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बैंक अकाउंट में गलती से पैसा आ गया? खर्च करने से पहले जान लें नियम

अगर आपके बैंक अकाउंट में गलती से किसी दूसरे का पैसा आ गया है तो उसे खर्च करने की जल्दबाजी न करें। ऐसे मामलों में बैंक को तुरंत सूचना देना सबसे सही तरीका होता है।

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प्रतीकात्मक तस्वीर, Photo Credit- ChatGTP

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अगर आपके बैंक अकाउंट में अचानक किसी अनजान व्यक्ति या कंपनी की तरफ से पैसे आ जाएं तो पहली नजर में यह खुशी की बात लग सकती है लेकिन ऐसे पैसे को अपना समझकर खर्च करना बड़ी गलती साबित हो सकता है। कई बार गलत अकाउंट नंबर, UPI, NEFT, RTGS या IMPS ट्रांजैक्शन में गलती होने की वजह से पैसा किसी दूसरे व्यक्ति के खाते में पहुंच जाता है। ऐसे मामलों में बैंक और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नियमों के मुताबिक, सही प्रक्रिया अपनाना जरूरी होता है।

 

आजकल डिजिटल बैंकिंग का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है इसलिए गलत खाते में पैसे जाने के मामले भी बढ़े हैं। अगर आपके खाते में भी बिना किसी जानकारी के पैसा आ गया है तो घबराने की जरूरत नहीं है। सबसे जरूरी बात यह है कि उस पैसों को न निकालें और न ही जल्दबाजी में किसी के कहने पर वापस भेजें। पहले बैंक से पूरी जानकारी जरूर लें।

 

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सबसे पहले करें यह काम

अगर आपके खाते में कोई ऐसा पैसा आया है जिसकी आपको जानकारी नहीं है तो सबसे पहले बैंक स्टेटमेंट या मैसेज देखकर यह समझने की कोशिश करें कि पैसा किस माध्यम से आया है। कई बार यह सैलरी, रिफंड, सरकारी योजना या किसी जानने वाले की ट्रांसफर किया गया पैसा भी हो सकता है। अगर भेजने वाले की जानकारी समझ नहीं आ रही है तो तुरंत अपने बैंक की ब्रांच, कस्टमर केयर या हेल्पलाइन से संपर्क करें। बैंक अपने रिकॉर्ड से जांच करेगा कि पैसा गलती से आया है या किसी वैध ट्रांजैक्शन का हिस्सा है।

सीधे पैसा वापस न भेजें

कई बार पैसा भेजने वाला व्यक्ति खुद फोन करके पैसे लौटाने के लिए कहता है। ऐसे मामलों में सीधे यूपीआई या बैंक ट्रांसफर से पैसे वापस नहीं भेजने चाहिए। बैंक पहले यह जांच करता है कि ट्रांजैक्शन सही में गलत हुआ है या नहीं।

 

अगर आपने बिना पुष्टि के खुद से पैसे वापस भेज दिए और बाद में बैंक ने उसी ट्रांजैक्शन का रिवर्सल भी कर दिया तो आपको दोहरा नुकसान हो सकता है। इसलिए हमेशा बैंक के जरिए ही पैसा वापस करने की प्रक्रिया अपनानी चाहिए।

क्या बैंक खुद पैसा वापस ले सकता है?

अगर बैंक की जांच में यह साबित हो जाता है कि पैसा गलती से आपके खाते में आया है तो बैंक नियमों के अनुसार उस ट्रांजैक्शन को रिवर्स करने की प्रक्रिया शुरू कर सकता है। ऐसे मामलों में बैंक दोनों पक्षों से संपर्क करता है और जरूरी फॉर्मेलिटीज पूरी करता है। बैंकों को ऐसे मामलों के लिए शिकायत निपटाने की व्यवस्था रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।

 

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गलती से आए पैसे खर्च किए तो क्या होगा?

अगर आपको पता है कि पैसा आपका नहीं है और फिर भी आप उसे निकाल लेते हैं या खर्च कर देते हैं तो बाद में बैंक आपसे वह पैसा वापस मांग सकता है। जरूरत पड़ने पर मामला कानूनी कार्रवाई तक भी पहुंच सकता है। इसलिए ऐसे पैसे को अपना मानकर इस्तेमाल करना सही नहीं माना जाता।

 

अगर गलती आपकी तरफ से हुई है और पैसा किसी दूसरे व्यक्ति के खाते में चला गया है तो सबसे पहले अपने बैंक को इसकी जानकारी दें। शिकायत दर्ज करते समय ट्रांजैक्शन नंबर, तारीख, पैसा और दूसरी जरूरी जानकारी दें। बैंक संबंधित बैंक से संपर्क करेगा और पैसा वापस दिलाने की कोशिश करेगा। अगर सामने वाला व्यक्ति पैसा लौटाने के लिए तैयार हो जाता है तो प्रक्रिया जल्दी पूरी हो सकती है। अगर वह मना करता है तो मामला बैंक की तय प्रक्रिया और जरूरत पड़ने पर कानूनी कार्रवाई के जरिए आगे बढ़ता है।

 

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इन बातों का हमेशा रखें ध्यान

  • खाते में आई अनजान पैसों को खर्च न करें।
  • तुरंत बैंक को इसकी जानकारी दें।
  • किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर सीधे पैसे वापस न भेजें।
  • बैंक के निर्देशों का पालन करें।
  • ट्रांजैक्शन से जुड़े एसएमएस, ईमेल और बैंक स्टेटमेंट संभालकर रखें।

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