसफर पूरा होने तक खरीदार के संपर्क में रहें
गाड़ी बेचने के बाद केवल चाबी सौंपना और पैसे लेना ही पर्याप्त नहीं है। जब तक RC नए मालिक के नाम ट्रांसफर नहीं हो जाती, तब तक वाहन से जुड़ी कई कानूनी जिम्मेदारियां पुराने मालिक पर बनी रह सकती हैं। किसी भी तरह के कानूनी विवाद, चालान, दुर्घटना या आर्थिक नुकसान से बचने के लिए RC ट्रांसफर की प्रक्रिया समय पर पूरी करना बेहद जरूरी है।