बिहार सरकार ने बाढ़ पीड़ितों को बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बाढ़ से प्रभावित 1.60 लाख परिवारों के बैंक खातों में 112.14 करोड़ रुपये भेजे हैं। हर परिवार को 7 हजार रुपये की मदद दी गई है। सरकार ने एलान किया है कि वह बाढ़ से फसल बर्बाद होने वाले किसानों की भी मदद करेगी। 14 अक्टूबर को इन किसानों को कृषि इनपुट सब्सिडी दी जाएगी। साथ ही सम्राट सरकार ने बाढ़ से टूटी सड़कों को दीपावली से पहले ठीक करने का निर्देश दिया है।

 

पिछले महीने भारी बारिश और गंगा का जलस्तर बढ़ने की वजह से बिहार के 15 जिलों में बाढ़ आई थी। इससे करीब 50 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। अनुमान के मुताबिक, लगभग 1.5 लाख हेक्टेयर में फसल प्रभावित हुई थी। धान और मक्का के साथ सब्जियों और केले की फसल को भारी नुकसान हुआ था।

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10 लाख से ज्यादा परिवारों को मदद

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत देने के लिए दूसरे चरण में 112.14 करोड़ रुपये भेजे हैं। इस चरण में 1 लाख 60 हजार 201 परिवारों के खातों में 7 हजार रुपये प्रति परिवार के हिसाब से पैसे भेजे गए हैं। यह राशि सीधे बैंक खातों में भेजी गई है।

 

इससे पहले 15 सितंबर को पहले चरण में 8 लाख 77 हजार 190 परिवारों को मदद पहुंचाई गई थी। इन परिवारों को 614.03 करोड़ रुपये दिए गए थे। दोनों चरणों को मिलाकर अब तक 10 लाख 37 हजार 391 परिवारों के खातों में 726.17 करोड़ रुपये भेजे जा चुके हैं।

 

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से राहत से छूट गए परिवारों की पहचान करने को कहा है। जिलाधिकारी गांव-गांव जाकर ऐसे परिवारों की सूची बनाएं जो मदद के पात्र हैं, लेकिन अब तक उन्हें सहायता नहीं मिली है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि कोई भी पात्र परिवार सरकारी मदद से वंचित नहीं रहना चाहिए।

 

'आज 1 लाख 60 हजार 201 बाढ़ पीड़ित परिवारों को अनुग्रहिक अनुदान वितरण के तहत उनके बैंक खातों में 7 हजार रुपये प्रति परिवार की दर से 112.14 करोड़ रुपये की राशि डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की गई है। पहले चरण में 8,77,190 बाढ़ प्रभावित परिवारों को प्रति परिवार 7 हजार रुपये की दर से अनुग्रह अनुदान की राशि उपलब्ध कराई गई थी। बाढ़ के दौरान संबंधित विभाग के लोगों एवं प्रशासन के द्वारा राहत एवं बचाव कार्य को बेहतर ढंग से किया गया।'

-बिहार के मुख्यमंत्री, सम्राट चौधरी

 

 

 

 

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दीपावली से पहले ठीक होंगी टूटी सड़कें

बाढ़ के कारण बिहार में कई जगह सड़कें और पुल टूट गए थे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इनकी मरम्मत का काम प्राथमिकता से पूरा करने का निर्देश दिया है। सम्राट चौधरी ने दीपावली से पहले सड़कों और दूसरी जरूरी सुविधाओं को बहाल करने की बात कही है। इसका मकसद लोगों को आने-जाने में होने वाली परेशानी से बचाना है, ताकि त्योहार के दौरान को कोई समस्या ना हो। 

 

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बाढ़ से होने वाले नुकसान को कम करेगी सरकार

मुख्यमंत्री ने बताया है कि सरकार बाढ़ से बचने का स्थाई समाधान ढूंढ़ रही है। उन्होंने कहा कि, 'बिहार में हर साल बाढ़ से काफी नुकसान होता है। इससे बचने के लिए सरकार स्थायी समाधान की दिशा में काम कर रही है। इसके तहत बांधों को मजबूत करने और नदियों की उड़ाही जैसी योजनाओं पर ध्यान दिया जा रहा है। बाढ़ से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए ठोस और लंबे समय तक चलने वाली योजना जरूरी है।'

 

इस मौके पर उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और बिजेन्द्र प्रसाद यादव समेत कई मंत्री और अधिकारी मौजूद रहे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी जिलों के जिलाधिकारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए।