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क्या है iGOT कर्मयोगी प्लेटफॉर्म, आपके लिए कितना फायदेमंद है यह पोर्टल?

iGOT कर्मयोगी प्लेटफॉर्म से 1.7 करोड़ से ज्यादा सरकारी कर्मचारी जुड़े हैं। यहां ऑनलाइन कोर्स के जरिए कर्मचारी नई स्किल्स सीखकर अपनी कार्यक्षमता बेहतर कर सकते हैं।

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प्रतीकात्मक तस्वीर, Photo Credit: Chatgpt

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सरकारी कर्मचारियों को बदलती तकनीक और काम करने के नए तरीकों के साथ अपडेट रखने के लिए केंद्र, सरकार का iGOT कर्मयोगी प्लेटफॉर्म तेजी से विस्तार कर रह है। मिशन कर्मयोगी के तहत तैयार इस डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कर्मचारी ऑनलाइन कोर्स कर अपनी कार्यक्षमता और नई स्किल्स को बेहतर कर सकते हैं। अब तक 1.7 करोड़ से ज्यादा सरकारी कर्मचारी इस प्लेटफॉर्म से जुड़ चुके हैं।

 

iGOT कर्मयागी पर 4,200 से ज्यादा कोर्स उपलब्ध हैं और इन्हें अब क 7 करोड़ से अधिक बार पूरा किया जा चुका है। खास बात यह है कि कोर्स 23 भाषाओं में उपलब्ध हैं। इनमें 829 कोर्स हिंदी और 546 कोर्स अलग-अलग क्षेत्रीय भाषाओं में हैं। केंद्र के मंत्रालयों और विभागों के अलावा ज्यादातर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को भी इस प्लेटफॉर्म से जोड़ा जा चुका है।

 

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PM मोदी ने की खास अपील

19 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरकारी सिस्टम में शामिल होने वाले नए कर्मचारियों से लगातार सीखते रहने और अपनी क्षमताओं को बेहतर करने की अपील की। उन्होंने कहा कि देश के हर क्षेत्र में तेजी से बदलाव हो रहे हैं। ऐसे में सरकारी कर्मचारियों को नई तकनीक और नई व्यवस्थाओं को समझते रहना जरूरी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि मिशन कर्मयोगी इसी उद्देश्य में मदद करता है। उन्होंने बताया कि 1.7 करोड़ से अधिक सरकारी कर्मचारी iGOT कर्मयोगी से जुड़ चुके हैं। नए कर्मचारियों के लिए कर्मयोगी प्ररंभ नाम से विशेष कार्यमक्रम भी तैयार किया गया है।

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23 भाषाओं में 4,200 से ज्यादा कोर्स

iGOT कर्मयोगी पर सरकारी कर्मचारियों की अलग-अलग जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कई तरह के कोर्स तैयार किए गए हैं। इनमें किसी खास क्षेत्र से जुड़ी जानकारी, काम से जुड़ी स्किल्स और व्यवहार से जुड़ी क्षमताओं पर आधारित पाठ्यक्रम शामिल हैं। प्लेटफॉर्म पर कई भाषाओं में कोर्स उपलब्ध हैं, ताकि अलग-अलग राज्यों और क्षेत्रों में काम करने वाले कर्मचारी अपनी भाषा में आसानी से सीख सकें। सरकार के मुताबिक, कर्मयोगी भारत और कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन (CBC) ने 28 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ त्रिपक्षीय समझौते किए हैं। इन समझौतों के जरिए मिशन कर्मयोगी को राज्यों में व्यवस्थित तरीके से लागू किया जा रहा है।

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