भारत में ब्यूटी और स्किनकेयर का बाजार तेजी से बढ़ रहा है। जनरेशन जेड (जेन जी) अपनी पसंद, ऑनलाइन खरीदारी और ट्रेंड्स के जरिए भारतीय ब्यूटी मार्केट को बदल रहे हैं और इसकी रफ्तार को बढ़ा रहे हैं। यह जनरेशन ब्यूटी और स्किनकेयर पर मिलेनियल्स से दोगुना ज्यादा खर्च कर रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, फ्लिपकार्ट पर करीब 56 फीसदी ब्यूटी ग्राहक जेन-जी हैं। खास बात यह है कि करीब दो-तिहाई सर्च गैर-महानगरीय यानी गांवों और कस्बों से आती है। 

 

मार्केट रिसर्च और स्ट्रैटेजी कंसल्टिंग फर्म रेडसीर की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत का BPC यानी ब्यूटी एंड पर्सनल केयर का बाजार 2025 में करीब 23 अरब डॉलर का रहा, दावा है कि यह 2030 तक लगभग दोगुना यानी 40 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। यह ग्रोथ देश की GDP और रिटेल मार्केट से भी तेज रफ्तार से बढ़ रही है। 

 

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भारत में ब्यूटी बाजार को कैसे मिली रफ्तार? 

इसके पीछे की कई बड़ी वजहें हैं, पहला तो ये कि कोविड महामारी के समय लोगों ने आपने आप पर ध्यान देना शुरू किया और लोगों का झुकाव सेल्फ-केयर की तरफ हुआ। छोटे शहरों तक इंटरनेट पहुंचने से लोगों को कोरियाई-यूरोपीय स्किन केयर की जानकारी मिली। जेन-जी ऐसे ट्रेंडस को फॉलो करने में आगे रहे। BPC को रफ्तार देने में जेन जी की अहम भूमिका रही। अगर आंकड़ों पर नजर डालें तो फ्लिपकार्ट पर 56 फीसदी ब्यूटी ग्राहक जेन-जी हैं और दो-तिहाई सर्च छोटे शहरों-कस्बों से आती है। 

 


दूसरी ओर बॉलीवुड सेलिब्रिटीज ने भी इस ट्रेंड को हवा दी है। बॉलीवुड स्टार कृति सैनन ने 2023 में वैशाली गुप्ता के साथ मिलकर वीगन स्किनकेयर ब्रांड हाइफन की शुरुआत की। वैशाली गुप्ता खुद एमकैफीन (mCaffeine) चलाती हैं, जो खुद को भारत का पहला कैफीनयुक्त पर्सनल केयर ब्रांड बताता है। इनके अलावा, शिल्पा शेट्टी जैसी स्टार्स इस ट्रेंड में निवेशक-एंबेसडर के तौर पर जुड़ीं और दीपिका पादुकोण , कैटरीना कैफ जैसी स्टार्स ने भी पिछले कुछ सालों में अपने स्किनकेयर ब्रांड लॉन्च किए हैं। 


 रेडसीर की रिपोर्ट के मुताबिक, इसके पीछे की एक वजह बढ़ती खर्च क्षमता भी है। भारत की प्रति व्यक्ति आय 2019 में ही 2,000 डॉलर के पार पहुंच गई थी। इस स्तर पर पहुंचने के बाद लोग गैर-जरूरी खर्च भी ज्यादा करने लगते हैं। आगे यह ग्रोथ और तेज हो सकती है। 

भारतीय BPC बाजार पर विदेशी कंपनियों की नजर

भारत के ब्यूटी बाजार में तेज ग्रोथ ने दुनिया भर की बड़ी कंपनियों का ध्यान खींचा है, और ग्लोबल कैपिटल को अट्रैक्ट किया। मार्च 2026 में अमेरिकी लग्जरी कॉस्मेटिक्स कंपनी एस्टी लॉडर ने आयुर्वेदिक ब्रांड फॉरेस्ट एसेंशियल्स को खरीद लिया। फॉरेस्ट एसेंशियल्स दो दशकों में एक छोटे स्टार्टअप से बढ़कर अरब डॉलर की कंपनी बन चुका है। इसके अलावा, जून 2026 में फ्रांस की कंपनी लोरियल ने डिजिटल पर्सनल केयर ब्रांड इनोविस्ट में बड़ी हिस्सेदारी खरीद ली।

 

वहीं यूनिलीवर ने भी अपनी वेंचर कैपिटल शाखा के जरिए पिछले कुछ सालों में भारत के ब्यूटी सेक्टर में कम से कम चार निवेश किए। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि विदेशी कंपनियों की यह दिलचस्पी बताती है कि भारत का ब्यूटी बाजार कितनी तेजी से बढ़ रहा है। अब ग्लोबल ब्रांड्स भारत को सिर्फ एक उभरता बाजार नहीं, बल्कि लंबे समय तक निवेश करने लायक बड़ा मौका मान रहे हैं।

 

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BPC मार्केट में भारतीय कंपनियों का हाल

आंकड़ें बताते हैं कि इस मार्केट में भारतीय ब्यूटी ब्रांड्स का हाल मिला-जुला है। हाइफन और एमकैफीन की आय पिछले एक साल में 100% बढ़ी है, और दोनों अपनी-अपनी कैटेगरी में टॉप 10 ब्रांड्स में शामिल हो चुके हैं। कृति सैनन के हाइफन ने पहले ही साल में ₹100 करोड़ से ज्यादा की सालाना रेवेन्यू रन रेट हासिल कर ली। कैटरीना कैफ का Kay Beauty (के ब्यूटी) भी तेजी से बढ़ा है। इसके अलावा, नायका के FY25 डेटा के मुताबिक इसने ₹240 करोड़ GMV पार किया और यह Nykaa के बेस्ट-परफॉर्मिंग इन-हाउस ब्रांड्स में शामिल है। 

 

लेकिन, दूसरी तरफ दीपिका पादुकोण के 82°E को FY25 में 12.3 करोड़ का घाटा हुआ, रेवेन्यू 21.2 करोड़ रुपये से गिरकर 14.7 करोड़ रह गई। कई छोटे और उभरते ब्रांड्स इस बाजार में मजबूती से टिके हैं। प्लम प्रीमियम सेगमेंट में ऑमनीचैनल रिटेल पर बड़ा दांव लगा रहा है, जबकि बायोटीक और खादी नेचुरल जैसे नेचुरल-आयुर्वेदिक ब्रांड्स लंबे समय से अपनी पकड़ बनाए हुए हैं।