तेजस MK1A फाइटर जेट कार्यक्रम से जुड़ी एक अच्छी खबर सामने आ रही है। अमेरिकी कंपनी जीई एयरोस्पेस ने हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) को अगस्त महीने में तीन और इंजनों की डिलीवरी कर दी है। इससे फाइटर जेट प्रोग्राम को गति मिलने की उम्मीद है, जो पहले से ही वर्षों की देरी का सामना कर रहा है। जीई एयरोस्पेस ने कहा, 'अगस्त 2026 में एचएएल को तीन F404–IN20 इंजन भेजे हैं। हमें भारत के स्वदेशी फाइटर जेट्स को शक्ति देने के लिए हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) और भारतीय वायु सेना के साथ साझेदारी करने पर गर्व है।'

 

साल 2021 में एचएल और जीई के बीच एक अनुबंध हुआ था। इसके तहत अमेरिकी कंपनी को 99 इंजनों की आपूर्ति करना था। यह सौदा 5,375 करोड़ रुपये का था। जीई ने साल 2016 तक एचएएल को 65 एफ404-आईएन20 इंजन की आपूर्ति की। इन इंजनों का इस्तेमाल तेजस एलसीए में किया गया। बाद में कोई अन्य ऑर्डर नहीं मिलने पर जीई ने उत्पादन बंद कर दिया। 2021 में एचएएल ने दोबारा 99 इंजनों का ऑर्डर दिया। जीई ने पांच साल बाद अपनी सप्लाई चेन को सक्रिय किया और इंजन उत्पादन दोबारा आरंभ किया।

 

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बता दें कि भारतीय वायुसेना ने एचएएल को 180 एलसीए MK1A विमानों का ऑर्डर दे रखा है। जीई ने अभी तक सात इंजनों की आपूर्ति की थी। इन तीन इंजनों को मिलाने से कुल संख्या 10 तक पहुंचती है। एचएएल के पूर्व अध्यक्ष डीके सुनील ने अप्रैल में बताया था कि जीई ने 2026 की दूसरी छमाही के दौरान जून से दिसंबर के बीच 20 एफ404 इंजन देने का आश्वासन दिया था।

 

 

 

नासिक तीसरी प्रोडक्शन लाइन, मगर इंजन नहीं

पिछले साल रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नासिक में तेजस एमके1ए की तीसरी प्रोडक्शन लाइन की शुरुआत की थी। एक प्रोडक्शन लाइन में हर साल आठ विमानों के उत्पादन की क्षमता है। अगर समय पर इंजन मिलते हैं तो सालाना 24 फाइटर जेट का उत्पादन हो सकता था। मगर देरी से इंजन की आपूर्ति ने सारा गणित बिगाड़ दिया। वायुसेना ने पहली बार 83 एमके1A और दूसरी बार 97 विमानों का ऑर्डर दिया था। 

 

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पिछले साल ही HAL को मिला 62 हजार करोड़ का ऑर्डर

जीई को अलग-अलग समझौतों के तहत एचएएल को कुल 212 इंजनों की डिलीवरी करनी है। एचएएल के साथ समझौते के मुताबिक 31 मार्च 2024 तक वायुसेना को पहला तेजस MK-1A विमान मिलना था। लेकिन एक साल की देरी के बाद अक्टूबर 2025 में Mk-1A ने पहली बार महाराष्ट्र के नासिक में उड़ान भरी। पिछले साल अगस्त महीने में ही रक्षा मंत्रालय ने एचएएल को 97 तेजस MK-1A विमानों का एक और बड़ा ऑर्डर दिया। यह सौदा लगभग 62,370 करोड़ रुपये का है। दोनों करार के तहत वायुसेना को कुल 180 तेजस MK-1A विमान मिलने हैं।