देश में दशहरा के मौके पर रावण दहन की परंपरा है। कई जगहों पर रावण की बहुत ऊंची प्रतिमा बनाई गई। इस बार दशहरा पर खास बात यह रही कि दिल्ली और उत्तर प्रदेश के कुछ शहरों में रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के साथ ‘कॉकरोच’ के पुतले बनाने गए। इसे लेकर विवाद खड़ा हो गया है। सोशल मीडिया पर यह खबर तेजी से वायरल हो रही है।
खासकर उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर विवाद इतना बड़ा हो गया कि प्रशासन को दखल देना पड़ा। फिर बाद में पुतले पर से कॉकरोच हटा कर भ्रष्टाचार लिखना पड़ा।
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मुजफ्फरनगर में 'कॉकरोच' लिखकर रखा पुतला
यूपी के मुजफ्फरनगर में नुमाइश मैदान में परंपरा के मुताबिक 60, 55 और 50 फुट के रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले खड़े किए गए थे। इनके साथ ही 30 फुट ऊंचा एक और पुतला रखा गया था। इस पर ‘कॉकरोच’ लिखा हुआ था। ऋषिकेश के कारीगरों के बनाए गए इस पुतले की तस्वीर जैसे ही सोशल मीडिया पर वायरल हुई पुलिस-प्रशासन सतर्क हो गया। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस टीम ने रामलीला कमेटी के आयोजकों से बातचीत की। मुजफ्फरनगर के SSP सूरज कुमार राय ने साफ किया कि यह एक धार्मिक आयोजन है और इसमें किसी तरह की राजनीतिक बातें शामिल नहीं होनी चाहिए। हालांकि पुलिस ने किसी तरह की कानूनी कार्रवाई नहीं की लेकिन आयोजकों ने खुद ही देर रात पुतले से ‘कॉकरोच’ नाम हटाकर उस पर ‘भ्रष्टाचार’ लिख दिया।
दिल्ली के पीतमपुरा में भी कॉकरोच का पुतला
राजधानी दिल्ली के पीतमपुरा में 'श्री केशव रामलीला समिति' ने भी रावण के साथ 30 फुट ऊंचे कॉकरोच का पुतला जलाने की तैयारी की है। समिति के अध्यक्ष और बीजेपी विधायक अशोक गोयल के मुताबिक, इसका उद्देश्य किसी पर राजनीतिक तंज कसना नहीं है बल्कि 'स्वच्छ भारत' और 'स्वच्छ दिल्ली' अभियान के तहत स्वच्छता का संदेश देना है। उन्होंने बताया कि कॉकरोच गंदगी का प्रतीक है और इसे रावण की असुर सेना के बीच दिखाया जाएगा।
सहारनपुर में चुने गए अलग-अलग मुद्दे
सहारनपुर में भी इस बार दशहरा सिर्फ धार्मिक आयोजनों तक सीमित नहीं रहा। यहां 'राष्ट्रीय सवर्ण समाज संघ' ने तथाकथित 'जातिवाद कानून' का विरोध करने के लिए पुतला दहन का ऐलान किया। उनकी योजना के मुताबिक कार्यकर्ता हकीकतनगर रामलीला मैदान से पैदल मार्च निकालकर कलेक्ट्रेट तिराहे पर पुतला जलाएंगे। इसके अलावा शहर के गोविंदनगर में
अभिजीत दीपके
का पुतला फूंकने की भी तैयारी की गई है।
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सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो
दिल्ली और यूपी के इन घटनाक्रमों को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कई लोगों का कहना है कि धार्मिक और त्योहारों को राजनीतिक खींचतान का जरिया नहीं बनाना चाहिए। रावण से कॉकरोच की तुलना करने या समसामयिक राजनीति को इसमें घसीटने से धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं। दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण का हवाला देते हुए कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि जब हवा पहले से ही जहरीली हो रही है तब एक और बड़ा पुतला जलाकर प्रदूषण बढ़ाना कितना सही है।