प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ बोलने वाली मशहूर लेखिका मधु किश्वर के खिलाफ सोशल मीडिया पर फर्जी एवं भ्रामक सामग्री फैलाने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। यह मामला चंडीगढ़ के रहने वाली महिला की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया है। चंडीगढ़ पुलिस की एक टीम ने मंगलवार को दिल्ली में मधु किश्वर के घर जाकर नोटिस जारी किया और उन्हें 22 अप्रैल को यहां मामले की जांच में शामिल होने के लिए कहा। बताया जा रहा है कि आज मधु किश्वर चंडीगढ़ के सेक्टर 26 पुलिस स्टेशन में जांच में शामिल होने पहुंच सकती हैं।
चंडीगढ़ के सेक्टर-19 थाना प्रभारी सरिता रॉय ने कल दिल्ली में पत्रकारों को बताया कि यह नोटिस भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 35(3) के तहत जारी किया गया है और मधु किश्वर को पेश होकर अपना पक्ष रखने के लिए कहा गया है। सेक्टर-19 थाने में FIR दर्ज की गई थी।
यह भी पढ़ें: बंगाल, असम और बिहार में 'डेमोग्राफी' ही चुनावी फैक्टर? हिमंता का डर समझिए
कई धाराओं में FIR दर्ज
मधु किश्वर और कुछ अन्य सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 196 (धर्म, जाति, भाषा के आधार पर समूहों के बीच दुश्मनी, नफरत या दुर्भावना को बढ़ावा देने वाले कामों को अपराध घोषित करना), 336 (1) (जाली दस्तावेज बनाना) और 356 (आपराधिक मानहानि) और आईटी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत सेक्टर-26 पुलिस थाने में FIR दर्ज की गई है।
चंडीगढ़ पुलिस ने क्या बताया?
चंडीगढ़ पुलिस की ओर से सोमवार को जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, शहर की एक महिला शिकायतकर्ता ने 19 अप्रैल को आरोप लगाया कि कुछ फर्जी और भ्रामक सोशल मीडिया पोस्ट और वीडियो क्लिप, जिनमें अश्लील टेक्स्ट है, उसे अलग-अलग सोशल मीडिया हैंडल्स पर शेयर किया जा रहा है। इस वीडियो में दिख रहे व्यक्ति की गलत पहचान बताई गई है। पुलिस ने कहा कि इस मामले की जांच जारी है।
शिकायतकर्ता ने क्या बताया?
शिकायतकर्ता के अनुसार, यह जानबूझकर अश्लील शब्दों का उपयोग करके झूठा इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड बनाने की कोशिश है। यह मानने के पर्याप्त कारण हैं कि पोस्ट भ्रामक और झूठे हैं और इसका उद्देश्य नुकसान या चोट पहुंचाना है। शिकायतकर्ता ने कहा कि एक संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने और सार्वजनिक शांति शांति और व्यवस्था को भंग करने के इरादे से शेयर किए गए वीडियो की जांच की जानी चाहिए और उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।
पीएम मोदी के नाम से वीडियो शेयर किया
सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर की गई थी जिसमें दावा किया गया था कि जिस व्यक्ति की मसाज की जा रही है वह कोई और नहीं बल्कि पीएम मोदी हैं। हालांकि, शिकायतकर्ता के अनुसार, वीडियो में दिख रहा व्यक्ति एक ट्रैवल व्लॉगर है, जिसकी पत्नी नियमित रूप से सोशल मीडिया पर उनकी लाइफ के बारे में पोस्ट करती है। असली वीडियो उनके सोशल मीडिया अकाउंट से शेयर किया गया था।
पुलिस ने बयान में कहा, 'महिला के बयान के अनुसार, उसने खुलासा किया है कि उसके अकाउंट से शेयर किए गए वीडियो में दिख रहा व्यक्ति उसका पति है। शुरुआती जांच के दौरान उसके पति और वीडियो में दिख रही एक अन्य महिला के बयान भी दर्ज किए गए हैं।'
यह भी पढ़ें: '2 साल में दूसरी बार मैटरनिटी लीव', इलाहाबाद हाई कोर्ट ने दिया अहम फैसला
मधु किश्वर ने क्या बताया?
इस बीच, किश्वर ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि चंडीगढ़ पुलिस की एक टीम उन्हें उनके खिलाफ दर्ज FIR के संबंध में नोटिस देने सोमवार देर रात उनके घर आई थी। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, 'क्योंकि कानून के अनुसार, पुलिस को अंधेरा होने के बाद और सूर्योदय से पहले महिलाओं से मिलने या उन्हें गिरफ्तार करने की अनुमति नहीं है। इसलिए मैंने टीम के प्रमुख से फोन पर बात की। उन्होंने मुझे बताया कि उनकी टीम चंडीगढ़ में मेरे खिलाफ दर्ज प्राथमिकी के संबंध में नोटिस देने आई है। मैंने उनसे कानून का पालन करने और सुबह आने का आग्रह किया।'
कल मधु किश्वर ने एक और ट्वीट कर जानकारी दी और सवाल किए कि नोटिस में जिस ट्वीटर अकाउंट का जिक्र किया गया है वह अकाउंट उनका नहीं है। हालांकि, मधु किश्वर ने कहा है कि वह जांच में पूरा सहयोग करेंगी।