हूती और सऊदी अरब में छिड़ी जंग के बीच पाकिस्तान की सरकार ने स्मार्ट लॉकडाउन लगा दिया है। नए नियम के मुताबिक बाजारों को रात 9 बजे बंद करना होगा। तीन महीने तक सरकारी वाहनों को 50 फीसद कम ईंधन मिलेगा। सरकारी अधिकारियों के विदेश यात्रा पर पूर्ण बैन रहेगा। इसके अलावा सरकारी वाहनों की खरीद पर भी पाबंदी लगाई गई है। 17 सितंबर को पाकिस्तान की कैबिनेट ने यह अधिसूचना जारी की। ईंधन बचाने के उद्देश्य से इन उपायों को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। पाकिस्तान की सरकार 9 मार्च से 19 जून तक ऐसा ही स्मार्ट लॉकडाउन पहले भी लगा चुकी है।
रात 9 बजे तक: बाजार, शॉपिंग मॉल, किराना, जनरल और डिमार्टमेंटल स्टोर खुलेंगे। रात 9 बजे के बाद खोलने पर एक्शन होगा।
10 बजे तक: व्यावसायिक स्थल, मैरिज हॉल, टेंट हाउस, बैंक्वेट हॉल खुलेंगे। मतलब पाकिस्तान में अब देर रात तक जश्न मनाने की इजाजत नहीं होगी।
विवाह से जुड़े समारोह में सिर्फ एक ही तरह का खाना परोसा जाएगा।
11 बजे तक : होटल, रेस्टोरेंट, फूड आउटलेट, फल-सब्जी की दुकानें, कैफे को बंद करना होगा।
इन्हें मिली छूट: अस्पताल, क्लीनिक, दवाखाना, दूध की दुकान, डेयरी यूनिट, गैस और फ्यूल स्टेशन, जिम, खेल के मैदान, चार्जिंग स्टेशन, कॉल सेंटर, राशन की दुकान, तंदूर और बेकरियों को प्रतिबंध से छूट दी गई है।
सरकारी वाहनों को मिलेगा आधा तेल
अगले तीन महीने तक सरकारी वाहनों को मिलने वाले तेल में 50 फीसद की कमी की गई है। हालांकि सशस्त्र बलों, पुलिस और राजस्व बोर्ड को छूट दी गई है। वहीं विकास से जुड़ी परियोजना पर यह आदेश लागू नहीं होगा। पाकिस्तान की सरकार वित्त वर्ष 2026-27 में गैर-कर्मचारी से जुड़े व्यय बजट में लगभग 5 फीसद की कटौती भी करेगी। इसके दायरे में पाकिस्तानी दूतावास के कर्मचारी भी आएंगे।
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नए वाहनों की खरीद पर रोक
विकास परियोजना को छोड़कर सभी प्रकार के सरकारी वाहनों की खरीद पर प्रतिबंध रहेगा। अन्य टिकाऊ वस्तुओं की खरीद पर भी रोक रहेगी। हालांकि सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़े उपकरणों की खरीद को छूट दी गई है। अधिसूचना में अगले तीन महीने तक सरकारी अधिकारियों की विदेश यात्रा पर रोक लगाने की बात भी कही गई है। वहीं जरूरत पड़ने पर सभी मंत्रियों, सलाहकारों, राज्य मंत्रियों, प्रधानमंत्री के विशेष सहायकों, संसदीय और सरकारी अधिकारी इकोनॉमी क्लास में यात्रा करेंगे।
रात्रिभोज का आयोजन नहीं, टेलीकॉन्फ्रेंसिंग से होगी मीटिंग
आदेश में यह भी कहा गया कि अगर बैठक शहर में होती है तो अधिकारी वहां जाकर हिस्सा ले सकते हैं, लेकिन किसी अन्य शहर में होने वाली बैठक टेलीकॉन्फ्रेंसिंग से करेंगे। विदेश प्रतिनिधिमंडलों को छोड़कर किसी के लिए भी आधिकारिक रात्रिभोज का आयोजन नहीं किया जाएगा। अगले आदेश तक सरकार के पैसे से सेमिनारों, प्रशिक्षण और सम्मेलनों का आयोजन नहीं किया जाएगा।
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क्यों लगाना पड़ा स्मार्ट लॉकडाउन?
पाकिस्तान अपना अधिकांश तेल सऊदी अरब से मंगवाता है। इसकी वजह यह है कि सऊदी अरब उधार के तौर पर उसे तेल मुहैया करवाता है। लाल सागर पर हूती विद्रोहियों की नाकेबंदी और पूर्व-पश्चिम तेल पाइपलाइन पर हमले के बाद सऊदी अरब का निर्यात खतरे में पड़ गया है। अब आने वाले संकट को भाप कर पाकिस्तान की सरकार ने ईंधन बचाने की पहल की है।
