कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने शुक्रवार यानी 24 जुलाई को देशव्यापी विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है। पार्टी ने कहा कि छात्रों पर पुलिस की बर्बरता के खिलाफ यह विरोध प्रदर्शन हर जिले में आयोजित किया जाएगा। कॉकरोच जनता पार्टी ने संगठनों और छात्रों संघों से पुलिस कार्रवाई के पीड़ितों के प्रति एकजुटता दिखाने की अपील की। 

 

शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) अध्यक्ष राज ठाकरे ने 26 जुलाई को मुंबई में मार्च निकालने का ऐलान किया है। उद्धव ठाकरे ने दावा किया कि सरकार निष्ठुर हो गई है, लेकिन छात्र अब किसी से डरने वाले नहीं हैं।

 

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भोपाल में कांग्रेस का प्रदर्शन

उधर, गुरुवार को भी देश के अलग-अलग हिस्सों में विरोध प्रदर्शन का दौर जारी रहा। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नीट पेपर लीक मामले में प्रदर्शन किया किया और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगा। 

कटिहार और बेगूसराय में लाठीचार्ज

बिहार के कटिहार में छात्रों का प्रदर्शन हिंसक हो गया। यहां पथराव में कटिहार सर्कल ऑफिसर सोनू भगत की आंख में चोट लगी है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि प्रदर्शन बिना अनुमति के आयोजित किया जा रहा था। हमलावर असली छात्र नहीं लग रहे थे।

 

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बेगूसराय में भी ऐसा ही नजारा देखने को मिला। यहां पथराव के बाद हिंसा भड़क उठी। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया। कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया। बेगूसराय के एसपी मनीष ने कहा कि छात्रों से बार-बार शांति बनाए रखने की अपील की गई, लेकिन उन्होंने इसे अनसुना कर दिया।

पीएम मोदी! ये मामला आपके इस्तीफे तक पहुंच जाएगा: दिपके

कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने गुरुवार को पीएम मोदी को चेतावनी दी और कहा कि अगर धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं लिया तो यह मामला सिर्फ यही तक सीमित नहीं रहेगा। मामला आपके इस्तीफे तक पहुंच जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव में कोई भी पीएम मोदी को वोट नहीं देगा। 

 

 

 

 

अपने संबोधन में दिपके ने कहा, 'मोदी जी, मैं आपसे एक बार फिर अनुरोध करता हूं कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार कर लें। वरना यह मामला सिर्फ धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक ही सीमित नहीं रहेगा। यह आपके इस्तीफे तक भी पहुंच जाएगा। एक अक्षम और विफल मंत्री इस देश के करोड़ों छात्रों से अधिक अहम नहीं हो सकता। अगर एक विफल और अक्षम मंत्री को इन करोड़ों छात्रों से अधिक महत्वपूर्ण माना जा रहा है तो याद रखिए कि भारत में चुनाव में कोई भी आपको वोट नहीं देगा।'