नौकरी पाने के लिए इंटरव्यू देना आम बात है लेकिन उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव का टिकट पाने के लिए उम्मीदवारों का इंटरव्यू लिया जा रहा है। आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद आगामी विधानसभा चुनाव के लिए टिकट के दावेदारों का साक्षात्कार ले रहे हैं। लखनऊ के वीवीआईपी गेस्ट हाउस में चल रही यह प्रक्रिया राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है।

 

पार्टी की ओर से 13 जून से 18 जून तक टिकट के दावेदारों के इंटरव्यू का कार्यक्रम तय किया गया है। पहले दिन सहारनपुर, मेरठ और मुरादाबाद मंडल के उम्मीदवार लखनऊ पहुंचे। यहां चंद्रशेखर आजाद ने उम्मीदवारों से सीधे बातचीत की और उनके राजनीतिक अनुभव, क्षेत्रीय पकड़ और चुनावी तैयारियों को परखा।

20 मिनट में पूछे जा रहे 25 सवाल

टिकट के दावेदारों से करीब 20 मिनट तक बातचीत की जा रही है। इस दौरान जातीय समीकरण, क्षेत्र में पहचान, सामाजिक कार्य, संगठन में सक्रियता, बूथ स्तर की तैयारी और चुनाव जीतने की रणनीति जैसे विषयों पर सवाल पूछे जा रहे हैं। पार्टी नेतृत्व का कहना है कि इससे उम्मीदवारों की वास्तविक क्षमता का आकलन किया जा सकेगा।

 

यह भी पढ़ें: यूपी: संगठन कमजोर, दावा 403 सीटों पर, कांग्रेस का सियासी गणित क्या है?

उम्मीदवारों ने बताया इंटरव्यू का अनुभव

बिजनौर से आए निहाल सिंह ने बताया कि वह सदर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि चंद्रशेखर आजाद के नेतृत्व में कार्यकर्ता एकजुट हैं और प्रदेश में बदलाव की लहर दिखाई दे रही है। वहीं मुजफ्फरनगर से आए कमल गौतम ने कहा कि सभी संभावित उम्मीदवारों को बुलाकर उनकी तैयारियों और योजनाओं को समझा जा रहा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वयं उम्मीदवारों से मिलकर उनकी बात सुन रहे हैं, जिसके बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी।

वोट बैंक और जातीय समीकरण पर भी सवाल

रामपुर से इंटरव्यू देने पहुंचे नरेश कुमार गौतम ने बताया कि चंद्रशेखर आजाद ने उनसे करीब 20 मिनट तक बातचीत की। इस दौरान क्षेत्र के कुल मतदाताओं की संख्या, जातीय समीकरण और पार्टी को मजबूत करने की रणनीति पर सवाल पूछे गए।रामपुर की मिलक विधानसभा सीट से आए प्रदीप कुमार ने कहा कि चंद्रशेखर आजाद युवाओं के लिए प्रेरणा हैं। उन्होंने बताया कि इंटरव्यू के दौरान उनसे राजनीति में आने का उद्देश्य और बहुजन समाज के लिए उनकी सोच के बारे में पूछा गया।

 

यह भी पढ़ें: राजवीर सिंह बचा सकेंगे कल्याण सिंह की राजनीतिक विरासत? 2027 में दांव पर रसूख

संगठनात्मक क्षमता के आधार पर होगा चयन

पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील चित्तौड़ ने बताया कि टिकट के दावेदारों का सीधा साक्षात्कार लेने का उद्देश्य उनकी संगठनात्मक क्षमता, जनाधार और चुनावी समझ का आकलन करना है। उन्होंने बताया कि 13 जून को सहारनपुर, मेरठ और मुरादाबाद मंडल के उम्मीदवारों का इंटरव्यू हुआ, जबकि 14 जून को बरेली, आगरा और अलीगढ़ मंडल के दावेदारों को बुलाया गया है। इसके बाद 15 जून को लखनऊ, अयोध्या और देवीपाटन मंडल के उम्मीदवारों का साक्षात्कार होगा।

टिकट चयन की नई प्रक्रिया बनी चर्चा का विषय

राजनीतिक दलों में आमतौर पर टिकट वितरण संगठन और नेतृत्व के स्तर पर तय किया जाता है, लेकिन आजाद समाज पार्टी द्वारा उम्मीदवारों का औपचारिक इंटरव्यू लिया जाना चर्चा का विषय बना हुआ है। पार्टी का दावा है कि इस प्रक्रिया से जमीनी स्तर पर मजबूत और सक्रिय उम्मीदवारों को मौका मिलेगा।