पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के संस्थापक इमरान खान पिछले लंबे समय से जेल में बंद हैं। उनकी मौत की खबरों ने बुधवार को पाकिस्तान की राजनीति में हलचल मचा दी थी। इमरान खान की पार्टी और परिवार लगातार उन्हें जेल से रिहा करने की मांग कर रहे हैं। उनके स्वास्थय को लेकर भी लोग चिंता जाहिर कर रहे थे। इस बीच उनकी मौत की खबर ने हड़कंप मचा दिया।
इश पूरी हलचल के बीच पत्रकार वजाहत सईद खान ने दावा किया कि पाकिस्तान के जनरल हेडक्वार्टर में तीन वरिष्ठ अधिकारियों ने इमरान खान के जीवित होने को लेकर आशंका जताई है। उनके इस दावे के बाद हंगामा होना तय था और जमकर हंगामा हुआ भी। इसके बाद पाकिस्तानी सेना को बचाव के लिए सामने आना ही पड़ा। पाकिस्तान की सेना के इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की मौत की खबरों को झूठा बताया और पत्रकार के दावों को फर्जी बताया।
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पत्रकार ने क्या बोला था?
पत्रकार वजाहत सईद खान ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया था। इस वीडियो में उन्होंने बताया था कि उन्हें तीन सीनियर GHQ अधिकारियों ने उन्हें इस बारे में जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि यह अधिकारी हेडक्वार्टर में बैठते हैं और उन्होंने अपनी आंखों से नहीं देखा लेकिन अपने कानों से बातें सुनी हैं और उन्हें डर है कि इमरान खान अब हमारे बीच नहीं रहे। वजाहत सईद खान ने साफ किया कि अभी तक इस खबर की पुष्टि नहीं हो पाई है लेकिन अधिकारियों को इस बात का डर है। उन्होंने उम्मीद जताई थी कि इमरान खान जिंदा हों।
अब क्या बोला पत्रकार?
विवाद बढ़ने के बाद वजाहत सईद खान ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो संदेश जारी कर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि उनके सूत्रों ने इमरान खान की मौत की पुष्टि नहीं की थी, बल्कि इस बात को लेकर गहरी चिंता जताई थी कि उनके साथ कुछ गंभीर हो सकता है। पत्रकार के मुताबिक, जेल में इमरान खान को लेकर सेना की चुप्पी ने इन आशंकाओं को जन्म दिया। बाद में ISPR की प्रतिक्रिया सामने आने पर उन्होंने कहा कि कम से कम सेना ने पहली बार कई महीनों की चुप्पी तोड़ी है।
2023 से जेल में बंद हैं इमरान खान
इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में हैं और उनकी हिरासत को लेकर PTI लगातार सरकार पर सवाल उठाती रही है। हाल के दिनों में उनके परिवार और पार्टी ने उनकी सेहत तथा उनसे मुलाकात की अनुमति को लेकर चिंता जताई है। उनके बेटों कासिम और सुलेमान खान ने भी कहा है कि उन्हें अपने पिता की स्थिति की पर्याप्त जानकारी नहीं मिल पा रही है। PTI की मांग है कि परिवार के सदस्यों और इमरान खान के निजी डॉक्टर को उनसे मिलने की अनुमति दी जाए।
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लगातार उड़ती रही अफवाहें
इमरान खान की सेहत को लेकर चिंता का एक कारण उनकी आंखों की समस्या भी रही है। इस साल उनके परिवार और अधिकारियों के बीच उनकी आंखो तथा इलाज को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए थे। ऐसे में जेल से उनकी सीमित जानकारी और मुलाकातों पर विवाद ने मौत की अफवाहों को और हवा दी। हालांकि, इस समय उपलब्ध ताजा आधिकारिक जानकारी के मुताबिक इमरान खान की मौत की खबर की पुष्टि नहीं हुई है और पाकिस्तानी सेना ने इसे खारिज किया है।
