रामभद्राचार्य अपने बयानों को लेकर अक्सर सुर्खियों में रहते हैं। इस बार उनका पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर दिया गया बयान चर्चा का विषय बना हुआ है। उन्होंने ममता बनर्जी पर तीखा हमला करते हुए कहा कि वह सिर्फ नाम की बनर्जी हैं, जबकि उनका झुकाव केवल मुस्लिम समुदाय की ओर है। उनका आरोप है कि बंगाल में हिंदुओं की भावनाओं को लगातार आहत किया जा रहा है। यह बयान उन्होंने राजस्थान की राजधानी जयपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान दिया। फिलहाल इस मामले पर तृणमूल कांग्रेस की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
ममता बनर्जी पर हिंदू विरोधी होने के आरोप पहले भी लगते रहे हैं। रोहिंग्या मुद्दे को लेकर और बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे हमलों पर कथित चुप्पी को लेकर बीजेपी लगातार उन्हें निशाने पर लेती रही है। हाल ही में, पिछले महीने, तृणमूल कांग्रेस से निष्कासित नेता हुमायूं कबीर ने 6 दिसंबर को मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद की नींव रखी थी। इस घटना के बाद हुए विवाद के चलते पार्टी ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया था।
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ममता पर रामभद्राचार्य के बयान
जयपुर में किसी कार्यक्रम में शामिल होने आए रामभद्राचार्य से ममता बनर्जी के बारे में सवाल पूछा गया जिस पर जवाब देते हुए उन्होंने कहा, 'वह पूरी तरह से मुसलमानों का समर्थन कर रही हैं। बनर्जी तो बस नाम की हैं। ममता वास्तव में निर्ममता हैं।' आगे उन्होंने कहा कि बंगाल में हिंदुओं की भावनाओं की उपेक्षा हो रही है।
इसके पहले भी बाबरी मस्जिद मुद्दे पर उन्होंने ममता को 'गद्दारों की बहन' कहा था। उन्होंने कहा, 'बंगाल में बाबरी मस्जिद बनाना बहुत गलत है। उनके इरादे कामयाब नहीं होंगे। ममता बनर्जी जो नाममात्र की हिंदू हैं असल में एक भारत विरोंधी महिला हैं।'
3 जनवरी 2026 को सीएम ममता ने महाकाल मंदिर बनाने का ऐलान कर सियासी हलको में नई बहस छेड़ दी। जैसे ही यह बयान सामने आया, जगदगुरु रामभद्राचार्य ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे 'चुनावी लीला' बताया और कहा कि भगवान ममता बनर्जी को सद्बुद्धि दें।
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पिछले कुछ महीनों में दिए गए बयान
रामभद्राचार्य अक्सर अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहते हैं। नवंबर 2025 में उन्होंने जाति आधारित आरक्षण खत्म करने और SC/ST एक्ट को समाप्त करने की बात कही थी। उनका कहना था कि वेदों में सवर्ण और अवर्ण का कोई उल्लेख नहीं है, इसलिए आरक्षण आर्थिक आधार पर होना चाहिए।
सितंबर 2025 में मेरठ में कथा के दौरान उन्होंने पश्चिमी उत्तर प्रदेश को ‘मिनी पाकिस्तान’ बताया था। उनका तर्क था कि वहां हिंदू आबादी कम हो रही है, जिस पर विपक्षी दलों और मुस्लिम संगठनों ने कड़ी आपत्ति जताई।
नवंबर 2025 में ही उन्होंने कहा था कि भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने के लिए संसद में 470 सीटें जीतना जरूरी है। दिसंबर 2025 में बांग्लादेश में हुई हिंसा को लेकर उन्होंने हिंदुओं से एकजुट रहने की अपील की। वहीं नवंबर 2025 में महिलाओं को लेकर ‘WIFE’ का फुल फॉर्म बताने पर भी विवाद हुआ था। इसके अलावा सितंबर 2025 में उन्होंने माता-पिता को बच्चों को मदरसे और कॉन्वेंट स्कूलों से दूर रखने की सलाह दी थी।