लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने शनिवार को कहा कि देश का 'सिस्टम' पूरी तरह कब्जे में ले लिया गया है। उन्होंने कहा कि यह सिस्टम ऐसे छात्र नहीं चाहता, जो सवाल पूछते हों। राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश के इंदौर में 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में यह बयान दिया।

इस कार्यक्रम में राहुल गांधी ने देश में शिक्षकों के खाली पदों का मुद्दा उठाया और कहा कि छात्र ही भारत का भविष्य हैं। उन्होंने छात्रों से सीधा संवाद भी किया, जिसमें कुछ छात्रों ने मध्य प्रदेश की भर्ती परीक्षाओं में 13 प्रतिशत आरक्षण का मुद्दा भी उठाया। 

कांग्रेस नेता राहुल गांधी के इस बयान पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पलटवार करते हुए उन्हें 'लापरवाह नेता' बताया और कहा कि वे बिना पूरी तैयारी के राज्य में आए थे।

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'छात्रों से डरता है सिस्टम क्योंकि वे सवाल पूछते हैं'

छात्रों को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि सिस्टम छात्रों से डरा हुआ महसूस करता है, क्योंकि छात्र सवाल पूछते हैं। इस दौरान उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का भी जिक्र किया। 

राहुल गांधी ने कहा, 'एक छात्र यह पूछता है कि अमित शाह के बेटे क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष कैसे बने। छात्र यह भी सवाल पूछते हैं कि दो लोगों ने भारत के पूरे कारोबारी क्षेत्र पर कैसे कब्जा कर लिया। छात्र यह भी पूछते हैं कि न्यायपालिका और बाकी संस्थान अपना काम ठीक से क्यों नहीं कर रहे और चुनाव आयोग अपनी जिम्मेदारी क्यों नहीं निभा रहा।'

'सिस्टम को छात्र नहीं, अंधभक्त चाहिए'

राहुल गांधी ने कहा कि इसी वजह से सिस्टम को छात्र नहीं बल्कि 'अंधभक्त' चाहिए। उन्होंने कहा कि अंधभक्त छात्र के बिल्कुल विपरीत होता है। राहुल गांधी ने कहा कि जहां छात्र सवाल पूछता है और जिज्ञासु बना रहता है, वहीं अंधभक्त अपनी ही एक भ्रामक दुनिया में जीता है।

'हिंसा और नफरत खत्म कर सकते हैं सिर्फ छात्र'

छात्रों की खूबियां गिनाते हुए राहुल गांधी ने कहा कि सबसे पहले भारत के भविष्य को समझना जरूरी है। उन्होंने कहा कि कोई भी देश अपने छात्रों के बिना मजबूत नहीं बन सकता और छात्रों में सबसे अहम गुण जिज्ञासा है। उन्होंने कहा कि छात्र स्वाभाविक रूप से सवाल पूछते हैं और अलग-अलग विषयों पर जिज्ञासु रहते हैं।

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छात्रों के क्या गुण बता रहे हैं राहुल गांधी?

राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों का दूसरा गुण मोहब्बत है। उन्होंने कहा कि तीसरा गुण विनम्रता है, जिसके चलते वे अलग-अलग विचारधाराओं और नजरियों को समझने की कोशिश करते हैं। किसी से लड़ते, धमकाते या डराते नहीं हैं। उन्होंने कहा कि आखिरी और सबसे अहम गुण यह है कि छात्र ईमानदार होते हैं।

बंद स्कूलों पर राहुल गांधी ने क्या कहा?

राहुल गांधी ने इंदौर के इस कार्यक्रम में कहा कि सिर्फ छात्र ही देश से हिंसा और नफरत खत्म कर सकते हैं। उन्होंने दावा किया कि देशभर में एक लाख स्कूल बंद हुए हैं, जिनमें से 55 प्रतिशत उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में हैं।

 

एक आदिवासी छात्रा ने राहुल गांधी से इंदौर में आदिवासी छात्रावासों की कमी का मुद्दा उठाने की अपील की। राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश में चल रहे शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों के प्रदर्शन में शामिल होने की भी पेशकश की। उन्होंने मदद का भरोसा भी दिया।

राहुल गांधी के कार्यक्रम पर मोहन यादव ने क्या कहा?

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि राहुल गांधी को इस मुद्दे पर तथ्यात्मक जानकारी रखनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि जिस तरह राहुल गांधी बिना पूरी तैयारी के मध्य प्रदेश आए और अपने कार्यक्रम किए, उससे एक बार फिर साबित हो गया कि वे लापरवाह नेता हैं। यह उनके स्वभाव के अनुरूप ही है।

 

मोहन यादव ने कहा, 'राहुल गांधी ने जो सवाल उठाए हैं, उनके लिए उनकी अपनी सरकारें जिम्मेदार रही हैं। 2012-13 के दौरान देश में UPA की सरकार थी। कांग्रेस की सरकारों ने देश और राज्यों में चार से पांच पीढ़ियों तक शासन किया है, इसलिए राहुल गांधी को इन सभी सवालों का जवाब खुद देना चाहिए।'