भारतीय महिला हॉकी टीम ने वर्ल्ड कप में चीन को 2-2 से ड्रॉ पर रोककर अपने अभियान का जोरदार आगाज किया है। चीन की टीम ओलंपिक सिल्वर मेडलिस्ट और वर्ल्ड रैंकिंग में चौथे नंबर पर है। भारतीय टीम रैंकिंग में 9वें नंबर पर है। चीन ने पिछले साल एशिया कप के फाइनल में भारत को 4-1 से हराया था। उसकी मजबूत टीम को देखते हुए इस बार भी टीम इंडिया की हार तय मानी जा रही थी लेकिन सलीमा टेटे की टीम ने सबको गलत साबित कर दिया।
भारतीय टीम ने 8वें मिनट में ही नवनीत कौर के गोल की बदौलत बढ़त हासिल कर ली थी। नेहा ने सर्कल के बाहर से गेंद को अंदर भेजा, जिस पर नवनीत ने गोल करके भारत को 1-0 कर दिया। हालांकि जल्द ही चीन ने वापसी कर ली। उसने पेनल्टी स्ट्रोक पर गोल करके स्कोर बराबर कर दिया। भारत ने 25वें मिनट पर फिर से बढ़त बनाई। दीपिका ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदला और स्कोर 2-1 कर दिया। भारतीय टीम ने हाफ टाइम तक बढ़त को बरकरार रखा, जिससे चीन की टीम दबाव में नजर आ रही थी।
चीन ने तीसरे क्वार्टर में भारतीय टीम की अनुभवहीनता का फायदा उठाया और अपना दबदबा दिखाते हुए फिर स्कोर बराबर कर दिया। उसने 39वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर पर गोल दागा। चीन ने इसके बाद भी हमले तेज किए लेकिन भारतीय डिफेंस ने उसे रोके रखा। आखिरी क्वार्टर में चीन ने पेनल्ट-क्वार्टर हासिल कर खतरा पैदा किया लेकिन भारत ने इसे सफलतापूर्वक डिफेंड कर लिया। टीम इंडिया के लिए पूल स्टेज में यह सबसे कठिन मुकाबला था, जिसे उसने बराबरी पर खत्म कर मेडल की उम्मीदें जगा दी हैं।
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भारत का अगला मुकाबला किससे है?
भारतीय टीम अब अगले मुकाबले में साउथ अफ्रीका से भिड़ेगी। इसे इतना मुश्किल नहीं माना जा रहा है, क्योंकि साउथ अफ्रीका की वर्ल्ड रैंकिंग 18 है। इंग्लैंड ने उसे अभी-अभी वर्ल्ड कप में 4-0 से धोया है। हालांकि भारतीय टीम को सिर्फ जीत नहीं बल्कि बड़ी जीत हासिल करनी होगी। टीम इंडिया इस मुकाबले में बड़े अंतर से जीत दर्ज करती है तो वह पूल-डी के टॉप-2 में रहने का मजबूत दावा ठोक देगी। इस पूल में फिलहाल इंग्लैंड की टीम टॉप पर है।
चीन और भारत दूसरे स्थान पर हैं, जबकि साउथ अफ्रीका चौथे स्थान पर है। पूल से टॉप-2 टीमें दूसरे राउंड में जाएंगी। वर्ल्ड कप में इस बार हर पूल से टॉप-2 टीमें दूसरे राउंड में पहुंचेंगी, जहां उन्हें फिर से दो पूल में बांटा जाएगा। इस स्टेज में टीमें 3 नहीं बल्कि 2-2 मैच खेलेंगी। अगर भारत और चीन दोनों अगले राउंड में जाते हैं तो उनका एक-दूसरे से सामना नहीं होगा और पहले पूल स्टेज के 1-1 अंक आगे जाएंगे। इसलिए भारत की संभावनाओं के लिए चीन के खिलाफ ड्रॉ काफी महत्वपूर्ण था।
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इंग्लैंड से 20 अगस्त को टक्कर
वर्ल्ड कप में भारतीय टीम 20 अगस्त को इंग्लैंड से टकराएगी। यह मुकाबला भी बेहद महत्वपूर्ण होगा। इंग्लैंड की टीम दुनिया की सातवीं रैंकिंग की टीम है। भारत को इस मुकाबले में भी अच्छा प्रदर्शन करना होगा। टीम इंडिया के कोच शोर्ड मारिन ने चीन के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन के बाद टीम को आत्ममुग्धता से बचने की सलाही दी है।
कोच मारिन ने कहा, 'यह मैच सबसे अहम था और इसे ड्रॅा कराने के बाद अब हमें अपने बाकी मैचों में अपने खेल पर फोकस रखने की सहूलियत मिल गई है। हमें दूसरी टीमों के समीकरणों के बारे में नहीं सोचना है लेकिन आत्ममुग्धता से बचते हुए आगे के मैचों में भी यह लय कायम रखनी है।'
टीम इंडिया को करना होगा यह सुधार
वर्ल्ड कप क्वालिफायर में प्लेयर आफ द टूर्नामेंट रहीं नवनीत कौर ने उस लय को कायम रखा है, जो भारत के लिए अच्छा संकेत है। स्टार ड्रैग फ्लिकर दीपिका भी रिंग में दिखीं और पेनल्ट कॉर्नर हासिल किया और उसे गोल में बदला। सुनेलिटा टोप्पो, इशिका, शिल्पी डबास समेत वर्ल्ड कप में डेब्यू करने वाली खिलाड़ियों ने भी बड़ी टीम से खेलने का दबाव लिए बिना अपना स्वाभाविक खेल दिखाया, जिसे अच्छा माना जा रहा है।
हालांकि कोच मारिन ने कहा है कि भारत को गेंद हासिल करने और अपने पास रखने पर काम करना होगा। पहले क्वार्टर में गेंद पर पूरी तरह से कब्जा करने वाली भारतीय टीम हाफटाइम तक 2-1 से बढत बनाने के बाद ढीली पड़ गई और तीसरे क्वार्टर में डिफेंसिव हॉकी खेलती नजर आई, जिसका फायदा उठाकर चीन ने बराबरी का गोल दाग दिया।
मारिन ने कहा, 'हमने पेनल्टी कॉर्नर पर गोल किया और फील्ड गोल भी दागा लेकिन तीसरे क्वार्टर के खेल से मैं खुश नहीं हूं। हमें गेंद को हासिल करने और उस पर कब्जा बनाए रखने पर काम करना होगा। पहले मैच के ड्रॉ के बाद टीम ने राहत महसूस की होगी और आगे प्रदर्शन मैच दर मैच बेहतर होता जाएगा।'
