logo

मूड

ट्रेंडिंग:

बिना बड़े स्टार के Pyre ने जीते 18 इंटरनेशनल अवॉर्ड, क्यों चर्चा में है फिल्म?

Pyre की चर्चा हर तरफ हो रही है। इस फिल्म की दमदार कहानी ने दर्शकों का दिल जीत लिया है। अंतरराष्ट्रीय मंच पर इस फिल्म ने 18 अवॉर्ड जीते हैं। आइए जानते हैं इसमें क्या खास है?

Pyre starcast

'पायर' स्टारकास्ट, Photo credit: social media

शेयर करें

google_follow_us

संबंधित खबरें

Advertisement

हम लोग अपने काम से दूर छुट्टियां मनाने के लिए उत्तराखंड की बर्फीली वादियों में जाते हैं। हमें पहाड़ों के बीच आकर लगता है कि कितना सुकून हैं लेकिन असलियत इससे बिल्कुल अलग है। पहाड़ों की जिंदगी बहुत मुश्किल है। वहां पर न सड़के हैं न अच्छे अस्पताल। पहाड़ के मुश्किल जीवन को बेहद खूबसूरती के साथ फिल्म 'पायर' में दिखाया गया है। इसका मतलब चिता होता है। इस फिल्म का निर्देशन और निर्माण विनोद कापड़ी ने किया है।

 

विनोद कापड़ी की इस फिल्म को 18 इंटरनेशनल अवॉर्ड्स मिल चुके हैं। इस फिल्म में काम करने वाले मुख्य किरदारों ने इससे पहले कभी ऐक्टिंग नहीं की थी। इस फिल्म को किसी भी ओटीटी प्लेटफॉर्म ने खरीदने से मना कर दिया था। अब इस फिल्म का डंका दुनियाभर में बज रहा है। लोग इस फिल्म के बारे में जानने के लिए बेहद उत्सुक है।

 

यह भी पढ़ें: करण जौहर पर भड़कीं रेजिना कैसेंड्रा, 'केसरी 2' के प्रमोशन में हुआ था भेदभाव

'पायर' की कहानी

फिल्म की कहानी उत्तराखंड के दूर दराज कुमाऊनी गांव में रहने वाले बुजुर्ग कपल पदम सिंह और तुलसी की है। इस गांव में न बिजली है न पानी है। लोग गांव छोड़कर जा रहे हैं। तुलसी बीमार हो जाती है। डॉक्टर उसे हर 10 दिन पर अस्पताल आने की सलाह दी है। पदम गांव के 2 नौजवानों से तुलसी को अस्पताल ले जाने की गुहार लगाता है और बदले में अपनी बकरियां देता है। बाद में वे दोनों युवक भी गांव छोड़कर जाने का फैसला लेते हैं। 

 

पदम को लगता है कि गांव के सभी लोग चले जाएंगे तो उनका अंतिम संस्कार कौन करेगा? दूसरी तरफ पदम और तुलसी को अपने बेटे की चिट्ठी मिलती है जिसमें वह लिखता है कि वह 28 साल के बाद वापस आ रहा है। इस बात से दोनों बेहद खुश है लेकिन वह नहीं आता है।

अकेले रह जाती हैं तुलसी

बेटे के नहीं आने से दोनों बेहद दुखी होते हैं। पदम तुलसी से कहता है कि वह दोनों पहाड़ से कूदकर जान दे देते हैं और गांव वाले उनका अंतिम संस्कार कर देंगे। पदम लकड़ियां काटकर चिता बनाता है। हालांकि तुलसी उसकी बात से सहमत नहीं होती है। वह अगली सुबह देखती है कि पदम चिता पर लेटा है, वह उसे उठाती है लेकिन वह नहीं उठता है। तुलसी अकेले पदम का संस्कार करती है। वह तन्हा हो जाती है। इसके बाद फिर बेटे की चिट्ठी आती है। इस चिट्ठी में कुछ ऐसा लिखा होता है जिसे जानकर आप हैरान हो जाएंगे।

 

 

यह भी पढ़ें: Rise and Fall 2 के विनर बने शहजाद पूनावाला, तेज प्रताप बोले- 'यहां भी वोट चोरी'

'पायर' को बनने में लगे 8 साल

इस फिल्म में पदम तुलसी के प्यार, इंतजार, अकेलेपन और पलायन के दर्द को दिखाया गया है। दोनों का प्याका रिश्ता दर्शकों का दिल छू लेता है। इस फिल्म में पदम सिंह कापरी और हीरा देवी ने मुख्य भूमिका निभाई हैं। इस फिल्म को बनने में करीब 8 साल लग गए। इसके लिरिक्स और कंपोजिशन का काम गुलजार और Mychael Danna ने मिलकर किया है। खास बात यह कि दोनों ने इस प्रोजेक्ट के लिए एक रुपया नहीं लिया है। यह एक असल कहानी पर बनी फिल्म है। यह फिल्म 30 अक्टूबर को सिनेमाघरों में रिलीज हुई है। इस फिल्म में कोई बड़ा चेहरा नहीं होने की वजह से पब्लिसिटी नहीं मिली लेकिन अब वर्ड ऑफ माउथ का फायदा मिल रहा है।

Related Topic:#Entertainment

और पढ़ें