उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में एक मंदिर पर ध्वस्तीकरण का नोटिस चिपकाया गया है। मंदिर को गिराने के नोटिस पर हंगामा बरपा है। लोग, मंदिर पर चिपकाए गए नोटिस को लेकर बेहद नाराज हैं। सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में एक आदेश दिया था, जिसके बाद आवास विकास ने मंदिर के बाहर एक ध्वस्तीकरण का नोटिस चस्पा कर दिया। इस्कॉन मंदिर, सेन्ट्रल मार्केट में बना है।
आवास विकास विभाग ने शास्त्रीनगर के इस्कॉन मंदिर पर जो नोटिस चिपकाया है, उसे लेकर आम लोगों में आक्रोश है। यह मंदिर उन 44 निर्माणों की सूची में शामिल नहीं था, जिन्हें कोर्ट ने सील करने का आदेश दिया था। संयुक्त व्यापार संघ के दोनों संगठनों ने इस कार्रवाई का विरोध जताया है। इस्कॉन शास्त्रीनगर मंदिर के अध्यक्ष नितिन अरोड़ा खुलकर इसका विरोध जता रहे हैं।
यह मंदिर 4 साल पहले वीरान कोठी था। इसे इस्कॉन मंदिर में बदला गया। मंदिर बन चुके घर को ही अब आवास विकास ने तोड़ने का नोटिस दिया है। दिलचस्प बात यह है कि इस मंदिर में हजारों लोग हर दिन दर्शन करने आते हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब इसे भी तोड़ा जाएगा। नोटिस में कहा गया है कि या तो मंदिर प्रशासन इसे तोड़ दे या आवास विकास खुद इसे तोड़ देगा।
मेरठ के शास्त्री नगर का इस्कॉन मंदिर। Photo Credit: Social Media
मंदिर प्रशासन क्या कह रहा है?
मंदिर प्रशासन का कहना है कि मंदिर, धार्मिक आस्था का केंद्र है, न कि व्यावसायिक संपत्ति। यहां हर दिन सुबह आरती होती है, सुबह भोग लगती है, मेरठ मेडिकल कॉलेज में हर दिन सैकड़ों लोगों को खाना खिलाया जाता है। शाम 6 बजे आरती होती है, फिर सैकड़ों लोगों को प्रसाद बंटता है। शहर के लोग, इनमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं।
शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट के सेक्टर 2 में यह मंदिर बना है। मंदिर के आसपास के लोगों के लिए यह श्रद्धा का केंद्र है। मंदिर से लोगों को प्रसाद और भोग बंटता है। यह चर्चित मंदिरों में से एक हैं, इसलिए लोग मुखर होकर विरोध कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि प्रशासनिक कार्रवाई से धार्मिक जगहों को मुक्त रखना चाहिए।
मंदिर भुतहा क्यों कहा जाता है?
यह मंदिर, शास्त्री नगर में है। हाउस नंबर 199/5 है। यहां साल 2016 में तीन लोगों की हत्या हुई थी। यह मकान तीन मंजिला है। यह मंदिर, वर्षों तक खौफ और अफवाहों की वजह से सुनसान पड़ा रहा, लेकिन अब इस्कॉन मंदिर के होने से यहां हजारों लोग उमड़ते हैं। एक समय यहां खून से सने तीन शव मिले थे, वहीं आज सैकड़ों भक्त रोजाना हरे कृष्ण महामंत्र का जाप करते हैं।
18 जून 2016 को इस घर में बीमा अधिकारी चंद्रशेखर गुप्ता, उनकी पत्नी पूनम गुप्ता और कॉल गर्ल रिया की हत्या कर दी गई थी। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि चंद्रशेखर गुप्ता अपने घर से सेक्स रैकेट चलाते थे। रिया के बॉयफ्रेंड विकास उर्फ विक्की ने पैसे के लालच और रिश्ते में दरार के चलते साजिश रची थी। उसके साथी सचिन सक्सेना और उदयवीर ने घटना को अंजाम दिया। तीनों आरोपी को बाद में गिरफ्तार कर लिया गया और मेरठ कोर्ट ने उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई थी। हत्या के बाद घर सील हो गया। चंद्रशेखर के बेटे इसे छोड़कर चले गए।
इलाके में भूत-प्रेत की अफवाहें फैल गईं। स्थानीय लोग रात में पायल की आवाज सुनने का दावा करते थे। इस वजह से यह मकान, कई साल से नहीं बिक पाया। लोग इसे भुतहा बताते थे। साल 2020 में मेरठ के व्यापारी अमित गुप्ता ने इस संपत्ति को खरीद लिया। उन्होंने पुरानी इमारत गिराकर नई तीन मंजिला बिल्डिंग बनवाई। निर्माण के दौरान इस्कॉन के प्रतिनिधियों ने संपर्क किया और मंदिर बनाने का प्रस्ताव रखा। अमित गुप्ता ने भवन किराए पर इस्कॉन को दे दिया। अब इसे गिराने की तैयारी चल रही है।