चंडीगढ़ में अब ऑनलाइल ऐप के जरिए कैब और बाइक-ऑटो बुक करने में लोगों को अब पेरशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन ने शहर में काम कर रहे चार बड़े कैब एग्रीगेटर ओला, उबर, इनड्राइव और रैपिडो के लाइसेंस छह महीने के लिए सस्पेंड कर दिया है। इसके बावजूद ऐप पर कैब बुकिंग जारी है लेकिन अब प्रशासन ने इसको रोकने का प्लान बना लिया है। प्रशासन ने अब केंद्र सरकार से GPS आधारित ट्रैकिंग के जरिए इन ऐप्स की निगरानी बढ़ाने के लिए मदद की मांग की है। इसके बाद अब कैब ड्राइवरों और सवारी की परेशानी बढ़ सकती हैं।
इस पूरे मामले में सबसे जरूरी बात यह है कि इन कंपनियों के ऐप मोबाइल फोन से पूरी तरह बंद नहीं हुए हैं। कई मामलों में ऐप पर बुकिंग की सुविधा अभी भी दिखाई दे रही है। इसी वजह से प्रशासन अब केंद्र सरकार से जीपीएस आधारित तकनीक के जरिए इन ऐप को चंडीगढ़ में ब्लॉक कराने में मदद मांग रहा है। प्रशासन के मुताबिक, सस्पेंड किए जा चुके प्लेटफॉर्म के जरिए चल रही कैब पर कार्रवाई भी की जा रही है। पुलिस कैब ड्राइवर्स को रोककर उनका चालान भी कर रही है।
बड़े कैब एग्रीगेटर बंद
चंडीगढ़ में कैब कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई एक साथ नहीं हुई। सबसे पहले जून में ओला का लाइसेंस छह महीने के लिए सस्पेंड किया गया। इसके बाद अगस्त में इनड्राइव पर कार्रवाई हुई और फिर 8 सितंबर को उबर और रैपिडो के लाइसेंस भी छह महीने के लिए सस्पेंड कर दिए गए। इसके साथ ही चंडीगढ़ में चारों प्रमुख ऐप आधारित कैब एग्रीगेटर के लाइसेंस निलंबित हो गए। पूरे देश में इन्हीं चारों के जरिए ज्यादातर कैब बुकिंग होती है।
स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी यानी STA ने यह कार्रवाई चंडीगढ़ एडमिनिस्ट्रेशन मोटर व्हीकल एग्रीगेटर्स रूल्स, 2025 के तहत की है। प्रशासन ने कंपनियों पर तय नियमों का पालन नहीं करने का आरोप लगाया है। इसमें ड्राइवरों के लिए जरूरी बीमा, निर्धारित किराये का पालन, वाहनों की पात्रता, ट्रेनिंग और सुरक्षा से जुड़े नियम शामिल हैं।
यात्रियों के सामने नई परेशानी
कैब एग्रीगेटर पर लगी रोक का सीधा असर यात्रियों पर पड़ रहा है। चंडीगढ़ में बड़ी संख्या में लोग रोजाना कैब से ऑफिस, कॉलेज, रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट जाते हैं। ऐसे यात्रियों के सामने अब ऐप आधारित कैब के विकल्प काफी सीमित हो गए हैं। कैब की उपलब्धता कम होने के साथ किराये को लेकर भी यात्रियों की परेशानी बढ़ी है। ऑनलाइन ऐप के जरिए यात्री कैब ड्राइवर्स की मनमाने किराए की लूट से बच जाते थे लेकिन अब कैब ड्राइवर्स मनमाना किराया मांग रहे हैं। इसके साथ ही यात्रियों को देर रात और सुबह जिस समय ऑटो और कैब आमतौर पर ऐप के जरिए ही मिलते थे ऐसे समय में कैब बुक करने में दिक्कत हो रही है। बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन से तो कैब और ऑटो मिल जाता है लेकिन अन्य जगहों पर यह सुविधा अब नहीं है।
भारत टैक्सी ही विकल्प
चारों बड़े प्राइवेट कैब एग्रीगेटर के लाइसेंस सस्पेंड होने के बाद चंडीगढ़ में भारत टैक्सी एक प्रमुख ऐप आधारित विकल्प बनकर सामने आई है। इसे सहकारी मॉडल पर चलाया जा रहा है। इसमें ड्राइवरों को सिर्फ सेवा देने वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि सहकारी व्यवस्था का हिस्सा बनाने पर जोर है। चंडीगढ़ में भारत टैक्सी की औपचारिक शुरुआत 18 सितंबर को हुई। इसका शुभारंभ चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने किया। प्रशासन इसे कैब सेक्टर में ड्राइवरों की भागीदारी बढ़ाने वाले मॉडल के तौर पर पेश कर रहा है। अब प्रशासन कह रहा है कि यात्रियों को कोई परेशानी नहीं होगी और वे भारत टैक्सी का इस्तेमाल कर सकते हैं।
असमंजस में ड्राइवर
चार पहिया और दो पहिया गाड़ियों के जरिए शहर में सैकड़ों लोग कैब सुविधा दे रहे थे, जो उनके रोजगार का मुख्य साधन था। एक कैब ड्राइवर ने खबरगांव से बातचीत में बताया, 'अब समझ नहीं आ रहा है क्या करें। सारी ऐप बैन कर दी है और अगर सवारी उठाते हैं तो चालान कटने का डर रहता है। भारत टैक्सी चल रही है और मैंने वह डाउनलोड भी कर लिया है लेकिन उस पर राइड ही नहीं मिलता। अब समझ नहीं आ रहा आगे क्या होगा।'
यह स्थिति सिर्फ एक कैब ड्राइवर की नहीं है बल्कि लगभग सभी ड्राइवरों की यह दिक्कत है। ओला, उबर, इनड्राइव और रैपिडो के जरिए ही लोग कैब बुक कर रहे हैं लेकिन यह ड्राइवर के लिए परेशानी बन रहा है। इससे बचने के लिए ड्राइवर राइड शुरू होने से पहले ही राइड सवारी से कैंसिल करवा दे रहे हैं ताकि पुलिस उनका चालान ना कर सके। लेकिन यह भी सवारी और ड्राइवर के बीच विवाद का कारण बन रहे हैं। हालांकि, दो पहिया वाहन पर बुकिंग लेने वालों के लिए कम परेशानी हैं क्योंकि उनकी गाड़ी पर पीली नंबर प्लेन नहीं है। इससे पुलिस आम व्यक्ति और सवारी ले जा रहे ड्राइवर में फर्क नहीं कर पाती। कुल मिलाकर प्रशासन का यह फैसला कैब ड्राइवर और आम नागरिकों के लिए परेशानी खड़ी कर रहा है। हालांकि, प्रशासन का दावा है कि नागरिकों को असुविधान नहीं होने दी जाएगी और पिछले कुछ दिनों में भारत टैक्सी पर रजिस्ट्रेशन बढ़े हैं।
