दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को एक पुरानी पांच मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसा मोती बाग के सत्य निकेतन में शिव मंदिर के पास हुआ। इमारत के मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका है। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, अब तक 9 लोगों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गाय है। इनमें 6 की हालत गंभीर बताई जा रही है, जबकि 3 लोगों की मौत की खबर है। बाकी लोगों की तलाश के लिए राहत और बचाव अभियान जारी है।

 

हादसे की सूचना मिलते ही दिल्ली फायर सर्विस और अन्य बचाव दल मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों के मुताबिक, करीब 12 फायर टेंडर और रेस्क्यू टीमें मलबा हटाने में जुटी हैं। घटनास्थल के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और पास की इमारत को भी एहतियातन खाली कराया गया है।

 

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कैसे ढही 5 मंजिला इमारत?

दिल्ली पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह इमारत करीब 40 से 50 साल पुरानी थी। इसमें बेसमेंट के अलावा पांच मंजिलें थीं और इसका इस्तेमाल PG के तौर पर किया जा रहा था। हादसे के वक्त बेसमेंट में मरम्मत से जुड़ा काम चल रहा था। एक चश्मदीद के मुताबिक, बारिश के बाद बेसमेंट में पानी भर गया था। इसके बाद अचानक इमारत ढ़ गई। हालांकि, पुलिस ने अभी तक इमारत गिरने की अंतिम वजह की पुष्टि नहीं की है।

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PG में 15 कमरे थे

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इमारत का इस्तेमाल छात्रों के लिए PG के तौर पर किया जा रहा था। हादसे के वक्त इमारत के नीचे सब्जी की दुकानें और रेहड़ियां थीं। आसपास कई वाहन भी खड़े थे, जिससे हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। PTI के मुताबिक, स्थानीय पुलिसकर्मी राजेन छेत्री ने बताया कि इमारत में करीब 15 कमरे थे और हर कमरे में दो से तीन छात्र रहते थे। उनके मुताबिक, छात्र एक कमरे के लिए करीब 12 हजार रुपये किराया देते थे।

CM रेखा गुप्ता ने मौके पर लिया जायजा

हादसे के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता घटनास्थल पर पहुंचीं और राहत-बचाव अभियान का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि सभी एजेंसियां युद्धस्तर पर काम कर रही हैं और मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है।

 

मौके पर DDMA, NDRF, दिल्ली फायर सर्विस, दिल्ली पुलिस, MCD, CATS और सिविल डिफेंस की टीमें काम कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि मलबे में किसी और के फंसे होने की आशंका को देखते हुए तलाशी अभियान जारी रहेगा। हादसे की वजह और इमारत में उस समय मौजूद लोगों की सही संख्या की जानकारी जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी।