आजकल करियर, देर से शादी या व्यक्तिगत कारणों की वजह से कई महिलाएं 40 की उम्र के आसपास मां बनने की योजना बनाती हैं। मेडिकल साइंस की प्रगति ने इसे संभव तो बनाया है, लेकिन यह पूरी तरह जोखिम-रहित नहीं है। सही जानकारी और तैयारी के साथ 40 की उम्र में भी स्वस्थ प्रेग्नेंसी संभव है, लेकिन अतिरिक्त सावधानी जरूरी होती है। हाल ही में बॉलीवुड अभिनेत्री दीपिका पादुकोण ने 40 साल की उम्र दूसरी बार मां बनने का ऐलान किया है। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए फैंस को गुडन्यूज दी।
क्लाउडनाइन ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स, नई दिल्ली, पटपड़गंज में वरिष्ठ फर्टिलिटी विशेषज्ञ डाक्टर जयश्री पाठक के मुताबिक जानते हैं कि 40 की उम्र में मां बनने की सोच रही हैं को यह क्या दिक्कतें हो सकती हैं?
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बच्चे की सेहत पर पड़ता है असर
डॉक्टर जयश्री के मुताबिक इस उम्र में शरीर में कई बदलाव आ चुके होते हैं। अंडों की संख्या और गुणवत्ता दोनों कम हो जाती हैं, जिससे गर्भधारण में समय लग सकता है या कठिनाई हो सकती है। इसके अलावा, हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, थायरॉयड जैसी समस्याओं का खतरा भी बढ़ जाता है, जो प्रेग्नेंसी को प्रभावित कर सकती हैं। उन्होंने आगे बताया कि लेट प्रेग्नेंसी की वजह से बच्चे में भी स्वास्थ्य जोखिन बढ़ सकते हैं। जैसे बच्चे में क्रोमोसोमल असामान्यताएं (जैसे डाउन सिंड्रोम), समय से पहले जन्म (प्रिमेच्योर डिलीवरी) और कम वजन का जन्म। हालांकि, नियमित जांच और सही मेडिकल देखभाल से इन जोखिमों को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
क्या लेट प्रेग्नेंसी को सामान्य मानना सही है?
आईवीएफ (IVF) और अन्य फर्टिलिटी तकनीकों ने निश्चित रूप से कई महिलाओं को देर से मां बनने का अवसर दिया है। लेकिन यह समझना जरूरी है कि ये तकनीकें उम्र से जुड़े जोखिमों को पूरी तरह खत्म नहीं करतीं। सफलता दर उम्र के साथ कम होती है और हर केस में परिणाम समान नहीं होते। इसलिए लेट प्रेग्नेंसी को पूरी तरह 'सामान्य' मान लेना सही नहीं है।
लेट प्रेग्नेंसी के क्या नुकसान हो सकते हैं?
40 के बाद प्रेग्नेंसी में मिसकैरेज (गर्भपात) का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा, प्रेग्नेंसी के दौरान जटिलताएं जैसे प्री-एक्लेम्प्सिया, जेस्टेशनल डायबिटीज और सिजेरियन डिलीवरी की संभावना अधिक होती है। रिकवरी में भी समय लग सकता है।
मां बनने की सही उम्र क्या है?
मेडिकल दृष्टि से 20 से 30 साल के बीच की उम्र को सबसे सुरक्षित और अनुकूल माना जाता है, क्योंकि इस समय शरीर और प्रजनन क्षमता अपने सर्वोत्तम स्तर पर होती है। हालांकि, हर महिला की स्थिति अलग होती है, इसलिए सही उम्र का निर्णय व्यक्तिगत स्वास्थ्य और परिस्थितियों पर निर्भर करता है।
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40 की उम्र में प्रेग्नेंसी प्लान करने वाली महिलाएं किन बातों का ध्यान रखें?
- प्रेग्नेंसी से पहले हेल्थ चेकअप जरूर कराएं
- ब्लड शुगर, थायरॉयड और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखें
- फोलिक एसिड और जरूरी सप्लीमेंट्स डॉक्टर की सलाह से लें
- संतुलित आहार और नियमित व्यायाम को अपनाएं
- तनाव कम रखें और पर्याप्त नींद लें
- नियमित रूप से डॉक्टर की जांच और स्कैन करवाएं
निष्कर्ष
40 की उम्र में मां बनना संभव है, लेकिन इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। सही समय पर सही जानकारी, डॉक्टर की निगरानी और स्वस्थ जीवनशैली के साथ आप एक सुरक्षित और स्वस्थ प्रेग्नेंसी की दिशा में आगे बढ़ सकती हैं।
