पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ खुलकर सड़क पर आ गई हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अधिकारी एक तरफ राजनीतिक कंपनी I-PAC चीफ प्रतीक जैन के घर और दफ्तर पर छापेमारी कर रहे थे, ममता बनर्जी उन्हें रोकने वहीं पहुंच गईं। ममता बनर्जी ने गृह मंत्री अमित शाह को इस छापेमारी के लिए जिम्मेदार बताया और कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को अब गृह मंत्री अमित शाह को नियंत्रण में लेना चाहिए।
ममता बनर्जी आरोप लगी रही हैं कि ईडी के अधिकारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) के महत्वपूर्ण दस्तावेज और डेटा चोरी करने की कोशिश कर रहे हैं। अधिकारी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के मद्देनजर, टीएमसी की रणनीति हासिल करना चाहते हैं। ममता बनर्जी और ईडी के अधिकारियों के बीच लंबी खींचतान देखने को मिली है। दूसरी तरफ दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह के सरकारी आवास के बाहर प्रदर्शन कर रहे करीब 8 सांसदों को हिरासत में लिया गया है।
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ईडी और CM ममता भिड़ क्यों गए?
ईडी का कहना है कि यह छापेमारी कोयला घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच का हिस्सा थी। दावा है कि घोटाले के पैसे I-PAC को पहुंचाए गए थे। ममता बनर्जी ने इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया और कहा कि ED के अधिकारी उनकी पार्टी की चुनावी रणनीति, उम्मीदवारों की लिस्ट और वोटर डेटा ले जाना चाहते हैं।
ममता बनर्जी, I-PAC ऑफिस के बाहर बेहद गुस्से में नजर आईं। उन्होंने कहा, 'वे हमारे हार्ड डिस्क, फाइलें और पार्टी के कागजात ले जा रहे थे। मैंने उन्हें वापस ले लिया।'
ममता बनर्जी एक हरी फाइल हाथ में लेकर निकलीं और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को 'नॉटी होम मिनिस्टर' कहकर निशाना बनाया। ममता ने प्रधानमंत्री मोदी से अपील की कि वे अपने गृह मंत्री को काबू में करें और TMC को अगर हराना चाहते हैं तो लोकतांत्रिक तरीके से हराएं।
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ईडी ने क्या कहा है?
ईडी के अधिकारियों का कहना है कि ममता बनर्जी, जांच एजेंसी के काम में बाधा डाल रहीं हैं, वह कई अहम सबूतों को उठा ले गईं हैं। ईडी ने कहा है कि राजनीतिक दल के कार्यकालय पर छापा नहीं मारा गया है। यह रेड, कोयला तस्करी से जुड़े गिरोह के खिलाफ था।
ईडी ने अनूप माजी का नाम लिया है, आरोप लगाया है कि वह ईसीएल के लीज वाले इलाकों से चोरी करते हैं, अवैध खनन में शामिल हैं। शांतीपूर्ण तरीके से चल रही ईडी की कार्रवाई में ममता बनर्जी, पुलिसकर्मियों और राज्य अधिकारियों को लेकर पहुंच गईं, दो ठिकानों से दस्तावेजों और सबूतों को हटा दिया।
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ईडी की कार्रवाई पर पश्चिम बंगाल में विपक्ष ने क्या कहा?
भारतीय जनता पार्टी और वाम दलों ने ममता बनर्जी की अलोचना की है। दोनों दलों का कहना है कि ममता बनर्जी, जांच प्रक्रिया में बाधा पहुंचा रहीं हैं। ईडी रेड के बाद अब ममता बनर्जी ने एलान किया है कि वह राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन करेंगी। वह खुद जादवपुर के 8B बस स्टैंड से हजर्रा क्रॉसिंग तक 5 किलोमीटर लंबी रैली निकालेंगी। उन्होंने लोगों से इसमें शामिल होने की अपील की है। पश्चिम बंगाल में मार्च से अप्रैल के बीच विधानसभा चुनाव हो सकते हैं। राज्य का सियासी पारा, अभी से गरम हो गया है।