आज के समय में हार्ट संबंधी बीमारियों का खतरा सबसे ज्यादा रहता है इसलिए जरूरी है कि हर व्यक्ति को अपना बीपी नंबर पता होना चाहिए। American Heart Association के मुताबिक अगर किसी व्यक्ति का ब्लड प्रेशर 120/80 mmHg आता है तो इस नॉर्मल माना जाता है। 

 

बीपी की मशीन का इस्तेमाल कर आप ब्लड प्रेशर नाप सकते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि अगर पैर में ब्लड प्रेशर की मशीन लगाते हैं तो हार्ट में हुए ब्लॉकेज के बारे में पता कर सकते हैं। इस बारे में राजस्थान, कोटा हार्ट इंस्टीट्यूट के हृदय रोग स्पेशलिस्ट डॉक्टर साकेत गोयल ने बताया है।

 

यह भी पढ़ें: बीपी और शुगर के मरीज रखते हैं व्रत तो इन बातों का रखें ध्यान

हार्ट में ब्लॉकेज कैसे पता कर सकते हैं?

डॉक्टर साकेत गोयल के मुताबिक, आपको सबसे पहले अपने हाथों पर ब्लड प्रेशर वाली मशीन लगाकर रीडिंग लेनी है। इसके बाद इसी मशीन को अपने पैर के एंकल पर बांधना है और जो भी रीडिंग आई उसे नोट कर लेना है। आपको दोनों की ऊपर वाली रीडिंग लेनी है। दोनों रीडिंग में आपको भाग देना है। पैर की रीडिंग से हाथ की रीडिंग में भाग दें। 

 

अगर रीडिंग 1 से 1.3 के बीच है तो सामान्य है। अगर रीडिंग 0.9 से कम है तो ब्लॉकेज की संभावना हो सकती है। अगर आपके पैर का ब्लड प्रेशर हाथ के ब्लड प्रेशर से कम आता है तो इसका मतलब है कि हार्ट में ब्लॉकेज हो सकता है। इस ABI (Ankle-Brachial Index) स्कोर कहा जाता है। यह बस शुरुआती इंडेक्टेर है। हालांकि सिर्फ इस एक टेस्ट हार्ट ब्लॉकेज की पुष्टि नहीं हो सकती है। ब्लॉकेज का पता लगाने के लिए ईसीजी (ECG), इकोकार्डियोग्राफी (Echo), खून की जांच, स्ट्रेस टेस्ट, सीटी कोरोनरी एंजियोग्राफी और जरूरत पड़ने पर पारंपरिक कोरोनरी एंजियोग्राफी टेस्ट किया जाता है।

 

यह भी पढ़ें: व्रत में कुट्टू की पूड़ी और साबूदाना छोड़ें, इन चीजों से करें दिन की शुरुआत

इन लक्षणों को न करें इग्नोर

  • सीने में दर्द
  • सांस लेने में परेशानी
  • बिना कारण अधिक पसीना आना
  • चक्कर आना
  • बांह, कंधे, पीठ, गर्दन के दर्द का जबड़े तक फैलना।
  • अगर ये लक्षण बार-बार दिख रहे हैं तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। आप लक्षणों के ठीक होने का इंतजार न करें।

हृदय का कैसे रखें ख्याल?

  • हार्ट का ख्याल रखने के लिए बाहर का जंक फूड बंद कर दें।
  • वजन को मेंटेन करके रखें।
  • संतुलित आहार लें।
  • धूम्रपान और तंबाकू बिल्कुछ छोड़ दें।
  • समय-समय पर स्वास्थ्य की जांच करवाते रहें।