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चलती ट्रेन में पूजा के लिए जलाया दीया, AC कोच में धुआं फैला तो भड़के यात्री

चलती ट्रेन के एसी कोच में पूजा के दौरान दीया और अगरबत्ती जलाने का वीडियो वायरल है। धुआं फैलने पर एक यात्री ने इसका विरोध करते हुए वीडियो बनाया।

passenger performing puja with diya in AC train coach upper berth

AC ट्रेन कोच की ऊपरी बर्थ पर दीया जलाकर पूजा करते यात्री, Photo Credit: JharkhandRail/X

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चलती ट्रेन के एसी कोच में पूजा के दौरान दीया और अगरबत्ती जलाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस घटना ने रेलवे में यात्रियों की सुरक्षा को लेकर नई बहस छेड़ दी है। वीडियो में एक यात्री एसी कोच की ऊपरी बर्थ पर बैठकर पूजा करता दिखाई देता है। पूजा के दौरान उसने दीया और अगरबत्ती जलाई, जिससे कोच में धुआं फैलने लगा। धुआं देखते ही पास बैठे एक यात्री ने उसे रोकते हुए कहा कि बंद एसी कोच में इस तरह खुली आग जलाना बेहद खतरनाक हो सकता है।

 

इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर 'झारखंड रेल यूजर्स' नाम के अकाउंट से शेयर किया गया। पोस्ट में कहा गया कि एसी कोच में अगरबत्ती का धुआं फायर अलार्म को सक्रिय कर सकता है, जबकि जलता हुआ दीया आग लगने का बड़ा कारण बन सकता है। वीडियो वायरल होने के बाद कई लोगों ने इसे यात्रियों की सुरक्षा के साथ गंभीर लापरवाही बताया।

 

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फायर अलार्म से लेकर आग लगने तक का खतरा

आधुनिक एसी कोचों में ऑटोमैटिक स्मोक डिटेक्टर लगाए जाते हैं। अगर कोच में धुआं फैलता है तो ये सेंसर तुरंत सक्रिय हो सकते हैं, जिससे आपातकालीन स्थिति पैदा हो सकती है। कई ट्रेनों में इससे सुरक्षा प्रणाली और इमरजेंसी ब्रेकिंग सिस्टम भी प्रभावित हो सकता है। इसके अलावा एसी कोच में इस्तेमाल होने वाले गद्दे, पर्दे और सीटों की सामग्री ज्वलनशील होती है। ऐसे में छोटी-सी चिंगारी भी बड़ी दुर्घटना का रूप ले सकती है।

 

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रेलवे ने मांगी पूरी जानकारी

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मामला सामने आने के बाद रेलवे मंत्रालय के आधिकारिक शिकायत मंच रेलवे सेवा (RailwaySeva) ने इस घटना का संज्ञान लिया है। रेलवे ने वीडियो शेयर करने वाले व्यक्ति से ट्रेन नंबर, यात्रा की तारीख और पीएनआर जैसी जानकारी मांगी है, ताकि पूरे मामले की जांच की जा सके। साथ ही यात्रियों से अपील की गई है कि यदि ट्रेन में इस तरह की कोई घटना दिखे तो उसकी शिकायत रेल मदद (RailMadad) पोर्टल के माध्यम से दर्ज करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।


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