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'कितने पेट्रोलिंग प्वाइंट चीन को दे दिए?' अब पूर्व मंत्री RK सिंह ने उठाए सवाल

अरुणाचल प्रदेश में चीन के कथित कब्जे के मुद्दे पर अब पूर्व मंत्री आर के सिंह ने भी बीजेपी सरकार को घेरा है। उन्होंने मांग की है कि इस पर देश के रक्षामंत्री और प्रधानमंत्री को जवाब देना चाहिए।

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पूर्व मंत्री RK सिंह ने उठाए सवाल, Photo Credit: Social Media

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पूर्वोत्तर के राज्य अरुणाचल प्रदेश में भारत और चीन की सीमा पर स्थित ताक्सिंग को लेकर अब नया विवाद शुरू हो गया है। स्थानीय संस्थाओं की ओर से दावा किया गया कि कुछ भारतीय इलाकों पर चीन कब्जा कर रहा है। यह भी कहा गया कि भारत ने कुछ पेट्रोलिंग प्वाइंट छोड़ दिए हैं जिन पर चीन ने कब्जा कर लिया है। भारत सरकार ने ऐसे दावों को खारिज किया है लेकिन लंबे समय तक सरकार और सत्ताधारी पार्टी यानी भारतीय जनता पार्टी (BJP) का हिस्सा रहे आर के सिंह भी अब यही सवाल उठा रहे हैं। भारत के गृह सचिव और फिर मोदी सरकार में मंत्री रहे आर के सिंह ने एक वीडियो जारी करके पूछा है कि 2014 के बाद से अब तक कितने पेट्रोलिंग प्वाइंट चीन को दे दिए गए।

 

उन्होंने ब्यूरोकेसी के अपने अनुभव का जिक्र करते हुए कहा है कि उन्हें पता है कि यह सिस्टम कैसे काम करता है। साल 2025 में बीजेपी से इस्तीफा दे चुके आर के सिंह कई मुद्दों पर अपनी पुरानी पार्टी को घेरते रहे हैं और इस बार उन्होंने सीमा सुरक्षा के मामले पर सवाल उठाए हैं। हालांकि, अरुणाचल में चीन के कब्जे की बात को राज्य की पेमा खांडू सरकार से लेकर केंद्र सरकार तक ने खारिज किया है।

 

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हाल ही में उस वक्त हंगामा खड़ा हो गया था जब पीपल्स पार्टी ऑफ अरुणाचल प्रदेश की फैक्ट फाइंडिंग टीम ने दावा किया कि चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) भारतीय सीमा के अंदर आकर कब्जा कर रही है। उनका यह दावा अरुणाचल प्रदेश के ऊपरी सुबंसिरी जिले के ताक्सिंग इलाके को लेकर था। इस कमेटी का दावा है कि चीन ने ताक्सिंग इलाके में भारतीय सेना को पेट्रोलिंग करने से रोक दिया है। कुछ दिनों पहले ही दोनों देशों के बीच अरुणाचल प्रदेश की 27 जगहों को लेकर डिप्लोमैटिक एक्सचेंज भी हुआ था ऐसे में इन दावों को और हवा मिल गई है। हालांकि, सरकार ने इसे सिरे से खारिज कर दिया है।

RK सिंह ने उठाए सवाल

इसी मुद्दे पर एक वीडियो जारी करके आरके सिंह ने कहा है, 'दोस्तो, मैं आरके सिंह हूं। मैंने रक्षा मंत्रालय में 8 साल और गृह मंत्रालय में 7 साल बिताए हैं। मैं जानता हूं कि बॉर्डर मैनेजमेंट क्या है। आज मैंने टाइम्स ऑफ इंडिया में एक खबर पढ़ी जो मुझे चिंतित करती है और इसकी चिंता  भारत के हर शख्स को होनी चाहिए। ऐसा लगता है कि हमने एक पेट्रोलिंग प्वाइंट छोड़ दिया है। अरुणाचल के ताक्सिंग में मौजूद इस प्वाइंट का नाम शेरा 5 है। चीन ने वहां अपनी स्थायी मौजूदगी बना ली है। मैं आपको बताता हूं कि इसके मायने क्या हैं। चीन और हमारा विवाद सीमा को लेकर रहा है और यह विवाद तब से है जब से चीन ने अक्साई चिन पर विवाद हुआ और इसी को लेकर 1962 का युद्ध हुआ।'

