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सांपों को बचाने वाले मनीष पाटिल की सांप ने डसा, मौत हो गई

छत्तीसगढ़ के मशहूर स्नेक कैचर मनीष पाटिल को रेस्क्यू के दौरान सांप ने दस लिया। अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई जिसके बाद इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।

famous snake catcher mainsh patil

मशहूर स्नेक कैचर मनीष पाटिल, Photo Credit- Social Media

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छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में जाने-माने स्नेक कैचर मनीष पाटिल की सांप के रेस्क्यू के दौरान मौत हो गई। देर रात रेस्क्यू के दौरान सांप ने उन्हें डस लिया था। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया लेकिन इलाज के दौरान उनकी मैके पर ही मौत हो गई। मनीष पाटिल लंबे समय से सांपों को रेस्क्यू कर लोगों की मदद कर रहे थे। उनकी मौत की खबर सामने आने के बाद इलाके में शोक की लहर है।

 

जानकारी के मुताबिक, देर रात 112 की टीम मनीष पाटिल को अपने साथ स्नेक रेस्क्यू के लिए नवागढ़ क्षेत्र में लेकर गई थी। रेस्क्यू के दौरान अचानक सांप ने उन्हें डस लिया। सर्पदंश के बाद उनकी हालत गंभीर हो गई। उन्हें तुरंत इलाज के लिए नवागढ़ अस्पताल ले जाया गया लेकिन डॉक्टरों की कोशिश के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।

 

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मनीष पाटिल की पहचान इलाके में एक अनुभवी और साहसी स्नेक कैचर के रूप में थी। वह लोगों के घरों, खेतों और दूसरी जगहों पर निकलने वाले जहरीले सांपों को पकड़कर सुरक्षित जगह पर छोड़ते थे। कई बार उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना लोगों को सांपों से बचाने और उनकी मदद करने का काम किया था लेकिन इस बार दूसरों की जान बचाने की कोशिश के दौरान ही उन्हें अपनी जान गंवानी पड़ी।

स्नेक रेस्क्यू के लिए हुए सम्मानित

बताया जा रहा है कि मनीष पाटिल आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से थे। इसके बावजूद सांपों को बचाने और लोगों की मदद करने का उनका काम लगातार जारी रहा। उनके इस काम की इलाके में काफी सराहना होती थी। वह सांपों को पकड़कर उन्हें उनके प्राकृतिक घर यानी जंगल और दूसरे सुरक्षित जगहों पर छोड़ते थे ताकि लोगों और सांपों दोनों को नुकसान न हो।

 

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मनीष पाटिल के सेवा कार्यों को देखते हुए 15 अगस्त 2025 को जिला प्रशासन की ओर से उन्हें सम्मानित भी किया गया था। लोगों का कहना है कि वह सांपों के रेस्क्यू के लिए हमेशा तैयार रहते थे और जरूरत पड़ने पर मौके पर पहुंचकर लोगों की मदद करते थे। मनीष पाटिल की अचानक हुई मौत से उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वहीं उनके निधन से स्नेक रेस्क्यू से जुड़े लोगों और इलाके के लोगों में भी गहरा दुख है। 

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