उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मॉनसून सत्र के दौरान संसद परिसर में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को लेकर मोदी सरकार पर जोरदार हमला किया। उन्होंने कहा कि बीजेपी और केंद्र सरकार धर्मेंद्र प्रधान पर इस्तीफे का दबाव इसलिए नहीं बन पा रही है क्योंकि वह जानते हैं अगर उन्होंने इस्तीफा दे दिया तो दबे हुए राज भी ना खोल दें। यही वजह है कि बीजेपी अपने किसी संगी-साथी पर दबाव नहीं बना पा रही है।
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष ने कहा, 'कल दो युवाओं और छात्रों के साथ हुआ कोई कल्पना नहीं कर सकता था कि आजादी के बाद किसी सरकार ने इस तरह का व्यवहार किया हो।' उन्होंने कहा कि बच्चों के सिर में चोट है उनके टांके आए हैं, पैरों और हाथों की हड्डी टूटी है। कई बच्चे जो दूर से चलकर आए हैं उनके साथ कैसा व्यवहार हुआ है। बच्चों पर आंसू गैस के गोले चलाए गए।'
बीजेपी ने हिटलर जैसा गैंग बनाया- अखिलेश
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर जो वीडियो सामने आए हैं कि कभी हिटलर ने अपने राजनीतिक लोगों के साथ इस तरह का गैंग बनाया था। आज हम बीजेपी की सरकार में देख रहे हैं। पूर्व सीएम ने कहा, 'ऐसा लग रहा था कि प्राइवेट लोग सादे कपड़े पहनकर लोगों को मार रहे थे। यह लोकतंत्र में कभी स्वीकार नहीं किया जा सकता। हम लोगों ने उस दिन भी विरोध किया और आज भी विरोध कर रहे हैं।
सम्मान के साथ खुद ही कुर्सी छोड़ दे बीजेपी
अखिलेश यादव ने कहा कि ऐसी दमनकारी सरकार को हटाने के लिए हम लगातार विरोध करते रहेंगे। उन्होंने सरकार ने आग्रह करते हुए आंदोलनकारियों को हटाने के बजाए सम्मान के साथ खुद ही अपनी कुर्सी छोड़ दो।
बता दें कि सोमवार को मॉनसून सत्र के पहले दिन 20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी के आव्हान पर संसद तक शांति मार्च निकाला था। मगर, पुलिस ने आंदोलनकारियों को रोकते हुए लाठीचार्ज कर दिया। लाठीचार्ज के बाद दर्जनों छात्रों को चोटें आई हैं।