 

उन्होंने आगे कहा है, 'चीन मैकमोहन लाइन को नहीं मानता है। वे LAC को तय भी नहीं करना चाहते हैं क्योंकि उनका दावा हमारे क्षेत्र में यानी पूरे अरुणाचल प्रदेश पर है। इसी के चलते हम पेट्रोलिंग करते हैं। हमारी पेट्रोलिंग हमारे हिसाब से जो LAC है, वहां तक होती है। इसी तरह चीन को जो लगता है कि जहां तक उसका क्षेत्र है, वहां तक वह पेट्रोलिंग करता है। यह पेट्रोलिंग दिखाती है कि हमारे दावे कहां तक हैं। इससे यह होगा कि जब बातचीत होगी तो यही क्लेम लाइन काम आएगी। इसी के चलते पेट्रोलिंग जरूरी है।'

 

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आरके सिंह ने पेट्रोलिंग प्वाइंट छोड़ने का मुद्दा उठाते हुए कहा है, 'इन पेट्रोलिंग प्लाइंट की जानकारी दूसरे पक्ष को भी दी जाती है। जब आप पेट्रोल प्वाइंट छोड़ देते हैं और चीन उस पर कब्जा कर ले तो इसका मतलब है कि आपने अपना दावा छोड़ दिया है। अखबारों में छपा है कि एक पेट्रोलिंग प्वाइंट छोड़ दिया है। अब मैं और पूरा देश जानना चाहता है कि 2014 से अब तक कुल कितने पेट्रोलिंग प्वाइंट दे दिए गए? क्या यह इकलौता पेट्रोलिंग प्वाइंट है जिसे हमने छोड़ दिया और चीन ने उस पर कब्जा कर लिया या ऐसे और भी हैं? सरकार को इसका जवाब देना चाहिए। यह दिखाता है कि सरकार देश के दावे पर भी नहीं खड़ी हो सकती है। रक्षामंत्री और प्रधानमंत्री को इसका जवाब देना चाहिए क्योंकि बिना उनकी मर्जी के कोई पेट्रोलिंग प्वाइंट नहीं छोड़ा जा सकता है।'

PPA के किस दावे पर मचा हंगामा?

दरअसल, PPA की फैक्ट फाइंडिंग कमेटी का कहना है कि अप्रैल से अक्तूबर में जब मौसम सही होता है तब भारतीय सेना ताक्सिंग इलाके में लगातार पेट्रोलिंग करती है। PPA के मुताबिक, जब उसकी फैक्ट फाइंडिंग टीम ने 10 जुलाई को ताक्सिंग, माजा और गलेमो के स्थानीय लोगों से बात की तो पचा चला कि चीन अब भारत के जवानों को शेरा 5 प्वाइंट तक नहीं जाने दे रहा है। PPA का दावा है कि भारत ने इसका विरोध भी नहीं किया और वह पीछे हट गया। इसके बाद चीन के जवान फिर से वहां आए और भारत से जुड़ी निशानियां भी खत्म कर दीं।

 

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इस पर भारतीय सेना का कहना है कि ऐसे आरोपों का का कोई आधार नहीं है और वे पूरी तरह से गलत हैं। इसी पर अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने कहा कि ऐसा कोई अतिक्रमण नहीं हुआ है और भारतीय सेना पहले की तरह ही पेट्रोलिंग कर रही है।  


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