NEET पेपर लीक विवाद और इसे लेकर जारी देशव्यापी विरोध के बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) सांसद निशिकांत दुबे के बयान ने नई राजनीतिक बहस छेड़ दी है। संसद के मानसून सत्र के दौरान मीडिया से बातचीत में दुबे ने कहा कि कुछ छात्र अपनी असफलता का कारण पेपल लीक को बता रहे हैं और इसे अपने माता-पिता को समझाने का बहाना बना रहे हैं। उनका कहना था कि डॉक्टर, इंजीनियर, IAS या IPS के लिए मेहनत और शिक्षा ही सफलता का रास्ता है।

 

निशिकांत दुबे का अब यह बयान सुर्खियों में आ गया है। छात्रों के इस विरोध प्रदर्शन के बीच सरकार ने भी पेपर लीक के आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है। वहीं दूसरी ओर परीक्षा अनियमितताओं के विरोध में प्रदर्शन कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने आंदोलन को और तेज करने का ऐलान करते हुए 24 जुलाई को देशव्यापी शांतिपूर्ण प्रदर्शन की घोशषणा की है।

 

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निशिकांत दुबे का बयान

निशिकांत दुबे ने कहा, 'प्रधानमंत्री ने साफ कहा है कि गिरफ्तार किए गए 13 लोगों के खिलाफ देश के सबसे बड़े वकीलों को लगाया जाएगा और उन्हें सख्त से सख्त सजा दिलाई जाएगी।'

 

उन्होंने आगे कहा, 'हर मां-बाप चाहते हैं कि उनका बच्चा अपनी मेहनत के दम पर देश के अच्छे संस्थानों में पढ़े। कुछ छात्र पेपर लीक को बहाना बनाकर अपने माता-पिता को यह समझाने की कोशिश करते हैं कि वे पढ़ाई में बहुत अच्छे हैं, लेकिन पेपर लीक की वजह से आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं। अगर किसी को मेडिकल या इंजीनियरिंग कॉलेज में दाखिला लेना है या IAS-IPS बनना है तो उसका रास्ता सिर्फ पढ़ाई और मेहनत से होकर ही जाता है।'

 

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CJP से सरकार बातचीत को तैयार

इस बीच केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने कहा है कि सरकार आंदोलनकारियों से बातचीत के लिए तैयार है। हालांकि CJP ने साफ किया है कि वह नेताओं के आवास पर जाकर बातचीत नहीं करेगा। संगठन ने सरकार से जंतर-मंतर या किसी तटस्थ स्थान पर वार्ता करने की मांग की है। CJP 20 जून से दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना दे रहा है। संगठन परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जवाबदेही तय करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहा है। अब 24 जुलाई को देशभर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन का आह्वान कर संगठन ने अपने आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर और व्यापक बनाने की कोशिश की है।