कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की ओर से आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस कंस्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में हुई। उनकी इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद से सवाल उठने लगा था कि उन्हें कंस्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में इस आयोजन के लिए अनुमति कैसे मिली और उनकी सिफारिश किसने की। अब खुलासा हुआ है कि राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) नेता और राज्यसभा सांसद मनोज कुमार झा ने इस आयोजन के लिए सिफारिश दी थी, लेकिन इसके बाद अब मनोज झा ने एक बड़ा खुलासा किया है।
मनोज झा का कहना है कि सिफारिश तो उन्होंने ही दी थी लेकिन उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं थी कि सीजेपी यह प्रेस कॉन्फ्रेंस 6 जून को प्रोटेस्ट आयोजित करने के लिए कर रही है। उन्होंने साफ किया कि वह सीजेपी के अभियान से नहीं जुड़े हुए हैं। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सीजेपी की विचारधारा स्पष्ट नहीं है।
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क्यों की सिफारिश?
मनोज झा ने कहा कि उन्हें सिर्फ इतना बताया गया था कि वे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करना चाहते हैं और इसके अलावा उन्हें कुछ भी नहीं बताया गया था। मीडिया से बात करने हुए मनोज झा ने कहा, 'आप मेरे लेटर का कंटेंट पढ़ेंगे तो यह एक पत्रकार से संबंधित है जिनसे मैं सोशल मीडिया पर जुड़ा हुआ था। इसके साथ ही दिल्ली यूनिवर्सिटी के मेरे कुछ सीनियर सहयोगियों से भी।'
सिफारिश करने के कारणों पर बात करते हुए उन्होंने कहा, 'मुझे बताया गया था कि उन्हें एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करने की आवश्यकता है। मैं आमतौर पर हर दो-तीन दिन में किसी ना किसी नागरिक समाज संगठन के लिए इस तरह का काम करता हूं। मुझे बस इतना बताया गया था कि उन्हें एक कार्यक्रम आयोजित करे की आवश्यकता है और पत्र में यह स्पष्ट रूप से लिखा है।'
क्या सीजेपी का समर्थन करते हैं मनोज झा?
मनोज झा ने कहा कि मैं देखता हूं कि मीडिया बिना तथ्यों की पुष्टि किए और मेरे पत्र की वास्तविकता को देखे बिना ही आरोप लगा रही है। उन्होंने कहा, 'अगर आप कंस्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया के संबंध में मेरे पिछले रिकॉर्ड देखेंगे तो मैंने लगातार कई नागरिक समाज संगठनों को सहायता की है। जहां तक मेरा सवाल है, इस मामले को अब बंद मान लेना चाहिए। मैंने 2012 या 2013 में, उस आंदोलन के समय भी यही कहा था। मैं इस पर कोई टिप्पणी नहीं करता। इस तरक के आंदोलन में विचारधार की स्पष्टता की कमी है।'
सीजेपी को समर्थन की बात पर उन्होंने कहा कि सीजेपी ने उनसे समर्थन नहीं मांगा। इसके साथ ही उन्होने कहा कि अगर कोई भविष्य में उनसे संपर्क करके कंस्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया की मांग करता है तो मैं इसके उद्देश्य की जांच करूंगा। मनोज झा पर सीजेपी के प्रवक्ता भी कह चुके हैं कि पार्टी में उनकी कोई भूमिका नहीं है।
6 मई को प्रदर्शन की अपील
सीजेपी के फाउंडर अभिजीत दिपके 6 मई को दिल्ली आ रहे हैं और इसी दिन उन्होंने प्रदर्शन की कॉल दी है। प्रवक्ताओं ने बताया है कि वह उसी दिन प्रदर्शन की अनुमति मांगेंगे। सीजेआई की एक टिप्पणी के बाद शुरू हुई यह ऑनलाइन कैंपेन अब ग्राउंड पर लोहा लेने के लिए तैयार है। हालांकि, ज्यादातर लोग अभी इस पार्टी की विचारधारा के बारे में जानना चाहते हैं और पार्टी शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग कर रही है।
