वेस्टइंडीज की टीम ने भारत दौरे पर जबरदस्त प्रदर्शन किया। कैरेबियाई टीम ने वनडे सीरीज में 0-2 से पिछड़ने के बाद आखिरी मुकाबले में रिकॉर्ड रन चेज किया और फिर टी20 सीरीज 2-2 से ड्रॉ कराई। वेस्टइंडीज की टीम ने टीम इंडिया को कड़ी टक्कर देकर फैंस को खूब एंटरटेन किया लेकिन वह भारत से खाली हाथ लौटेगी। वह न तो सिरीज जीत पाई और न ही उसे एक भी पैसे मिले। ICC के रिवेन्यू मॉडल के मुताबिक सीरीज से हुई 285 करोड़ रुपये की कमाई के सभी पैसे मेजबान भारत के पास रहेंगे।

 

वेस्टइंडीज टीम के हेड कोच डैरेन सैमी ने इस मॉडल पर कहा कि कैरेबियाई क्रिकेट को सहारे की जरूरत है। उन्होंने वेस्टइंडीज क्रिकेट की आर्थिक चुनौतियों की ओर इशारा करते हुए कहा कि दूसरों की परवाह करने का भाव होना चाहिए।

 

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किसी को वेस्टइंडीज क्रिकेट का सहारा बनना होगा - सैमी 

वेस्टइंडीज क्रिकेट को इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) के 1997 में अपनाए गए मौजूदा रेवेन्यू बंटवारा मॉडल के तहत आर्थिक रूप से टिके रहने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। सैमी ने शनिवार रात पांचवां और अंतिम टी20 मुकाबला बारिश के कारण रद्द होने के बाद कहा, 'मेरी मां हमेशा कहती थीं कि आपके भीतर दूसरों की परवाह करने का भाव होना चाहिए। जिंदगी में आप कुछ भी करें, इस भावना को कभी नहीं खोना चाहिए। मुझे लगता है कि अब वेस्टइंडीज क्रिकेट को किसी ऐसे शख्स की जरूरत है, जो आर्थिक रूप से उसका सहारा बने।'

 

उन्होंने कहा, 'भारत में दुनिया की बेस्ट टीम के खिलाफ इस तरह की सीरीज खेलने से हमें उन लोगों के साथ बेहतर स्तर पर बातचीत करने का अवसर मिलता है, जो हमारी मदद कर सकते हैं।'

 

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बेहतर आर्थिक स्थिति कारण टीम इंडिया है मजबूत 

सैमी ने भारतीय और वेस्टइंडीज क्रिकेट की स्थिति की तुलना करते हुए कहा कि मजबूत आर्थिक व्यवस्था और योजनाबद्ध विकास से टीम के प्रदर्शन पर बड़ा असर पड़ता है। उन्होंने कहा, 'भारत जब भी ICC टूर्नामेंट में खेलने जाता है, तो उससे वर्ल्ड कप जीतने की उम्मीद की जाती है। भारतीय टीम भी जीतने की अपेक्षा के साथ उतरती है। ऐसा इसलिए है, क्योंकि उन्होंने इसके लिए जरूरी व्यवस्थाएं तैयार की हैं।'

 

उन्होंने कहा, 'वेस्टइंडीज जब किसी टूर्नामेंट में खेलने जाता है, तो उसे तमाम चुनौतियों के बावजूद अच्छा प्रदर्शन करना पड़ता है। इन दोनों स्थितियों में बड़ा अंतर है। एक तरफ जरूरी व्यवस्थाएं मौजूद हैं जबकि दूसरी तरफ चुनौतियों से जूझते हुए प्रदर्शन करना पड़ता है। इसके बावजूद हम आगे बढ़ रहे हैं और मुझे लगता है कि हमने बड़ा कदम उठाया है।'

 

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भारत के खिलाफ अच्छे प्रदर्शन से संवरेगा विंडीज क्रिकेट? 

सैमी को उम्मीद है कि भारत के खिलाफ इस प्रदर्शन के बाद क्रिकेट वेस्टइंडीज स्पॉन्सर्स और अन्य स्टेक होल्डर्स के साथ अधिक भरोसे के साथ बातचीत कर सकेगा। उन्होंने कहा, 'उम्मीद है कि इस सीरीज के बाद स्टेक होल्डर्स और स्पॉन्सर्सके साथ हमारी बातचीत पहले से बेहतर होगी। हमें अगर निवेश मिलता है तो हम ऐसी स्थिति में पहुंच सकते हैं जहां पूरी व्यवस्था को मजबूत बनाया जा सके।'

 

सैमी ने आर्थिक चुनौतियों से इतर टीम के प्रदर्शन और खिलाड़ियों के आत्मविश्वास में आए बदलाव पर भी खुशी जताई। उन्होंने कहा कि भारतीय टीम जैसी मजबूत प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ खेलने से खिलाड़ियों को अपनी क्षमता पर भरोसा बढ़ाने में मदद मिली है। उन्होंने कहा, 'हम सभी जानते हैं कि वेस्टइंडीज के लिए खेलना क्या मायने रखता है और इस दौरान किन चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इतने लंबे समय से शानदार प्रदर्शन कर रही टीम के खिलाफ छोटे प्रारूप में अच्छा खेलना बड़ी बात है। ड्रेसिंग रूम के सभी खिलाड़ियों ने सकारात्मक सोच के साथ मैदान पर प्रदर्शन किया।'

 

उन्होंने कहा, 'सबसे अच्छी बात यह रही कि टीम का पुराना आत्मविश्वास और बेखौफ अंदाज लौट आया है। इसकी शुरुआत तैयारी के दौरान ही हो गई थी। खिलाड़ी खेल का आनंद ले रहे थे और उनमें जीतने की ललक दिखाई दे रही थी। शुरुआत यहीं से होती है - इस विश्वास से कि हम इस स्तर पर खेलने के हकदार हैं और हमारा प्रदर्शन भी इसे साबित करता है।'