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'चोलिया के हूक राजा जी' पर हिंदू लड़कियों को बुर्का पहनाकर नचाया, अब होगी जांच

उत्तर प्रदेश के गोंडा में स्वतंत्रता दिवस पर छात्राओं के बुर्का पहनकर डांस करने का वीडियो वायरल होने पर बड़ा विवाद हो गया है। जिसके बाद स्कूल मैनेजर ने माफी मांग ली है और बीएसए ने जांच के आदेश दिए हैं।

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प्रतीकात्मक तस्वीर, AI Generated Image

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उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के खोंडारे थाना क्षेत्र स्थित औसनी बुजुर्ग के नॉलेज बीम एकेडमी में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर एक स्कूल कार्यक्रम आयोजित किया गया था। शनिवार दोपहर 2 बजे हुए इस कार्यक्रम में चार से पांच हिंदू छात्राओं ने बुर्का और नकाब पहनकर स्टेज पर डांस किया। छात्राओं ने भोजपुरी गाने 'लगाई दिही चोलिया के हुक राजाजी' और 'गुलाब जइसन खिलल बाड़ू', हरियाणवी गाने 'तेरी आंख का यो काजल' और बॉलीवुड गाने 'फेविकॉल' पर अपनी प्रस्तुतियां दीं। इस कार्यक्रम का किसी ने वीडियो रिकॉर्ड कर लिया था जो रविवार शाम को सामने आया और तेजी से वायरल हो गया।

 

शनिवार दोपहर दो बजे औसनी बुजुर्ग स्थित नॉलेज बीम एकेडमी में स्वतंत्रता दिवस पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम में अलग-अलग थीम पर बच्चों की परफॉर्मेंस रखी गई थीं। कार्यक्रम के दौरान चार से पांच हिंदू लड़कियों ने बुर्का और नकाब पहनकर स्टेज पर डांस किया।

 

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क्या बोले स्कूल के मैनेजर?

छात्राओं ने जिन गानों पर डांस किया, उनमें भोजपुरी गाने 'लगाई दिही चोलिया के हुक राजाजी' और 'गुलाब जइसन खिलल बाड़ू' शामिल थे। इसके अलावा उन्होंने हरियाणवी गाना 'तेरी आंख का यो काजल' और बॉलीवुड गाना 'फेविकॉल' पर भी डांस किया। इस कार्यक्रम का किसी ने वीडियो बना लिया था जो रविवार शाम को सामने आया।

वीडियो सामने आने के बाद हिंदू और मुस्लिम दोनों ही समुदायों के लोगों ने इस पर अपनी आपत्ति जताई और विरोध किया। लोगों ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की जिससे यह विवाद काफी बढ़ गया। विवाद बढ़ता देख स्कूल के मैनेजर राम सुरेश ने एक वीडियो जारी करके माफी मांगी। उन्होंने बताया कि जिन छात्राओं ने बुर्का पहनकर डांस किया था वे सभी हिंदू हैं। मैनेजर ने सफाई दी कि इस कार्यक्रम का मकसद सिर्फ लोगों का मनोरंजन करना था। उन्होंने कहा कि अगर इस डांस से किसी की भी भावनाओं को ठेस पहुंचा हो तो वह इसके लिए माफी मांगते हैं।

 

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BSA ने दिए जांच के आदेश

यह मामला खोंडारे थाना क्षेत्र का है। वीडियो सामने आने के बाद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) अमित कुमार सिंह ने इस मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। बीएसए ने कहा कि अगर स्कूल में ऐसा कार्यक्रम हुआ है तो इसकी पूरी जांच की जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। साथ ही, स्कूल की मान्यता की भी जांच कराई जाएगी। दूसरी तरफ इस पूरे विवाद के बीच स्कूल के प्रिंसिपल पीपी वर्मा ने बताया कि स्कूल के पास केवल कक्षा 8 तक की ही मान्यता है लेकिन इसके बावजूद यहां बच्चों को इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई कराई जा रही है।


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