लखनऊ। समाजवादी पार्टी में मुरादाबाद की अंदरूनी खींचतान एक बार फिर सुर्खियों में है। विधानसभा में समाजवादी पार्टी के मुख्य सचेतक और मुरादाबाद के विधायक कमाल अख्तर ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। यह इस्तीफा ऐसे में समय आया है, जब हाल ही में मुरादाबाद की सांसद रुचि वीरा के साथ उनके विवाद को लेकर पार्टी के भीतर माहौल गरमाया हुआ था। 

 

हालांकि, पार्टी की ओर से अभी तक इस्तीफे की आधिकारिक वजह नहीं बताई गई है, लेकिन इसे हालिया घटनाक्रम से जोड़कर देखा जा रहा है। वरिष्ठ सपा नेता कमाल अख्तर ने सोशल मीडिया पर लिखा कि उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के हर आदेश का पालन किया है और आगे भी जो निर्देश मिलेगा, उसका पूरी निष्ठा से पालन करेंगे। उन्होंने इसे पार्टी की समान्य प्रक्रिया बताया। मगर, उनके इस पोस्ट के बाद राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

क्या था कमाल अख्तर और रुचि वीरा का विवाद?

मुरादाबाद में पार्टी के एक कार्यक्रम के दौरान सांसद रुचि वीरा और विधायक कमाल अख्तर के बीच तीखी नोकझोंक सामने आई थी। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था, जिसमें कमाल अख्तर सांसद से 'तमीज से बात करने' की बात कहते दिखाई दिए थे। इसके बाद दोनों नेताओं के समर्थक भी आमने-सामने आ गए और सोशल मीडिया पर बयानबाजी का दौर शुरू हो गया। इस घटनाक्रम ने मुरादाबाद में सपा की गुटबाजी को खुलकर सामने ला दिया।

 

 

 

 

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अखिलेश यादव ने दिखाई सख्ती

विवाद बढ़ने के बाद सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लखनऊ में मुरादाबाद के पांच प्रमुख नेताओं को तलब किया था। बैठक में कमाल अख्तर, सांसद रुचि वीरा समेत अन्य नेताओं से अलग-अलग बातचीत की गई। अखिलेश यादव ने सभी को स्पष्ट संदेश दिया कि व्यक्तिगत मतभेदों को सार्वजनिक मंच पर नहीं लाया जाए और संगठन की एकजुटता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने नेताओं को आपसी विवाद खत्म कर मिलकर काम करने और कार्यकर्ताओं के बीच गलत संदेश न जाने देने की हिदायत दी थी।

सुलह के बाद भी नहीं थमी हलचल

बैठक के बाद माना जा रहा था कि विवाद पूरी तरह शांत हो गया है, लेकिन अब कमाल अख्तर के मुख्य सचेतक पद से इस्तीफे ने नई अटकलों को जन्म दे दिया है। राजनीतिक जानकार इसे मुरादाबाद इकाई में जारी अंदरूनी असंतोष से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि पार्टी की ओर से अभी तक इस पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

 

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2024 में मिली थी बड़ी जिम्मेदारी

गौरतलब है कि जुलाई 2024 में मनोज कुमार पांडे के मुख्य सचेतक पद छोड़ने के बाद समाजवादी पार्टी ने कमाल अख्तर को विधानसभा में मुख्य सचेतक की जिम्मेदारी सौंपी थी। अब उनके इस्तीफे ने पार्टी के भीतर नए राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाओं का दौर तेज कर दिया है।