कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आह्वान पर 6 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन हुआ। इस प्रदर्शन को लेकर इसके विरोधी कई तरह के सवाल उठा रहे हैं। सोशल मीडिया से जन्मी इस पार्टी के प्रदर्शन में आए लोगों की सोशल मीडिया पर ही खूब ट्रोलिंग भी हुई। ऐसे ही एक शख्स उज्ज्वल को भी ट्रोलिंग का खूब शिकार होना पड़ा। अपने पहनावे और हाव-भाव को लेकर वायरल हुए उज्ज्वल ने अब एक वीडियो जारी करके जवाब भी दिया है। उज्ज्वल का कहना है कि लोगों को उनकी पहचान या उनके जेंडर पर नहीं बल्कि पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था पर सवाल पूछने चाहिए।
6 जून को हुए इस प्रदर्शन में ऐसे कई लोग पहुंचे थे जो जेंडर बाइनरी के बाहर थे। अपने पहनावे के चलते ऐसे लोग चर्चा का कारण थे और तमाम कैमरे उनकी ओर खिंचे चले आ रहे थे। LGBTQ+ के मुद्दों पर भी खुलकर बात करते दिखे ऐसे कई लोगों के वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुए और इनको लेकर मजाक भी उड़ाया गया। इन युवाओं ने कैमरे पर भी अपने जेंडर और पहचान को लेकर जवाब दिए थे।
क्या बोले उज्जवल?
ऐसे ही एक युवा उज्ज्वल ने अब एक वीडियो जारी करके कहा है, 'ये सारी रील्स आपने अपनी इंस्टाग्राम फीड पर देखी होंगी। मैं उज्जवल सिंह हूं। मेरी उम्र 19 साल है और मैंने हाल ही में CBSE के बोर्ड एग्जाम दिए हैं। उस दिन सुबह 7:30 बजे मैं गाजियाबाद से निकला क्योंकि मुझे जंतर-मंतर आना था। लक्ष्य था कि भारत की शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाना है। यहां सवाल किसी एक पार्टी का नहीं है। पेपर लीक चाहे पार्टी A करे या पार्टी B, भविष्य तो युवाओं का खराब हो रहा है।'
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उज्ज्वल ने आगे कहा, 'मेरा CUET का एग्जाम था। हमें 3 घंटे बिठाए रखा गया और आखिर में कह दिया कि सॉरी, कोई टेक्निकल ग्लिच है और आपका एग्जाम नहीं हो सकता है। अगर हम बात करें NEET एग्जाम की तो पेपर लीक की वजह से 12 बच्चों ने अपनी जान गंवाई है। वे 12 बच्चे हमारे देश का भविष्य थे और यह भारत देश हमारा है।'
मीडिया पर भड़के उज्ज्वल?
आलोचना करने वाले लोगों को आड़े हाथ लेते हुए उज्ज्वल ने कहा, 'लोगों का दोहरा मानदंड देखिए कि हम वहां अपना एजेंडा लेकर गए थे कि हमें देश की शिक्षा व्यवस्था सुधारनी है लेकिन वहां चल क्या रहा था! वहां धर्म विरोधी और जाति विरोधी नारे लग रहे थे। सब अपनी राजनीतिक विचारधारा थोपने पर लगे हुए थे। मीडिया का तो दिना दोहरा चरित्र है कि पूछिए मत। वे अजेंडा पर सवाल पूछने के बजाय यह पूछ रहे थे कि आपने यह कपड़ा क्यों पहना है? आपकी सेक्शुअलिटी क्या है? आपकी शर्ट पर यह चुम्मी क्या है?'
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उन्होंने आगे कहा, 'मीडिया उन मां-बाप से सवाल नहीं पूछ रही है जिन्होंने अपने बच्चे गंवाए। वे ऐसे सवाल पूछ रहे हैं जिससे मेन अजेंडा को डाइलूट कर सकें। आप सबने मेरे कपड़े, मेरे जेंडर और मेरी सेक्शुअलिटी पर बहुत सवाल पूछे और मैंने बहुत जवाब भी दिए लेकिन अब मैं आपसे एक सवाल पूछना चाहता हूं कि क्या हम अपने देश का एजुकेशन सिस्टम ऐसे सुधारेंगे? '