पंजाब में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों पर हमले के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। मानसा में नशे के खिलाफ जंग लड़ने वाले परविंदर सिंह झोटा की हत्या का मामला अभी ठंडा नहीं हुआ था कि अब गुरदासपुर के श्री हरगोबिंदपुर साहिब एरिया के गांव माड़ी पन्नवां से भी ऐसा मामला सामने आ गया। इस मामले में एक व्यक्ति की मौत हो गई और दो जख्मी हो गए।
रिपोर्ट्स के अनुसार, यहां नशा बेचने से रोकने पर तीन लोगों पर तेजधार हथियारों से हमला कर दिया गया। तीनों को जख्मी हालत में अस्पताल पहुंचाया गया, जहां हमले में 40 साल के बिक्रमजीत सिंह की मौत हो गई, जबकि निशान सिंह और गुरमुख सिंह गंभीर रूप से जख्मी हो गए।
यह भी पढ़ें: 'आतंकी पैदा करना चाहती है कांग्रेस', विपक्ष पर जमकर भड़के राजनाथ सिंह
दहशत में ग्रामीण
हमले में जख्मी हुए गुरमुख सिंह ने बताया कि गांव में नशा बेचने वालों की वजह से अन्य ग्रामीणों को काफी परेशानी हो रही थी। गुरुवार को जब उन्हें नशा बेचने से रोका गया तो 15 से ज्यादा लोगों ने उस पर, बिक्रमजीत सिंह और निशान सिंह पर हथियारों से जानलेवा हमला कर दिया। बिक्रमजीत की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। देर रात हुई इस वारदात के बाद से गांव में दहशत का माहौल है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
नशा तस्करी पर मुहर?
नशे के खिलाफ जंग के दौरान लगातार दो लोगों की हत्या और कई के जख्मी होने से लोगों में काफी गुस्सा देखने को मिल रहा है। मानसा में परमिंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद एक दिन के लिए पंजाब बंद भी किया गया था और लगातार मानसा और पंजाब के अन्य हिस्सों में विरोध प्रदर्शन जारी है। हालांकि, पुलिस अभी दोनों मामलों की जांच में जुटी है, लेकिन लगातार ऐसी वारदातें सामने आने से इस बात पर मुहर लग रही है कि पंजाब में नशा तस्करी धड़ल्ले से जारी है।
यह भी पढ़ें: UP: सुजलाम शक्ति समूह से जुड़ीं 5 लाख महिलाओं ने की 1.43 करोड़ जल नमूनों की जांच
अमित शाह ने घेरी पंजाब सरकार
पंजाब में बढ़ते नशे और इससे जुड़ी हत्याओं को लेकर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने पंजाब सरकार पर निशाना साधा है। एक्स पर पोस्ट कर गृहमंत्री ने पंजाब सरकार से इस मुद्दे पर जवाब मांगा है। अमित शाह ने कहा कि आखिर पंजाब के लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा? शाह के ट्वीट के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) भी मैदान में उतरी और गुजरात में पकड़े गए नशे और बॉर्डर पार से आ रहे नशे को लेकर सवाल उठाए। एक्स पर पोस्ट कर शाह ने कहा कि पंजाब आज नशीले पदार्थों, गैंगस्टरवाद और संगठित अपराध के बढ़ते खतरों से जूझ रहा है। आखिर पंजाब की जनता की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन निभाएगा?
'नशे का कलंक नहीं लगने देंगे'
युद्ध नशे के विरुद्ध अभियान के तहत पंजाब के सीएम भगवंत मान ने फिल्लौर में अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में सभी जिलों के एसएसपी, डीसी, डीएसपी व एसडीएम शामिल हुए। सीएम मान ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाइ, हम सब का जनआंदोलन बनना चाहिए। सीएम ने कहा, 'गुरुओं और संतों की पवित्र भूमि पर नशे का कलंक नहीं लगने देंगे। ऐसा न होने दें... आइए, हम सब मिलकर महाराजा रणजीत सिंह के न्यायपूर्ण शासन वाले 'रंगला पंजाब' का पुनर्निर्माण करें।'
