हम आपको बॉलीवुड की उन फीमेल डायरेक्टर्स के बारे में बता रहे हैं जिन्होंने हमेशा लीक से हटकर फिल्में दी हैं। इन डायरेक्टर्स की कहानियों ने हमेशा दिल को छुआ है। कुछ की फिल्मों को तो भारत ही नहीं दुनियाभर में सराहना मिली।

 

इस लिस्ट में गीतू मोहनदास से लेकर जोया अख्तर का नाम शामिल है। आइए इन निर्देशकों की फिल्मों के बारे में जानते हैं।

 

यह भी पढ़ें: पंचतत्व में विलीन हुए कुकू कोहली, पत्नी अरुणा ईरानी का रो रोकर बुरा हाल

 

दीपा मेहता

 

दीपा मेहता ने ऐसे मुद्दों पर फिल्में बनाई जिनके बारे में लोग खुलकर बात तक नहीं करते हैं। उन्होंने 1996 में फिल्म 'आग' का निर्देशन किया था। इस फिल्म में समलैंगिक रिश्ते को दिखाया गया था। इस फिल्म को लेकर काफी विवाद हुआ था। दीपा ने बाद में 'अर्थ', 'वॉटर' जैसी फिल्मों का निर्देशन किया है।

 

रीमा कागती

 

रीमा कागती ने अपने करियर की शुरुआत साल 2007 में फिल्म 'हनीमून ट्रेवल्स प्राइवेट लिमिटेड' से की थी। इसके बाद 2012 में उनकी क्रिटिकली अक्लेमेड फिल्म 'तलाश' आई थी। 2018 में उन्होंने अक्षय कुमार की फिल्म 'गोल्ड' का निर्देशन किया था।

 

जोया अख्तर

 

जोया अख्तर की फिल्मों में लव और दोस्ती की नई परिभाषा देखने को मिली। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत फिल्म 'लक बाय चांस' से की थी। इसके बाद उन्होंने 'जिंदगी न मिलेगी दोबारा', 'दिल धड़कने दो', 'गली बॉय' और 'द आर्चीज' का निर्देशन किया था।


किरण राव

 

किरण राव अपनी फिल्मों में संवेदनशील मुद्दों को पर्दे पर उतारती हैं। फिर चाहे 'धोबी घाट' हो या 'लापता लेडीज'। उनकी फिल्म 'लापता लेडीज' को 97वें एकेडमी अवॉर्ड्स के लिए भारत की तरफ से ऑफिशिल एंट्री के तौर पर चुना गया था।

 

यह भी पढ़ें: 'हमारा मकसद वैसा नहीं था...', GIVA ने हटा दिया कृति सेनन वाला विवादित ऐ़ड

 

मेघना गुलजार

 

मशहूर गीतकार की बेटी मेघना गुलजार ने 2015 में फिल्म 'तलवार' का निर्देशन किया था जिसके लिए उन्हें सराहना मिली। उसके बाद उनकी राजी, छपाक और सैम बहादुर आई थी। ये तीनों अलग अलग जोनर की फिल्में हैं। उन्होंने सत्य घटनाओं पर आधारित फिल्में बनाई है।

 

गीतू मोहनदास

 

गीतू मोहनदास की हाल ही में फिल्म 'टॉक्सिक' रिलीज हुई है। इस फिल्म के रिलीज का दर्शकों को बेसब्री से इंतजार था। 'टॉक्सिक' का बजट करीब 300 से 600 करोड़ है। 2004 में उनकी फिल्म अकाले रिलीज हुई थी। इस फिल्म के लिए उन्हें केरल स्टेट फिल्म अवॉर्ड और फिल्म फेयर अवॉर्ड से नवाजा गया था। 2009 में उन्होंने प्रोडक्शन हाउस 'अनप्लगड' शुरू किया। इस साल उनकी शॉर्ट फिल्म ‘केल्कुन्नुंडो’ रिलीज हुई थी जिसे नेशनल अवॉर्ड मिला था। 2013 में उन्होंने लायर्स डाइड डायरेक्ट की थी। इस फिल्म में उनके काम की खूब तारीफ हुई थी।