बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने काम में लापरवाही और विलंब पर सख्त रुख अपनाया है, विभाग के सचिव ने कहा कि काम में विलंब पर अब बहानेबाजी नहीं चलेगी। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अपर सचिव अमित कुमार पांडेय की अध्यक्षता में राजस्व  में समस्तीपुर, दरभंगा और कैमूर जिले के अधिकारियों के काम की समीक्षा की गई। बैठक में राजस्व विभाग की विभिन्न सेवाओं की प्रगति, लंबित मामलों के निपाटरे की समय-सीमा की समीक्षा की थी। अपर सचिव ने स्पष्ट कहा कि कार्यों के निष्पादन में विलंब के लिए अनावश्यक बहानेबाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

 

बैठक में तीन जिलों के सभी अंचल अधिकारियों के काम को बारी-बारी से समीक्षा की गई। किस अंचल में कितने मामले लंबित हैं। कितने मामलों का निष्पादन हुआ है। राजस्व महा-अभियान की क्या स्थिति है। जमाबंदी सुधार के कितने आवेदन आए हैं। कितने का निष्पादन हुआ है। मृत रैयतों के उत्तराधिकारियों के नामांतरण की क्या स्थिति है। इन सभी बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा हुई। अपर सचिव ने कहा कि कई अंचलों का प्रदर्शन बहुत खराब है। कई अंचलों में सैकड़ों मामले लंबित हैं। यह स्थिति ठीक नहीं है। सभी अंचल अधिकारी अपने प्रदर्शन में सुधार लाएं। लंबित मामलों का जल्द निपटारा करें।

 

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लंबित मामलों को लेकर हुई चर्चा

समीक्षा के दौरान अपर सचिव ने स्पष्ट कहा कि कार्यों के निष्पादन में विलंब के लिए अनावश्यक बहानेबाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए कार्यक्षमता और प्रदर्शन में सुधार लाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि कार्यों में ईमानदारी के साथ-साथ बेहतर प्रदर्शन भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। सभी अंचलों के पास कार्यों के निष्पादन के लिए स्पष्ट माइक्रो प्लान होना चाहिए, ताकि निर्धारित समय-सीमा के भीतर लक्ष्यों को हासिल किया जा सके। उन्होंने अधिकारियों से अपने कार्यों का इस प्रकार निष्पादन करने को कहा, जिससे वे स्वयं भी अपने प्रदर्शन से संतुष्ट हो सकें।

 

अपर सचिव ने कहा कि राजस्व विभाग सीधे जनता से जुड़ा विभाग है। जनता के जमीन से जुड़े मामले इसी विभाग से जुड़े हैं। जमाबंदी, दाखिल-खारिज, परिमार्जन, नामांतरण जैसे कार्य जनता के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। इनमें विलंब होता है तो जनता को परेशानी होती है। जनता को कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी अंचल अधिकारी अपने कार्यालय में जनता की समस्याएं सुनें। उनका जल्द निपटारा करें। उन्होंने कहा कि कई अंचल अधिकारी बहानेबाजी करते हैं। कभी सर्वर डाउन का बहाना, कभी कर्मचारियों की कमी का बहाना, कभी संसाधनों की कमी का बहाना। यह सब नहीं चलेगा। उपलब्ध संसाधनों में ही बेहतर प्रदर्शन करना है।

 

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सर्वर डाउन और स्टाफ कमी का बहाना नहीं चलेगा

बैठक में जमाबंदी में त्रुटियों के सुधार तथा मृत जमाबंदी रैयतों के उत्तराधिकारियों के नामांतरण के लिए संचालित 45 दिवसीय विशेष अभियान की प्रगति की समीक्षा की गई। इसके अतिरिक्त राजस्व महा-अभियान के दौरान प्राप्त आवेदनों के निष्पादन सहित विभाग की अन्य सभी सेवाओं की स्थिति का भी आकलन किया गया। लंबित मामलों के निष्पादन में पिछड़े अंचलों के अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर मामलों का शीघ्र निपटारा करने का निर्देश दिया गया। अपर सचिव ने कहा कि 45 दिवसीय विशेष अभियान बहुत महत्वपूर्ण है। इस अभियान के तहत जमाबंदी में त्रुटियों का सुधार करना है। कई जमाबंदी में नाम गलत है। खाता-खेसरा गलत है। रकबा गलत है। इसे सुधारना है।


उन्होंने कहा कि मृत जमाबंदी रैयतों के उत्तराधिकारियों के नामांतरण का कार्य भी तेजी से करना है। कई जमाबंदी ऐसे रैयतों के नाम पर है जिनकी मृत्यु हो चुकी है। उनके उत्तराधिकारियों के नाम पर जमाबंदी नहीं हुई है। इससे परिवार में विवाद होता है। जमीन की खरीद-बिक्री में परेशानी होती है। इसलिए वंशावली के आधार पर उत्तराधिकारियों का नामांतरण जल्द किया जाए। इसके लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। सभी अंचल अधिकारी इस अभियान में तेजी लाएं। घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करें। शिविर लगाकर आवेदन लें और उनका निष्पादन करें।

 

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नाम, खाता, खेसरा और रकबा में गलती सुधारें

अपर सचिव ने प्रदर्शन में पिछड़ रहे अंचलों को विशेष रूप से सुधार लाने का सख्त निर्देश दिया। उन्होंने लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन और अभियान के लक्ष्यों को समय पर पूरा करने के लिए प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने कहा कि जो अंचल पिछड़ रहे हैं, वे अपने प्रदर्शन में सुधार लाएं। नहीं तो कार्रवाई होगी। सभी अंचल अधिकारियों की रैंकिंग की जा रही है। खराब प्रदर्शन वाले अधिकारियों पर कार्रवाई होगी। अच्छे प्रदर्शन वाले अधिकारियों को पुरस्कृत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राजस्व महा-अभियान के दौरान लाखों आवेदन आए हैं। कई आवेदनों का निष्पादन हो चुका है, लेकिन कई अभी भी लंबित हैं। सभी लंबित आवेदनों का जल्द निष्पादन करें।


उन्होंने कहा कि सभी अंचलों के पास कार्यों के निष्पादन के लिए स्पष्ट माइक्रो प्लान होना चाहिए। रोज का लक्ष्य तय होना चाहिए। कितने परिमार्जन करने हैं। कितने दाखिल-खारिज करने हैं। कितने जमाबंदी सुधार करने हैं। इसका रोज का लक्ष्य तय करें और उसे पूरा करें। तभी बड़े लक्ष्य को समय पर पूरा किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को अपने कार्यों का इस प्रकार निष्पादन करना चाहिए, जिससे वे स्वयं भी अपने प्रदर्शन से संतुष्ट हो सकें। जनता भी संतुष्ट हो।