टीम इंडिया के सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल कोलंबो में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच के पहले दिन (23 अगस्त) असिथा फर्नांडो से भिड़ गए थे। असिथा ने यशस्वी का विकेट लेने के बाद उन्हें कुछ कहा था। इसके बाद पवेलियन लौट रहे यशस्वी मुड़े और इस श्रीलंकाई गेंदबाज से भिड़ गए। दोनों के बीच बहस होने लगी और वे हाथापाई पर उतर आए। दोनों ने सिर लड़ाया। इसके बाद यशस्वी को तीखी आलोचना का सामना करना पड़ा, क्योंकि उन्होंने गॉल में खेले गए पहले टेस्ट में निरोशन डिकवेला को स्लेज किया था।
यशस्वी के उकसाने पर डिकवेला ने अतरंगी शॉट का प्रयास किया और अपना विकेट गंवा दिया। लोगों का कहना था कि अगर आप दूसरों को स्लेज करते हो तो सहन करना भी सीखो। हालांकि यशस्वी ने सफाई दी कि श्रीलंकाई गेंदबाज ने हद पार कर दी थी, जिसका उन्होंने जवाब दिया। यशस्वी की इस सफाई से भारत के पूर्व क्रिकेटर्स चेतेश्वर पुजारा, WV रमन और सबा करीम सहमत नहीं हैं। सभी ने एक सुर में उनकी आलोचना की है।
ICC ने इस घटना के लिए यशस्वी और असिथा पर मैच फीस का 25-25 प्रतिशत जुर्माना लगाया है। साथ ही दोनों के खाते में 1-1 डिमेरिट पॉइंट भी जोड़ा गया है। कोलंबो टेस्ट के दूसरे दिन के खेल के बीच ICC ने बताया कि दोनों ने अपनी सजा मान ली है, इसलिए फॉर्मल सुनवाई की जरूरत नहीं पड़ी।
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पुजारा बोले - बॉडी कॉन्टैक्ट स्वीकार्य नहीं
दिग्गज बल्लेबाज पुजारा ने सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क पर कहा, 'एक खिलाड़ी के तौर पर आपको अपनी भावनाओं पर काबू रखना होता है। कभी-कभी गुस्सा आ ही जाता है। मैं समझ सकता हूं कि जब तक वह नाराज थे या बातचीत कर रहे थे, तब तक तो ठीक था। मुझे लगता है कि वहां तक तो यह स्वीकार्य है लेकिन जब बात इस हद तक बढ़ गई कि दोनों एक-दूसरे को धक्का देने लगे और बॉडी कॉन्टैक्ट हुआ, यह स्वीकार्य नहीं है।'
रमन का मानना है कि यशस्वी इस सीरीज में मिले मौकों का फायदा नहीं उठा पाए हैं, जिसके खीझ में उन्होंने लड़ाई की। उन्होंने कहा, 'क्रिकेट के मैदान पर थोड़ी-बहुत कहासुनी तो होती ही रहती है। ऐसा होता है, खासकर विकेट गिरने के बाद लेकिन संयम बरतना बहुत जरूरी है क्योंकि अगर आप खुद पर काबू नहीं रखेंगे, तो मुसीबत में पड़ सकते हैं और एक ऐसी सीमा होती है जिसे आप पार नहीं कर सकते। पहले टेस्ट में जब वह अच्छी लय में दिख रहे थे, तब आउट हो गए। टेस्ट मैच में आमतौर पर आप इस तरह रन आउट नहीं होते और यहां भी वह सेट थे और एक ऐसी गेंद पर आउट हो गए, जिसे वह आगे बढ़कर खेल सकते थे। उन्हें पता है कि वह मौके गंवा रहे हैं। इसलिए थोड़ा फ्रस्ट्रेशन बाहर आ रहा है।'
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सबा करीब ने की तीखी आलोचना
टीम इंडिया के सेलेक्टर रह चुके सबा करीब ने तीखी आलोचना करते हुए कहा कि इंटरनेशनल क्रिकेटर्स को अगली पीढ़ी के लिए मिसाल कायम करना चाहिए। उन्होंने कहा, 'किसी को उन दोनों को याद दिलाना चाहिए कि यह कोई 'कॉन्टैक्ट स्पोर्ट' नहीं है। यह क्रिकेट है। आपको एक-दूसरे को सिर नहीं मारना चाहिए। मुझे यह हरकत बहुत बचकानी लगती है। क्रिकेट के मैदान पर ऐसी चीजों की कोई जरूरत नहीं है।'
सबा करीम ने आगे कहा, 'ऐसे मौके आएंगे जब कोई तेज गेंदबाज या कोई गेंदबाज आपको उकसाएगा। बिना ऐसी हरकत किए भी आक्रामक रहा जा सकता है। मुझे लगता है कि यह गैरजरूरी है और हमेशा याद रखना चाहिए कि ऐसे सभी खिलाड़ी इस खेल के ब्रांड एंबेसडर होते हैं। बहुत सारे युवा इसे देख रहे हैं।'
