एनसीपी (एसपी) की सांसद सुप्रिया सुले ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि परिसीमन विधेयक के संबंध में उन्होंने असदुद्दीन ओवैसी और अरविंद सावंत के साथ गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई विधेयक निष्पक्ष है तो हम उसके विरोध में नहीं है। सुले ने स्पष्ट किया कि न तो उनकी पार्टी और न ही इंडिया गठबंधन ने कभी परिसीमन की मांग नहीं की थी। सरकार को 33% महिला आरक्षण लागू करना चाहिए। 
  
प्रेस कॉन्फ्रेंस में सुप्रिया सुले ने कहा, 'अभी कोई भी बिल का प्रस्ताव हमारे यहां नहीं आया है। परिसीमन के बारे में कोई भी चर्चा न हमने की और न ही किसी ने हमारे साथ की। जब बिल आएगा... तब हमारा रुख स्पष्ट होगा लेकिन जो भी बिल आएगा, उस पर हम विस्तार से इंडिया अलायंस में चर्चा करेंगे।'
 

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तो 50% पर अटकी बात

उन्होंने आगे कहा कि इंडिया गठबंधन और एनसीपी ने परिसीमन की कोई मांग नहीं की थी। हमारी मांग सिर्फ महिलाओं के लिए 33% आरक्षण को लागू करने की थी। आप (सरकार) ने महिलाओं को आरक्षण देने का जो वादा किया था, उसे पूरा करें। इससे पहले डीएमके, एसपी और हमारी जैसी पार्टियों ने कहा था कि हम 50% कोटा के मुद्दे पर विचार करेंगे। इंडिया गठबंधन ने परिसीमन की मांग नहीं की है। 

 

 

 

 

दरअसल, विपक्षी दलों की मांग है कि अगर सीटों की संख्या में 50 प्रतिशत की वृद्धि का प्रस्ताव आता है तो वह परिसीमन बिल का समर्थन करने पर विचार कर सकते हैं। ऐसे ही संकेत सुप्रिया सुले ने भी दिए हैं। 

अमित शाह से मिल चुकीं सुप्रिया सुले

पिछले बजट सत्र में असदुद्दीन ओवैसी, मुझे और अरविंद सावंत को किरेन रिजिजू ने बुलाया था। हर पार्टी को अलग-अलग से बुला रहे थे। हम देश के गृह मंत्री अमित शाह और किरेन रिजिजू से एक साथ मिले। उन्होंने एक प्रस्ताव दिया और बाद में इंडिया अलायंस में इस प्रस्ताव पर चर्चा हुई। मल्लिकार्जुन खरगे की अगुवाई में हमने अमित शाह को पत्र लिखकर अनुरोध किया था कि वे हम सभी को अलग-अलग बुलाने की जगह एक साथ बुलाएं।

 

 

 

सभी सांसद और विधायक एकजुट: सुले

एनसीपी (एसपी) में फूट के सवाल पर सुप्रिया सुले ने कहा कि मेरे पास गपशप करने के लिए इतना फालतू समय नहीं है। मैं सूत्रों पर भरोसा नहीं करती। मैं असलियत पर यकीन करती हूं। मैं आपको यकीन दिलाती हूं कि एनसीपी (SP) के सभी 8 सांसद और हमारे सभी विधायक एकजुट हैं।

 

 

 

 

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20 जुलाई से मानसून सत्र

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के मुताबिक संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से 13 अगस्त तक चलेगा। बजट सत्र के दौरान केंद्र सरकार ने संसद में 17 अप्रैल को 131वां संविधान संशोधन विधेयक पेश किया था। यह विधेयक संसदीय सीटों को बढ़ाने और महिलाओं को 33% आरक्षण देने के उद्देश्य से लाया गया था। हालांकि विधेयक के पक्ष में 298 और खिलाफ 230 वोट पड़े थे। जबकि जरूरत दो-तिहाई बहुमत की थी।