भारत के ग्रीको रोमन पहलवान सुनील कुमार ने एशियन गेम्स 2026 में ब्रॉन्ज मेडल जीत लिया है। सुनील ने बुधवार (30 सितंबर) को 87 किग्रा वर्ग के ब्रॉन्ज मेडल मुकाबले में फिलीपींस के कैलम जॉनस्टन रॉबर्ट्स को तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर मात दी। इस एशियाड में कुश्ती में भारत का यह पहला मेडल रहा। सुनील ने हांगझोऊ में हुए पिछले एशियन गेम्स में भी ब्रॉन्ज जीता था। इस तरह वह दो एशियाड में मेडल जीतने वाले भारत के पहले ग्रीको रोमन पहलवान बने।
इस खास पोजिशन से सुनील ने जीता मुकाबला
सुनील ने कैलम जॉनस्टन रॉबर्ट्स का दाहिना हाथ बांधकर उन्हें पटखनी देते हुए 4-0 से बढ़त बना ली। रक्षात्मक खेल रहे जॉनस्टन को 'पार टेरे' पोजिशन से जमीन पर गिराते हुए सुनील ने स्कोरिंग मूव बनाते हुए पहले ही पीरियड में मुकाबला जीत लिया। सुनील ने हांगझोऊ में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर ग्रीको रोमन शैली में भारत मेडल का 13 साल का इंतजार खत्म किया था।
कुश्ती के खेल में 'पार टेरे' ऐसी पोजिशन है, जहां एक पहलवान रक्षात्मक रूप से जमीन पर लेटता है या अपने घुटनों और हाथों पर बैठता है और दूसरा पहलवान उसके ऊपर आक्रामक स्थिति में होता है।
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ब्रॉन्ज से संतुष्ट नहीं हैं सुनील
हरियाणा के 27 साल के सुनील सेमीफाइनल में जापान के ताइजो योशिदा से तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर हार गए थे। सुनील ने ब्रॉन्ज जीतने के बाद कहा, 'मैं खुश हूं लेकिन संतुष्ट नहीं हूं। मैंने एशियन गेम्स में ब्रॉन्ज मेडल पहले भी जीता है। जापानी प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ गलती का मैंने खामियाजा भुगता। तकनीकी के बजाय दमखम का अधिक प्रयोग किया।'
निशा दहिया ब्रॉन्ज भी नहीं जीत सकीं
भारत की स्टार पहलवान निशा दहिया एशियन गेम्स में ब्रॉन्ज भी नहीं जीत सकीं। महिलाओं के 68 किग्रा वर्ग के प्री-क्वार्टर फाइनल में निशा को नॉर्थ कोरिया की सोल गुम पाक के हाथों शिकस्त झेलनी पड़ी। निशा को पेरिस ओलंपिक के क्वार्टर-फाइनल में भी सोल गुम पाक के हाथों हार मिली थी। निशा ने मुकाबले में 2-0 की बढ़त बनाई थी लेकिन नॉर्थ कोरियाई पहलवान ने चार अंक का दांव लगाकर पहले पीरियड के अंत तक 4-2 की बढ़त हासिल कर ली।
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दूसरे पीरियड में निशा ने दो अंक लेकर स्कोर 4-4 से बराबर कर दिया। इसके बाद कोई भी पहलवान अंक नहीं बना सकी और बड़े दांव के आधार पर सोल गुम पाक को विजेता घोषित किया गया। सोल गुम पाक ने फाइनल में जगह बनाकर निशा के लिए रेपेचेज का रास्ता खोला लेकिन भारतीय पहलवान इस मौके का फायदा नहीं उठा सकीं और साउथ कोरिया की पार्क ह्योनयोंग के खिलाफ 'फॉल' से हार गईं।
