ईरान ने कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हमला किया। मिसाइल और ड्रोन हमलों में एक व्यक्ति की जान गई है और दर्जनों घायल हुए हैं। मृतक व्यक्ति भारतीय नागरिक है। बुधवार को भारतीय विदेश मंत्रालय ने भी कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हमले की कड़ी निंदा की। मंत्रालय ने पीड़ित परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और सभी पक्षों से आम नागरिकों को निशाना ना बनाने की अपील की।
एक बयान में विदेश मंत्रालय ने कहा, 'हम आज कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए हमले की कड़ी निंदा करते हैं,जिसमें एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई है और हमारे कई नागरिक घायल हुए हैं। पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू होने के बाद से हमने जोर देकर कहा है कि आम नागरिकों और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। हम एक बार फिर सभी पक्षों से अपील करते हैं कि वे ऐसे हमले बंद करें।'
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अलर्ट पर भारतीय दूतावास
मंत्रालय ने आगे कहा, 'हम पीड़ित परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं। हमारा दूतावास घायलों को हर संभव सहायता प्रदान कर रहा है। भारतीय नागरिकों की भलाई के लिए हम स्थानीय अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हैं। इस पूरे क्षेत्र में मौजूद भारतीय मिशन और पोस्ट अलर्ट पर हैं और हमारे समुदाय को सक्रिय रूप से सहायता प्रदान करना जारी रखे हैं।'
कुवैत ने बताया कि ईरान ने बुधवार को करीब 13 बैलेस्टिक मिसाइल और 17 ड्रोन से हमला किया था। कुवैत विदेश मंत्रालय ने बताया, 'कुवैत ने ईरान से दागी गई 13 बैलिस्टिक मिसाइलों और 17 ड्रोनों को नाकाम किया। कई आवासीय क्षेत्रों में अवरोध उत्पन्न किए गए, जिसके परिणामस्वरूप कुछ मलबा गिर गया। लोगों से प्रभावित स्थलों के पास न जाने की अपील की।
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युद्धविराम टूटने का खतरा
बुधवार तड़के ईरान के आईआरजीसी ने कुवैत और बहरीन पर दर्जनों मिसाइल व ड्रोन से हमला किया। जवाब में अमेरिका ने ईरान के केशम द्वीप को निशाना बनाया। अब सवाल यह उठ रहा है कि ईरान कुवैत और बहरीन को निशाना क्यों बना रहा है? दरअसल, यहां अमेरिका के सैन्य अड्डे हैं। इसी कारण से इन देशों को ईरान निशाना बना रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच जंग की शुरुआत 28 फरवरी को हुई थी। पाकिस्तान की मध्यस्थता से 8 अप्रैल को अस्थायी युद्धविराम लागू है। मगर ताजा हमले के बाद इसके टूटने की आशंका है।
