उत्तर प्रदेश के जिला भदोही में रविवार दोपहर एक दर्दनाक सड़क हादसे ने तीन परिवारों को कभी न भूलने वाला जख्म दे दिया। औराई कोतवाली क्षेत्र के इटवा गांव के पास बाइक डिवाइडर से टकराने के बाद सड़क किनारे बने गहरे नाले में जा गिरी। हादसे में बाइक सवार तीनों युवकों की मौत हो गई। मृतक एक ही गांव मेदिनीपुर के रहने वाले थे। एक साथ तीन युवकों की मौत की खबर गांव पहुंची तो चीख-पुकार मच गई। जिन घरों में रोजमर्रा की जिंदगी चल रही थी, वहां अचानक मातम छा गया। किसी परिवार ने अपना कमाने वाला सदस्य खो दिया, तो किसी के घर का चिराग बुझ गया। हादसे के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है।
जानकारी के मुताबिक, रविवार दोपहर तीनों युवक बाइक से महराजगंज की ओर से अपने गांव मेदिनीपुर लौट रहे थे। इसी दौरान औराई कोतवाली क्षेत्र के इटवा गांव के पास उनकी बाइक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक सड़क किनारे बने करीब पांच फुट गहरे नाले में जा गिरी। हादसे में तीनों युवकों को गंभीर चोटें आईं, खासकर उनके सिर पर गहरी चोट लगी।घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोग मदद के लिए पहुंचे और पुलिस को सूचना दी गई। तीनों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। डॉक्टर डॉ. नवनीत दुबे के मुताबिक, तीनों युवकों ने हेलमेट नहीं पहना था। सिर में गंभीर चोट और ब्रेन हेमरेज उनकी मौत की वजह बना।
पत्नी और दो बेटियों पर टूटा दुखों का पहाड़
हादसे में जान गंवाने वालों में मेदिनीपुर गांव निवासी विवेक बिंद (29) भी शामिल था। वह चार भाइयों में तीसरे नंबर पर था और गुजरात में एक स्टील कंपनी में मजदूरी करता था। उसके पिता चुन्नीलाल भी वहीं काम करते हैं। विवेक की मौत से उसकी पत्नी और दो छोटी बेटियों के सिर से पिता का साया उठ गया। उसकी दोनों बेटियों की उम्र करीब ढाई साल और डेढ़ साल बताई गई है। परिवार के लिए यह क्षति बेहद बड़ी है और अब बच्चों की परवरिश की जिम्मेदारी भी गंभीर चिंता बन गई है।
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सूरज बिंद परिवार का इकलौता बेटा था
सूरज बिंद (20) अपने परिवार का इकलौता बेटा था। वह सूरत में एक कपड़े की दुकान पर काम करता था और हादसे वाले दिन ही सुबह घर लौटा था। उसके पिता पप्पू बिंद मुंबई में मजदूरी करते हैं। सूरज की मौत की खबर से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। घर के इकलौते बेटे को खोने का गम परिजनों के लिए असहनीय है।
पुनीत बिंद की मौत से परिवार सदमे में
वहीं, 19 वर्षीय पुनीत बिंद चार भाइयों में सबसे छोटा था। वह लोहरापुर, मिर्जापुर स्थित स्कूल में हाईस्कूल की पढ़ाई कर रहा था। उसके पिता भी मुंबई में काम करते हैं। पढ़ाई कर रहे पुनीत की मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। तीनों युवकों की मौत से गांव में हर कोई दुखी है और मृतकों के परिजनों को सांत्वना देने के लिए लोग उनके घर पहुंच रहे हैं।
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पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे
हादसे की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस की ओर से आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। हादसा किन परिस्थितियों में हुआ, इसकी जांच की जा रही है।इस घटना ने एक बार फिर सड़क पर सुरक्षा के प्रति लापरवाही के गंभीर परिणामों को सामने ला दिया है। हेलमेट न पहनने की स्थिति में दुर्घटना के दौरान सिर पर गंभीर चोट लगने का खतरा बढ़ जाता है। भदोही में हुए इस हादसे में तीन परिवारों ने अपने अपनों को खो दिया और मेदिनीपुर गांव में शोक का माहौल छा गया।
