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रो पड़ी तुषार उर्फ हिजबुल्लाह की मां, पूरे देश से कहा- अपने बच्चों को बचा लीजिए

यूपी एटीएस ने तुषार चौहान को आतंकी कनेक्शन मामले में गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा कि वह मूलरूप से बागपत के रमला का रहने वाला है। आईएसआई हैंडलर उसे हिजबुल्लाह अली खान नाम दिया था।

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तुषार की मां ऋतु चौहान। (Photo Credit: Social Media)

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उत्तर प्रदेश के मेरठ का एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल है। इसमें एक मां रो रही है और पूरे देश से गुहार लगा रही हैं कि अपने बच्चों को मोबाइल की लत न लगने दें। बिलखती मां ने बताया कि उनका बेटा गलत संगत में आकर फंस गया है। उन्होंने कहा कि कुछ दरिंदों ने उनके बेटे का ब्रेनवॉश किया। महिला का नाम ऋतु चौहान हैं। वह कैंसर की बीमारी से जूझ रही हैं। उनके 20 वर्षीय बेटे तुषार चौहान को यूपी एटीएस ने संदिग्ध आतंकी गतिविधि में पकड़ा है। 

 

यूपी एटीएस अधिकारियों का दावा है कि तुषार पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए काम करता था। एजेंसी ने 3 लाख रुपये देकर जल्द ही एक टारगेट को शूट करने का काम सौंपा था। तुषार के संबंध एक पाकिस्तानी गैंगस्टर से भी मिले हैं। सटीक खुफिया जानकारी के बाद एटीएस ने उसे नोएडा से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद से ही तुषार की मां का रो-रोकर बुरा हाल है। उनका कहना है कि यह सबकुछ सोशल मीडिया की वजह से हुआ है।

 

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तुषार चौहान की मां ने क्या कहा?

तुषार की मां ऋतु चौहान ने पूरे देश के लोगों से कहा, 'मैं आप सबसे अपील करती हूं कि आप अपने बच्चों को प्लीज बचाइए। मैं पूरे देश, पूरी जनता और मीडिया से विनती करती हूं कि अपने बच्चों को ऐसे दरिंदों से जरूर बचाइए। आज हमारा तुषार शिकार हुआ है, कल आपका बच्चा भी इसका शिकार हो सकता है। आप लोग हमें सपोर्ट कीजिए।'

 

तुषार की मां ने आगे कहा, 'तुषार एक मानसिक रोगी है, वह कंडक्ट डिसऑर्डर का पेशेंट है, प्लीज आप अपने बच्चों को ऐसे घटिया लोगों से बचाइए।' जानकारी के लिए बता दें कि कंडक्ट डिसऑर्डर एक ऐसी बीमारी है, जिसमें व्यक्ति का व्यवहार हिंसक हो जाता है।

 

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क्या है लोगों की राय?

एक व्यक्ति ने कमेंट किया, 'बिल्कुल सही बोला है। ऐसा नहीं है कि मोबाइल नहीं रहेगा तो बच्चे ज़िंदा नहीं बचेंगे, दूर रखिए मोबाइल।'

 

 

वहीं गोलू ने शख्स ने कहा, 'यह मामला अगर सही है तो बेहद गंभीर है और इसमें कानून के तहत पूरी जांच जरूरी है। साथ ही यह भी दिखाता है कि परिवार और बच्चों के बीच ध्यान, बातचीत और निगरानी कितनी जरूरी होती है।'

 


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