देश के दिग्गज उद्योगपतियों में शामिल वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल के बेटे अग्निवेश अग्रवाल के अचानक निधन ने उनके पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया है। अनिल अग्रवाल के बेटे की मौत के बाद अब लोग यह जानना चाह रहे हैं कि उनके बिजनेस को अब कौन संभालेगा। अनिल अग्रवाल का परिवार हमेशा से सादगी के लिए जाना जाता है। उनकी पत्नी हमेशा लाइमलाइट से दूर रहती हैं। परिवार में उनकी एक बेटी प्रिया अग्रवाल हेब्बर भी हैं। अब माना जा रहा है कि अग्निवेश अग्रवाल की मौत के बाद अब प्रिया की भूमिका बिजनेस में बढ़ सकती है।
अनिल अग्रवाल वेदांता रिसोर्सेज के फाउंडर चेयरमैन हैं। उन्होंने 1976 में इस कंपनी की शुरुआत एक छोटी केबल कंपनी से की थी। बहुत कम उम्र में उन्होंने अपने पिता के साथ स्क्रैप का बिजनेस शुरू किया था। कई बार असफलता मिलने के बाद उन्होंने धीरे-धीरे वेदांता को मेटल, माइनिंग, पावर और ऑयल जैसे बड़े सेक्टर में खड़ा किया। अनिल अग्रवाल ने अरबों की कंपनी बनाई और इसमें उनके बेटे भी उनकी मदद कर रहे थे। वह वेदांता की कंपनी में तलवंडी साबो पावर लिमिटेड के बोर्ड में शामिल थे।
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कौन हैं प्रिया अग्रवाल?
अनिल अग्रवाल की बेटी प्रिया अग्रवाल फिलहाल हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड की चेयरपर्सन हैं। इसके साथ ही वह वेदांता लिमिटेड में नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर भी हैं। प्रिया और अनिल अग्रवाल के बीच सिर्फ बाप-बेटी का रिश्ता नहीं बल्कि दोस्तों का रिश्ता भी है। अनिल अग्रवाल जो कुछ भी सीखते हैं वह अपनी बेटी को भी सिखाते हैं। अब स्थिति यह बन गई है कि वेदांता ग्रुप का बिजनेस बढ़ाने में प्रिया को अहम भूमिका निभानी पड़ सकती है।
प्रिया को पिता ने दिया मंत्र
अनिल अग्रवाल और उनकी बेटी का एक किस्सा का फी मशहूर है। जब प्रिया लंदन के स्कूल में पढ़ाई कर रही थीं तो उन दिनों उन्हें भेदभाव का सामना करना पड़ा था। प्रिया ने अपने पिता को यह बात बताई थी और उस समय अनिल अग्रवाल ने प्रिया को एक बात बताई। उन्होंने प्रिया से कहा, 'अपने काम में बढ़िया रहो, बाकी सब बाधाएं खुद-ब-खुद दुरुस्त हो जाएंगी।' यह किस्सा खुद अनिल अग्रवाल ने भी एक इंटरव्यू में शेयर किया था।
अनिल अग्रवाल ने बताया था कि उनकी बेटी प्रिया अग्रवाल उनके बिजनेस में कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं। वह वेदांता ग्रुप में ईएसजी ट्रांसफॉर्मेशन यानी पर्यावरण, सामाजिक और गवर्नेंस को लीड कर रही हैं। उनकी लीडरशिप में हिंदुस्तान जिंक कंपनी चल रही है और इस कंपनी की खास बात यह है कि इसमें महिलाओं की ज्यादा हिस्सेदारी है। इसमें आज 5 महिलाओं समेत कुल 9 बोर्ड मेंबर हैं। इसके अलावा देश की पहली ऑल-वुमन माइन रेस्कयू टीम भी प्रिया के विजन का नतीजा है। उन्हें वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की यंग ग्लोबल लीडर्स क्लास ऑफ 2024 में शामिल किया गया था।
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सामाजिक कार्यों में खास रुचि
सामाजिक कार्यों में प्रिया की खास रुचि है। वह नंद घर प्रोजक्ट देखरेख कर रही हैं, जिसके माध्यम से भारत के 8 करोड़ बच्चों और लाखों महिलाओं को बदलने का लक्ष्य रखा गया है। अनिल अग्रवाल कई मौकौं पर कह चुके हैं कि उनकी बेटी उनका गर्व हैं। अनिल अग्रवाल का कहना है कि उन्हें समाजसेवा की भावना विरासत में मिली है। उन्होंने बताया था कि जब उनकी मां और अन्य महिलाएं छठ पूजा के दौरान गंगा जी में अर्घ्य देने जाती थीं, वे देखते थे कि कैसे उनकी मां गंगा जी का पानी अपनी अंजुरी में उठाती थीं और मंत्रोच्चार के साथ वापस गंगा जी में ही अर्पित कर देती थीं। अनिल अग्रवाल कहते हैं कि इससे उन्हें सीख मिली की जो आपसे लिया है वह आपको ही वापस देना है।
अनिल अग्रवाल ने कहा है कि वे अपनी संपत्ति का खुद को ट्रस्टी मानते हैं और वह अपनी संपत्ति का बड़ा हिस्सा लोक कल्याण में लगा देंगे। उनकी बेटी प्रिया सामाजिक कार्यों में बढ़चढ़कर काम कर रही हैं। अनिल अग्रवाल अपनी बेटी की सामाजिक कार्यों में रुचि से बहुत खुश हैं और कई मौकों पर कह चुके हैं कि उन्हें अपनी बेटी पर गर्व है। अब जब परिवार के बिजनेस की जिम्मेदारी भी प्रिया के कंधे पर आ गई है ऐसे में अब बिजनेस में उनका कद बड़ा हो सकता है।