दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में बढ़ते प्रदूषण के बीच ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) यानी ग्रैप-3 लागू कर दिया गया है। दीवाली से दो दिन पहले कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने यह फैसला लिया। गुरुवार को दिल्ली में वायु गुणवत्ता स्तर बेहद खराब श्रेणी यानी 391 तक पहुंच गया। एहतियात के तौर पर कमीशन को यह निर्णय लेना पड़ा। इससे पहले 2 नवंबर को एनसीआर में ग्रैप-2 को लागू किया गया था।
ग्रैप 3 के तहत रेत-सीमेंट समेत निर्माण सामग्री के परिवहन पर रोक रहेगी। आपातकाल को छोड़कर डीजल जनरेटर सेट चलाने पर भी रोक रहेगी। एनसीआर क्षेत्र में बीएस-3 पेट्रोल और बीएस-4 डीजल से चलने वाले चार पहिया गाड़ियों पर पाबंदी रहेगी।
यह भी पढ़ें: दिवाली: HRTC का बड़ा इंतजाम, दिल्ली-चंडीगढ़ से चलेंगी 266 अतिरिक्त बसें
कई तरह के निर्माण और तोड़-फोड़ पर रोक रहेगी। सड़क बनाने, पेटिंग, वेल्डिंग, गैस-कटिंग, पत्थर काटने, पीसने, खुदाई, बोरिंग, ड्रीलिंग, पाइलिंग, ध्वस्तीकरण जैसे अन्य कामों पर भी प्रतिबंध रहेगा। दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और गौतम बुद्ध नगर में पांचवीं तक के स्कूल हाइब्रिड मोड पर चलेंगे। इसमें सरकारी, निगम और प्राइवेट कंपनियों को 50 फीसद कर्मचारियों को घर से काम करने की सलाह दी गई है।
सुप्रीम कोर्ट ने भी माना, वाहनों का धुआं बड़ी वजह
उधर, देश की शीर्ष अदालत ने भी शुक्रवार को दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण के लिए वाहनों से निकलने वाले धुएं को एक बड़ा कारण माना। अदालत ने कहा कि वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) में हो रही बढ़ोतरी पर अंकुश लगाने के लिए तुरंत, मध्यम अवधि के और दीर्घकालिक उपाय अपनाने की जरूरत है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने दिल्ली एनसीआर में सड़कों पर वाहनों की भारी भीड़ और जगह-जगह लगने वाले जाम पर भी चिंता व्यक्त की।
यह भी पढ़ें: वीडियोकॉन के पूर्व मालिक वेणुगोपाल दिवालिया घोषित, कैसे कर्ज में डूबे?
रोहिणी में सबसे खराब हवा
दीवाली से दो दिन पहले शुक्रवार को दिल्ली में धुंध छाई रही है। पिछले एक हफ्ते से धुंध में काफी इजाफा हुआ है। शुक्रवार को शहर का औसत एक्यूआई 391 रिकॉर्ड किया गया। परे दिल्ली में 59 वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्र हैं। इनमें से 30 ने सुबह 9 बजे एक्यूआई गंभीर श्रेणी में रिकॉर्ड की। दो ने बेहद खराब श्रेणी की जानकारी दी। सबसे खराब हवा रोहिणी की रही। यहां 475 एक्यूआई दर्ज किया गया। आईआईटी दिल्ली में प्रदूषण का स्तर 472 रहा है।
