सोशल मीडिया आजकल अपनी आवाज जनाता और सरकार तक पहुंचाने का एक प्रमुख माध्यम बन गया है। जब भी किसी को सरकार या प्रशासन तर अपनी आवाज पहुंचानी होती है तो आजकल सोशल मीडिया पर पोस्ट कर हैशटैग का इस्तेमाल करके ट्रेंड करवाया जाता है। सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहे मुद्दे अचानक से सुर्खियों में आ जाते हैं। ऐसे ही आज बैंक कर्मचारी भी अपनी मांगो को लेकर सोशल मीडिया पर मुहिम चला रहे हैं। सोशल मीडिया पर #5DayBankingNow ट्रेंड कर रहा है। बैंक कर्मचारियों की मांग है कि एक हफ्ते में उन्हें सिर्फ पांच दिन ही काम करना पड़े।
बैंक के कर्मचारी काफी लंबे 5 दिन वर्किंग की मांग कर रहे हैं। साल 2026 में बैंकों में 5 दिन वर्किंग का सिस्टम हो सकता है और इससे संबंधित एक प्रस्ताव अब औपचारिक रूप से सरकार के पास भेजा जा चुका है। हालांकि, सरकार ने अभी इस प्रस्ताव पर मुहर नहीं लगाई है। वित्त मंत्रालय ने 28 जुलाई 2025 को लोकसभा में बताया था कि इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) ने सभी शनिवार को बैंक हॉलिडे ऐलान करने का प्रस्ताव सौंपा था। इससे बैंकिंग सेक्टर में पांच दिन वर्किंग हो जाएगा। सोमवार से शुक्रवार तक बैंक खुले रहेंगे और सभी शनिवार और रविवार बैंक बंद रहेंगे।
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क्या हर शनिवार बंद रहेंगे बैंक?
मौजूदा समय में बैंक कर्मचारियों को हफ्ते में छह दिन काम करना पड़ता है। सोमवार से शनिवार उनका वर्किंग टाइम रहता है। इन दिनों को कम करके 5 दिन वर्किंग करवाने को लेकर कर्मचारी समय-समय पर मांग उठाते रहे हैं। बैंक एसोसिएशन ने भी हर शनिवार बैंक बंद रखने का सुझाव दिया है। इससे कर्मचारियों को सोमवार से शुक्रवार तक काम करना होगा। हालांकि, अगर पांच दिन वर्किंग सिस्टम लागू हो जाता है तो कर्मचारियों को हर रोज करीब 40 मिनट काम करना होगा। कर्मचारियों का कहना है कि इससे ग्राहकों पर किसी तरह का कोई असर नहीं पड़ेगा बल्कि कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा, काम की क्वालिटी बेहतर होगी और बैंकिंग सेक्टर में क्वालिटी बेहतर होगी।
अभी महीने में दो शनिवार बैंक बंद
बैंक कर्मचारी लंबे समय से शनिवार के दिन बैंक बंद रखने की मांग कर रहे हैं। मौजूदा समय में 2015 के नियमों के अनुसार काम किया जाता है। इन नियमों के अनुसार, हर महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को बैंक बंद रहते हैं। यानी दो शनिवार को बैंक बंद रहेंगे और दो शनिवार को खुले रहेंगे। कर्मचारियों की इस मांग को लेकर सरकार का कहना है कि स्टाफ की कमी के कारण इस प्रस्ताव को मंजूरी देना मुश्किल है।
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सोशल मीडिया पर हो रहा ट्रेंड
सरकार को अब बैंकिंग कर्मचारियों के प्रस्ताव पर फैसला करना है लेकिन सरकार ने अभी तक अपना रुख साफ नहीं किया है। ऐसे में कर्मचारी अब संघर्ष करने के मूड में नजर आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर लोग वर्क लाइफ बैंलेंस की बात कर रहे हैं। एक महिला ने लिखा, 'परिवार को समय, स्वास्थ्य को ध्यान देना जरूरी है। ये लग्जरी नहीं, जरूरत है। बैंकर्स भी इंसान हैं, मशीन नहीं।'
एक अन्य व्यक्ति ने लिखा, 'थका हुआ बैंककर्मी न तो खुद न्याय कर पाता है, न ही ग्राहकों को। 5-Day Banking से कार्य-जीवन संतुलन सुधरेगा, उत्पादकता बढ़ेगी और बैंकिंग व्यवस्था मजबूत होगी। यह समय की मांग है।'