आज के समय में हर 4 में से 1 व्यक्ति मोटापे से जूझ रहा है। मोटापा की वजह से आपका सिर्फ शरीर ही नहीं खराब दिखता बल्कि क्रोनिक बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। हर साल 4 मार्च को वर्ल्ड ओबेसिटी डे मनाया जाता है। इस दिन मुख्य रूप से लोगों को समझाया जाता है कि मोटापा कैसे आपके शरीर को धीरे-धीरे अंदर से खोखला कर रहा है। अगर समय रहते इसे कंट्रोल नहीं किया गया तो यह गंभीर बीमारी के होने का मुख्य कारण हो सकता है। मोटापे के कारण हार्ट, टाइप 2 डायबिटीज, हाइपरटेंशन समेत अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।

 

National Family Health Survey (NFHS)- 5 की रिपोर्ट के मुताबिक 2019 से 2021 के बीच में भारत में 24% महिलाएं और 23% पुरुष अधिक वजन वाले या मोटापे से ग्रस्त हैं। पिछले एक दशक में मोटापे की दर तीन गुना ज्यादा बढ़ गई है जिससे 100 मिलियन से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। एक डेटा के मुताबिक 40% महिलाएं और 12% पुरुष पेट के मोटाप से पीड़ित हैं। मोटापे की समस्या को कम करने के लिए लोग विभिन्न प्रकार की दवाइयों का भी इस्तेमाल करते हैं। इन दवाइयों के लेने से क्या सच में फायदा पहुंचता है। इस बारे में हमने बेंगलुरु के Aster CMI अस्पताल के एंडोक्रिनोलॉजिस्ट और सीनियर कंसल्टेंट डॉक्टर महेश डीएम  से बात की।

 

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किसी व्यक्ति को कब ओबीज कहेंगे?

उस व्यक्ति को ओबीज कहा जाएगा जिसके शरीर में बहुत ज्यादा फैट जमा हो जिसकी वजह से अंदरुनी अंगों  को नुकसान पहुंचता है। अगर किसी व्यक्ति का बीएमआई 30 या उससे ज्यादा है तो उसे ओबीज कहा जाता है। अगर बीएमआई 25 से 29.9 के बीच है तो उसे ओवरवेट कहा जाता है। 18.5 से 24.9 के बीच में बीएमआई को सामान्य माना जाता है।  हर व्यक्ति का उसकी हाइट, उम्र और बॉडी टाइप पर निर्भर करता है। जिन लोगों का बीएमआई सामान्य रहता है उन्हें हार्ट संबंधी बीमारियां, डाइबिटीज, ब्लड प्रेशर और जोड़ों में दर्द की समस्या कम रहती है।

मोटापे का मुख्य कारण क्या है?

मोटापे का मुख्य कारण जरूरत से ज्यादा मात्रा में कैलोरी लेना है। अगर आप अधिक कैलोरी ले रहे हैं लेकिन उसे बर्न नहीं कर पाते हैं तो शरीर में फैट के रूप में जमा होता है। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं।

  • जरूरत से ज्यादा खाना
  • अधिक मात्रा में बाहर का जंक फूड खाना
  • तली-भूनी चीजों का सेवन।
  • घंटों एक ही जगह पर बैठना।
  • एक्सरसाइज नहीं करना।
  • पर्याप्त मात्रा में नींद नहीं लेना।
  • तनाव।
  • हार्मोनल समस्या या किसी दवाई की वजह से भी हो सकता है।

ओजेम्पिक और मौनजारो कैसे काम करता है?

वजन घटाने के लिए ओजेम्पिक और मौनजारो लेने की सलाह उन लोगों को दी जाती है जिनका बीएमआई 30 या उससे ज्यादा है। इसके अलावा जिनका बीएमआई 27 है लेकिन उन्हें डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर या हार्ट के मरीज को दी जाती है। वे भी तब जब डॉक्टर पूरी तरह से जांच कर लेता है। प्रेग्नेंट और ब्रेस्टफीडिंग वाली महिलाओं को ये दवाइयां नहीं दी जाती है। इन दवाओं को खुद से लेने की गलती न करें वरना गंभीर परिणाम हो सकता है।

 

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इन दवाओं से कितना वजन कम होता है?

ओजेम्पिक और मौनजारो जैसी दवाओं की मदद से व्यक्ति महीने भर में 2 से 4 किलोग्राम कम कर सकता है। हालांकि वजन कितना कम होगा। यह बात डाइट, एक्सरसाइज, बॉडी टाइप और बाकी चीजों पर निर्भर करती है। ये दवाएं तब ज्यादा फायदा करती है जब व्यक्ति हेल्दी डाइट, रोजाना फिजिकल एक्टिविटी कर रहा है, पर्याप्त मात्रा में नींद ले रहा है। सही देखरेख से इन दवाओं के साइड इफेक्ट्स से बचा जा सकता है।

कैसे घटा सकते हैं वजन?

  • अगर आप नेचुरल तरीके से वजन घटाना चाहते हैं तो घर का बना खाना खाएं। अपनी डाइट में फ्रूट्स, हरी सब्जियां, साबूत अनाज, प्रोटीन, फाइबर वाली चीजें खाएं।
  • रोजाना 30 मिनट एक्सरसाइज करें।
  • प्रति दिन 7 से 8 घंटे की नींद लें।
  • योग और मेडिटेशन करें।
  • हेल्दी आदतों को अपनाएं। किसी भी तरह के क्रैश डाइट को फॉलो न करें।